यूपी में अंबेडकर जयंती: उत्तर प्रदेश में Dr. B. R. Ambedkar जयंती इस बार अलग-अलग रंगों में नजर आई। एक तरफ भंडारे और श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुए, तो दूसरी तरफ कई जगहों पर विवाद और मारपीट भी देखने को मिली। खास बात यह रही कि इस मौके पर सियासी दल भी पूरी तरह एक्टिव दिखे।
कहीं भंडारा, कहीं आम लोगों के बीच जश्न
राज्य के कई हिस्सों में अंबेडकर जयंती पर भंडारे आयोजित किए गए, जहां बड़ी संख्या में लोग जुटे। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मिलकर कार्यक्रम किए और बाबा साहब को याद किया।
वाराणसी में खून से बनाई बाबा साहब की तस्वीर
Varanasi के घोसाबाद इलाके में युवाओं ने अनोखे तरीके से श्रद्धांजलि दी। करीब 100 युवाओं ने अपना खून देकर बाबा साहब की पेंटिंग बनवाई। इस पहल ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

लखनऊ और फतेहपुर में बवाल, चले जूते-चप्पल
राजधानी लखनऊ के बंथरा क्षेत्र में अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण को लेकर विवाद हो गया। पहले बुद्ध वंदना न होने को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि गाली-गलौज से मारपीट तक पहुंच गया और ईंट-पत्थर व जूते-चप्पल चले।
वहीं Fatehpur के बिंदकी में शोभायात्रा के दौरान डीजे पर नाचने को लेकर दो गुटों में झगड़ा हो गया, जिसे पुलिस ने किसी तरह शांत कराया।
SC वोट बैंक को साधने में जुटी पार्टियां
अंबेडकर जयंती के मौके पर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। कार्यक्रमों में शामिल होकर और बयान देकर दलित समाज तक पहुंचने की कोशिश की गई। साफ दिखा कि यह दिन सिर्फ श्रद्धांजलि का नहीं, बल्कि सियासी संदेश देने का भी जरिया बन गया।
अखिलेश यादव का दौरा, नीला गमछा बना चर्चा का विषय
लखनऊ में Akhilesh Yadav ने अंबेडकर प्रतिमा पर फूल चढ़ाए। इस दौरान उनके गले में पड़ा नीला गमछा काफी चर्चा में रहा।
इसके बाद वे बैसाखी मनाने सदर स्थित गुरुद्वारे पहुंचे और रास्ते में भंडारे में रुककर पूड़ी-सब्जी और छोले-चावल खाया।
महिला: बहुत बहुत धन्यवाद भैया आपका आप आय हमे बहुत अच्छा लगा हम हमेशा आपको ही वोट देते है।
अखिलेश यादव जी: सवाल वोट का नहीं है बात विचारों की होनी चाहिए..
अखिलेश यादव जी की इसी दरिया दिली की पूरे देश की जनता दीवानी है pic.twitter.com/CbbFO50b0w
— Jitendra Verma (@jeetusp) April 14, 2026
BJP नेता सिद्धार्थनाथ सिंह ने खुद की सफाई
प्रयागराज में Siddharth Nath Singh ने अंबेडकर प्रतिमा को नहलाया, तौलिए से पोछा और आसपास की सफाई की। इसके बाद उन्होंने फूल-माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
मायावती का बयान, सरकारों पर साधा निशाना
वहीं Mayawati ने लखनऊ में अंबेडकर पार्क जाकर श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि बाबा साहब बहुजन समाज के मसीहा थे और उनके संविधान को लागू करने में सत्ताधारी पार्टियां पूरी तरह नाकाम रही हैं।
प्रशासन और पुलिस रही अलर्ट
जिन जगहों पर विवाद की स्थिति बनी, वहां पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए ताकि कोई बड़ी घटना न हो सके।