India Israel Friendship: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को इजरायल नागरिक वीरता पुरस्कार से सम्मानित करेगा। 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 में हाईजैक की कोशिश के दौरान मछार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और विमान को सुरक्षित उतारने में अहम भूमिका निभाई। विमान में करीब 174 यात्री सवार थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली नागरिक थे। इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने उनके साहस और पेशेवर रवैये की सराहना करते हुए पुरस्कार देने की घोषणा की है। फिलहाल मछार अबू धाबी के एक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है।
इजरायली राष्ट्रपति ने 6 नागरिकों को दिया वीरता पदक
इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने गुरुवार को येरुशलम में फ्लाइट 1073 को हाईजैक होने से बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले छह इजरायली नागरिकों को राष्ट्रपति नागरिक वीरता पदक प्रदान किया। सम्मान पाने वालों में ताली मानेस, ज्विका मानेस, यानिव हायुन, डॉ. शोता मुसायेव, आसाफ राजुआन और ओर पारदिलोव शामिल हैं। इन सभी ने विमान में हमलावर को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी।
इसी मौके पर राष्ट्रपति हर्जोग ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को भी यही पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मछार के साहस, बहादुरी और पेशेवर रवैये ने एक बड़ी आपदा को टालने में मदद की। मछार के स्वस्थ होने के बाद उन्हें यह सम्मान दिया जाएगा। राष्ट्रपति ने उनके जल्द ठीक होने की कामना भी की।
फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 में क्या हुआ था? कॉकपिट में हुआ अचानक हमला
30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 में करीब 174 यात्री सवार थे। इनमें ज्यादातर इजरायली नागरिक शामिल थे। उड़ान के दौरान अचानक कॉकपिट में हमला हुआ, जिससे विमान में खतरनाक स्थिति पैदा हो गई।
दी गई जानकारी के मुताबिक, ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कैप्टन स्मित मछार पर क्रैश एक्स से हमला कर दिया। बताया गया कि हमलावर विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर उसे दुर्घटनाग्रस्त करना चाहता था। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे गिरने लगा और कुछ ही सेकंड में हजारों फीट की ऊंचाई खो बैठा। यात्री घबरा गए और विमान में मौजूद सभी लोगों की जान खतरे में पड़ गई।
गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी पायलट ने नहीं मानी हार
हमले में कैप्टन स्मित मछार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और विमान को बचाने की कोशिश जारी रखी। घायल अवस्था में उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की और सफल रहे। इससे यात्री अंदर पहुंच पाए और हमलावर को रोकने में मदद मिली।
विमान में मौजूद छह इजरायली नागरिकों ने मिलकर हमलावर को काबू में कर लिया। अन्य पायलटों ने भी स्थिति संभालने में मदद की। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया।
इस घटना में कैप्टन मछार के साहस, यात्रियों की मदद और अन्य पायलटों के प्रयासों ने बड़ी दुर्घटना को टालने में अहम भूमिका निभाई। घटना की जांच हाईजैक और आतंकवादी हमले की कोशिश के पहलू से की जा रही है।
अबू धाबी में चल रहा इलाज, भारतीय विदेश मंत्रालय ने दी सुधार की जानकारी
कैप्टन स्मित मछार फिलहाल अबू धाबी के एक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, वे धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी उनकी हालत में सुधार की पुष्टि की है।
घटना के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई नेताओं ने मछार की बहादुरी की सराहना की और उन्हें हीरो बताया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विमान को बचाने की उनकी कोशिश ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है।
स्मित मछार को स्वस्थ होने के बाद मिलेगा सम्मान
कैप्टन स्मित मछार को दिया जाने वाला राष्ट्रपति नागरिक वीरता पदक उनके साहस और पेशेवर जिम्मेदारी के प्रति समर्पण को सम्मानित करेगा। इस घटना में छह इजरायली नागरिकों ने भी हमलावर को काबू में करने में अहम भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें पहले ही पदक दिया जा चुका है।
मछार के स्वस्थ होने के बाद उन्हें सम्मानित किया जाएगा। यह घटना उन सभी लोगों के सामूहिक साहस की मिसाल है, जिन्होंने खतरनाक हालात में एक-दूसरे की मदद की और विमान में सवार करीब 174 यात्रियों की जान बचाने में योगदान दिया। भारत और इजरायल के बीच मजबूत संबंधों के संदर्भ में भी इस सम्मान को खास माना जा रहा है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).