अनुसूचित जाति / जनजाति वर्गीकरण और क्रीमीलेयर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ देश भर में विभिन्न संगठनों सपा, बसपा, कांग्रेस, आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है।
यूपी में भी दिखा भारत बंद का असर, मायावती के साथ अखिलेश ने भी दिया बन्द का साथ,कई जगह हुआ प्रदर्शन
उत्तरप्रदेश में भी sc/st वर्गीकरण और क्रीमीलेयर को लेकर दिए गए सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ हुए प्रदर्शन का असर देखने को मिला। विभिन्न दलित संगठनों के द्वारा आयोजित “21 अगस्त भारत बन्द” को बसपा प्रमुख मायावती के समर्थन के बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी समर्थन दे दिया था। जिससे भारत बन्द में कई राजनीतिक दल भी जुड़ गये और सपा, बसपा कांग्रेस के कार्यकता भी बंदी को सफल बनाने केलिए सड़क पर निकल आये।

यूपी के इन जिलों में देखने को मिला असर
राजधानी लखनऊ के बीबीएयू में छात्रों ने भारत बंद का समर्थन किया है, उन्होंने केंद्रीय पुस्तकालय का गेट बंदकर विरोध जताया।अंबेडकरनगर में युवाओं ने बुधवार सुबह नेशनल हाईवे जाम कर दिया, झांसी में कार्यकर्ता भारत बन्द के समर्थन में कलेक्ट्रेट पहुच गए। चंदौसी के खुर्जा गेट पर बड़ी तादाद में बसपा, सपा और भीम आर्मी और अम्बेडकर युवक संघ के कार्यकर्ता एकत्र हुए। यहां पहले से बड़ी तादाद में पुलिस बल मौजूद था। कार्यकर्ता सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में नारेबाजी करते रहे। एटा में दलित युवा हाथों में नीला झंडा लेकर सड़कों पर उतरे और जबरन दुकानें बंद कराने की कोशिश की। बरेली में ‘भारत बंद’ बेअसर दिखाई दिया, आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले लोगों ने सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किया। आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के टेड़ी बगिया, पंचकुइया चौराहे सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं ने प्रदर्शन किया।अयोध्या में समाजवादी पार्टी, आजाद समाज पार्टी व भीम आर्मी के प्रदर्शन को संभालने के लिए पुलिस के साथ सीआरपीएफ भी नजर आयी।

कानपुर में कंपनीबाग चौराहे से शुरू हुआ प्रदर्शन
कानपुर में भी इसको लेकर कई जगह बीएसपी,भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी ने जुलूस निकाल कर कंपनीबाग चौराहे पर प्रदर्शन किया व बाबा साहब की मूर्ति पर माल्यार्पण किया । भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही। कंपनीबाग चैराहे से कई किमी. लंबा जुलूस निकाल कर कचहरी स्थित पार्क के पास प्रदर्शन खत्म हुआ।
