UP Crime News: मथुरा के वृंदावन स्थित राजकीय बालिका गृह में 14 साल की किशोरी की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, बालिका गृह में रहने वाली दो 15 वर्षीय किशोरियों ने अपनी 14 साल की सहेली का सिर पानी से भरी बाल्टी में डुबो दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि दोनों बालिका गृह से बाहर निकलना चाहती थीं और उन्हें लगा कि किसी लड़की की मौत होने पर संरक्षण गृह बंद हो सकता है और वहां रहने वाली सभी लड़कियों को घर भेज दिया जाएगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पानी में डूबने और दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। CCTV फुटेज और पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों किशोरियों के वारदात कबूल करने की बात कही है।
वृंदावन के राजकीय बालिका गृह में हुई वारदात
राजकीय बालिका गृह मथुरा के चैतन्य विहार इलाके में स्थित है। यहां करीब 140 लड़कियां रहती हैं। शुक्रवार को यहां 14 साल की एक किशोरी की बाथरूम में मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस को मामला सामान्य या प्राकृतिक मौत का लगा, लेकिन पोस्टमॉर्टम और CCTV जांच के बाद पूरा मामला बदल गया।
बाथरूम में ले जाकर पानी में डुबोने का आरोप
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपी किशोरियों ने पूछताछ में बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे जब उनकी सहेली बाथरूम में गई तो वे भी उसके पीछे चली गईं। आरोप है कि दोनों ने उसका सिर पानी से भरी बाल्टी में डुबो दिया।
पुलिस के मुताबिक, किशोरी कुछ देर तक तड़पती रही। जब उसके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई तो दोनों उसे बाथरूम के फर्श पर छोड़कर बाहर निकल गईं।
करीब 45 मिनट बाद सिर्फ दो लड़कियां बाहर आईं
पुलिस ने बालिका गृह में लगे CCTV कैमरों की जांच की तो एक अहम बात सामने आई। जिस कमरे में मृत किशोरी रहती थी, उसके पास ही बाथरूम था। कॉरिडोर में लगे CCTV में तीन किशोरियों को बाथरूम की तरफ जाते हुए देखा गया, लेकिन करीब 45 मिनट बाद वहां से सिर्फ दो किशोरियां बाहर निकलीं।
यही बात पुलिस के शक का बड़ा आधार बनी।
दोपहर में दूसरी लड़की ने देखा
पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब साढ़े 3 बजे एक दूसरी लड़की बाथरूम में पहुंची। इसी दौरान किशोरी के वहां पड़े होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद बालिका गृह के अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी।
शुरुआत में पुलिस को यह प्राकृतिक मौत का मामला लगा, क्योंकि शव पूरी तरह सूखा हुआ था और शरीर पर चोट के निशान भी नहीं थे।
पोस्टमॉर्टम से सामने आया मौत का कारण
प्रोटोकॉल के तहत पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और साथ ही पूछताछ शुरू कर दी। शनिवार दोपहर जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम किया गया। शाम को रिपोर्ट सामने आई, जिसमें किशोरी की मौत पानी में डूबने और दम घुटने से होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच का रुख बदल दिया और बालिका गृह के CCTV फुटेज खंगाले गए।
CCTV दिखाकर पूछताछ की गई
SSP श्लोक कुमार के मुताबिक, CCTV फुटेज में तीनों किशोरियां बाथरूम में जाती दिखाई दीं, लेकिन बाहर केवल दो किशोरियां आईं। इसके बाद पुलिस ने दोनों संदिग्ध किशोरियों से पूछताछ की और उन्हें CCTV फुटेज भी दिखाया।
पुलिस का दावा है कि इसके बाद दोनों ने वारदात कबूल कर ली।
बालिका गृह से निकलना चाहती थीं दोनों किशोरियां
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में दोनों किशोरियों ने बताया कि उनका संरक्षण गृह में मन नहीं लग रहा था। वे वहां से बाहर निकलना चाहती थीं। इसी दौरान उन्हें कथित तौर पर किसी ने बताया कि अगर संरक्षण गृह में किसी की मौत हो जाए तो उसे बंद किया जा सकता है और यहां रहने वाली लड़कियों को घर भेज दिया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, इसी सोच के बाद दोनों ने अपनी सहेली को मारने की साजिश रची।
वारदात के बाद रोने और हंगामे का आरोप
पुलिस के पहुंचने के बाद दोनों आरोपी किशोरियों पर रोने का नाटक करने और हंगामा करने का भी आरोप है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने दूसरी लड़कियों को भी अपने साथ कर लिया और मृत किशोरी को न्याय दिलाने के नाम पर नारेबाजी शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, इस दौरान CCTV कैमरों को तोड़ने की कोशिश भी की गई। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला।
बालिका गृह की व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
हंगामे के दौरान कुछ लड़कियों ने बालिका गृह की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां की व्यवस्था ठीक नहीं है और यह जगह रहने लायक नहीं है। लड़कियों ने अपनी सहेली को न्याय नहीं मिलने पर प्रदर्शन करने की बात भी कही।
FIR में पांच किशोरियों के नाम
बालिका गृह की अधीक्षिका प्रगति खरे ने मामले में FIR दर्ज कराई है। इसमें दो आरोपी 15 वर्षीय किशोरियों के अलावा साजिश में शामिल बताई गईं तीन अन्य किशोरियों को भी आरोपी बनाया गया है।
दोनों मुख्य आरोपी किशोरियां पीलीभीत और अलीगढ़ की रहने वाली बताई गई हैं।
दोनों आरोपी करीब डेढ़ महीने से बालिका गृह में थीं
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी किशोरियां करीब डेढ़ महीने से बालिका गृह में रह रही थीं। दोनों अपने बॉयफ्रेंड के साथ घर से भाग गई थीं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें बरामद किया था।
जब दोनों को उनके परिवारों को सौंपने की बात आई तो परिजनों ने उन्हें अपने साथ रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों को राजकीय बालिका गृह भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, इनमें से एक किशोरी पर अपने घर में चोरी करने का भी आरोप है।
मृत किशोरी की पारिवारिक स्थिति भी सामने आई
बालिका गृह प्रशासन के मुताबिक, मृत किशोरी के जन्म के कुछ समय बाद ही उसके पिता की मौत हो गई थी। उसकी मां मानसिक रूप से बीमार थीं। बाद में उनकी भी मौत हो गई। इसके बाद किशोरी को राजकीय बालिका संरक्षण गृह लाया गया था।
पढ़ाई में अच्छी थी मृत किशोरी
बालिका गृह प्रशासन के मुताबिक, मृत किशोरी पढ़ाई में अच्छी थी। उसके अच्छे व्यवहार को देखते हुए संरक्षण गृह प्रशासन ने उसे स्कूल जाने की अनुमति दी थी। वह संदीपनी मुनि स्कूल में पढ़ रही थी।
पुलिस और विभागीय जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने CCTV फुटेज, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की कथित साजिश में शामिल तीन अन्य किशोरियों की भूमिका क्या थी और बालिका गृह से बाहर निकलने के लिए ऐसा कदम उठाने का विचार कहां से आया।
यह मामला नाबालिगों से जुड़ा है, इसलिए आरोपी और मृत किशोरी की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है।