UP News: कासगंज के सोरोंजीं स्थित संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज में एक शिक्षक पर छात्रों को ‘जय श्रीराम’ बोलने से रोकने और धार्मिक विषय पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा है। छात्रों की शिकायत के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे और हंगामा किया। मामला प्रिंसिपल तक पहुंचने के बाद शिक्षक को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा गया है। हालांकि, शिक्षक ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि उनकी बात को गलत समझा गया।
कक्षा में ‘जय श्रीराम’ बोलने पर विवाद का आरोप
छात्रों के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 11 बजे कक्षा में भगवान और धर्म से जुड़े विषय पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान कुछ छात्रों ने ‘जय श्रीराम’ बोलकर अपनी बात रखी।
आरोप है कि शिक्षक जनार्दन राम ने छात्रों को डांटा और ‘जय श्रीराम’ बोलने से मना किया। छात्रों का कहना है कि शिक्षक ने सवाल किया कि हिंदू धर्म में इतने देवी-देवता हैं, तो संकट के समय कौन बचाने आएगा?
कॉलेज की छुट्टी होने के बाद छात्रों ने इस मामले की जानकारी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को दी।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में किया हंगामा
छात्रों से जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए और शिक्षक के खिलाफ नाराजगी जताई।
कार्यकर्ताओं ने शिक्षक से कहा, “आप यहां पढ़ाने आते हैं या फिर ये सब करने। अगर राम-लक्ष्मण नहीं आएंगे तो क्या अल्लाह बचाने आएंगे?”
हंगामे के बाद मामला कॉलेज के प्रिंसिपल राम करन तक पहुंचा। प्रिंसिपल ने शिक्षक से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा है।
जानिए किस कॉलेज और शिक्षक से जुड़ा है मामला
सामाजिक विज्ञान पढ़ाते हैं शिक्षक जनार्दन राम
यह मामला सोरोंजीं के संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज का है। शिक्षक जनार्दन राम कॉलेज में सामाजिक विज्ञान पढ़ाते हैं और पिछले पांच साल से यहां तैनात हैं।
छात्रों ने शिक्षक पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और इतिहास को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया है।
कक्षा 9 के छात्र ने क्या बताया?
कक्षा 9 के छात्र प्रांशु ने बताया कि जब क्लास में छात्रों ने ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाया, तो शिक्षक जनार्दन राम ने उन्हें डांटना शुरू कर दिया।
छात्र के मुताबिक, शिक्षक ने कहा, “भक्ति करनी है तो घर पर जाओ।”
प्रांशु का यह भी कहना है कि शिक्षक ने कहा कि कोई किसी भगवान के आने की बात करता है और कोई किसी दूसरे भगवान के आने की, लेकिन भगवान एक ही होना चाहिए।
शिक्षक जनार्दन राम ने आरोपों पर क्या कहा?
‘मेरी बात को गलत समझा गया’
शिक्षक जनार्दन राम ने छात्रों और कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि वह कक्षा में एक कहानी और उदाहरण के जरिए बच्चों को समझा रहे थे।
शिक्षक के मुताबिक, वह अलग-अलग धर्मों की मान्यताओं के बारे में जानकारी दे रहे थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मुस्लिम धर्म में खुदा और ईसाई धर्म में ईसा मसीह को माना जाता है। उनका दावा है कि इसी संदर्भ में उन्होंने बच्चों से बात की थी, लेकिन उनकी बात को गलत समझ लिया गया।
देवी-देवताओं को लेकर सवाल पर सफाई
जनार्दन राम ने कहा कि हिंदू धर्म में कई देवी-देवताओं को माना जाता है। इसी बात को समझाने के लिए उन्होंने छात्रों से सवाल किया था कि अगर कोई व्यक्ति संकट में है, तो इतने देवी-देवताओं में से उसे बचाने कौन आएगा।
शिक्षक का कहना है कि उन्होंने यह सवाल केवल उदाहरण के तौर पर पूछा था। किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उनका कोई इरादा नहीं था, लेकिन बच्चों ने उनकी बात को गलत तरीके से समझ लिया।
बजरंग दल ने की निष्पक्ष जांच की मांग
बजरंग दल के जिला संयोजक गोविंद महेरे ने कहा कि शिक्षा के मंदिर में धार्मिक भेदभाव और देवी-देवताओं पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रिंसिपल ने शिक्षक को दिया तीन दिन का समय
कॉलेज के प्रिंसिपल राम करन ने बताया कि शिक्षक को नोटिस दिया गया है। उन्हें तीन दिन के अंदर अपना जवाब देना है।
प्रिंसिपल के मुताबिक, शिक्षक का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में पुलिस से कोई शिकायत नहीं की गई है।
मामले में अब आगे क्या होगा?
फिलहाल विवाद में छात्रों और बजरंग दल की ओर से लगाए गए आरोपों के साथ-साथ शिक्षक का पक्ष भी सामने आया है। कॉलेज प्रबंधन ने शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है और आगे की कार्रवाई उनके जवाब के आधार पर की जाएगी।
इस मामले में अभी पुलिस शिकायत नहीं हुई है। इसलिए शिक्षक पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और कॉलेज प्रबंधन की आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).