Pilibhit Breaking: उत्तर प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार सख्त होने का दावा करती है, लेकिन पीलीभीत में हुई एक चोरी की घटना ने इन दावों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली क्षेत्र की संजय रॉयल पार्क फेज-1 कॉलोनी में दिनदहाड़े चोरों ने एक शिक्षक दंपति के घर को निशाना बनाकर लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर चोरी कर लिए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह वारदात प्रदेश सरकार के मंत्री संजय सिंह गंगवार के आवास से महज 100-150 कदम की दूरी पर हुई बताई जा रही है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब VIP इलाके में अपराधी इतने बेखौफ हैं, तो आम मोहल्लों की सुरक्षा का क्या हाल होगा?
स्कूल गए थे शिक्षक दंपति, पीछे से चोरों ने घर कर दिया साफ
पीड़ित भरत वीर, जो प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं, ने कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी पत्नी भी प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका हैं।
28 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे दोनों अपने-अपने विद्यालय चले गए। उनकी भतीजी सुहानी कुछ देर घर पर रही, लेकिन सुबह करीब 9:30 बजे वह अपनी मौसी के घर चली गई। इसके बाद मकान पूरी तरह खाली था।
इसी दौरान सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच अज्ञात चोर घर में घुस गए और आराम से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
दोपहर में लौटे तो बिखरा पड़ा था पूरा घर
दोपहर करीब 1:15 बजे जब भरत वीर घर पहुंचे तो घर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। कमरों का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी खंगाली जा चुकी थी।
जब परिवार ने सामान की जांच की तो पता चला कि घर में रखे लाखों रुपये के कीमती जेवर गायब थे।
चोर समेट ले गए लाखों के सोने-चांदी के जेवर
पीड़ित परिवार के अनुसार चोरी हुए सामान में शामिल हैं—
- 4 सोने की चूड़ियां
- 2 सोने के नेकलेस सेट
- 1 सोने की चेन
- 4 सोने की अंगूठियां
- 7 जोड़ी चांदी की पायल
- 3 जोड़ी कान के झुमके
परिवार का कहना है कि चोरी हुए जेवरों की कीमत लाखों रुपये है।
मंत्री के आवास के पास हुई वारदात ने सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर दिया
इस पूरी घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू केवल चोरी नहीं, बल्कि उसकी लोकेशन है।
जिस इलाके में यह वारदात हुई, वहां से प्रदेश सरकार के मंत्री संजय सिंह गंगवार का आवास महज 100-150 कदम की दूरी पर बताया जा रहा है। ऐसे इलाकों में सामान्यतः पुलिस की गश्त, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी अपेक्षाकृत अधिक मानी जाती है। इसके बावजूद दिनदहाड़े चोरों का किसी घर में घुसना, इत्मीनान से चोरी करना और फरार हो जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह घटना यह सवाल पूछने पर मजबूर करती है कि आखिर अपराधियों में इतना आत्मविश्वास आया कहां से? क्या उन्हें पकड़े जाने का डर नहीं था? क्या इलाके की निगरानी में कोई कमी रह गई, या फिर चोरों ने मौके का फायदा उठाया? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बहस जरूर छेड़ दी है।
अगर VIP इलाका सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिक कितना सुरक्षित?
यह घटना केवल एक परिवार के नुकसान तक सीमित नहीं है। इसका मनोवैज्ञानिक असर पूरे शहर पर पड़ता है।
जब ऐसी वारदात ऐसे इलाके में होती है जिसे लोग अपेक्षाकृत सुरक्षित मानते हैं, तो स्वाभाविक रूप से आम लोगों के मन में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती है। लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि यदि सुरक्षा व्यवस्था वाले माने जाने वाले क्षेत्र में भी अपराधी बेखौफ होकर वारदात कर सकते हैं, तो सामान्य कॉलोनियों और गांवों की स्थिति क्या होगी?
हालांकि, इस एक घटना के आधार पर पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा, लेकिन इतना जरूर है कि इस वारदात ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चर्चा शुरू कर दी है।
पीलीभीत,
मंत्री के आवास से चंद कदम की दूरी पर संजय रायल पार्क के एक मकान में दिनदहाड़े चोरी,
15 तोले सोना और चांदी सहित लगभग 20 लाख के माल पर हाथ साफ कर बदमाश फरार,
थाना कोतवाली पुलिस मौके पर, सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से घटना का आवरण करने के प्रयास में जुटी
साथ ही आसपास के… pic.twitter.com/htTHaiIaqu
— Rocket Post Bharat (@rocketpostindia) July 28, 2026
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी
मामले में सीओ सिटी निर्मल ने बताया कि गृहस्वामी की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब नजर पुलिस की जांच पर
दिनदहाड़े हुई इस चोरी ने न केवल पीड़ित परिवार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है, बल्कि VIP इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल छोड़ दिए हैं। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है कि आखिर इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी कब तक कानून के शिकंजे में आते हैं और क्या इस घटना के बाद ऐसे संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।