BJP नेता का फर्जी एनकाउंटर: उत्तर प्रदेश के Azamgarh जिले में एक पुलिस मुठभेड़ का मामला अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। BJP के बूथ अध्यक्ष अभिषेक सिंह उर्फ धर्मेंद्र सिंह के कथित एनकाउंटर को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। Devendra Pratap Singh ने इसे फर्जी बताते हुए पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्या है पूरा मामला: 28 मार्च की मुठभेड़
जानकारी के मुताबिक, जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के चकलालचंद गांव में 28 मार्च को पुलिस और अभिषेक सिंह के बीच मुठभेड़ हुई थी। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई में एक अपराधी को पकड़ा गया, लेकिन अब इस पूरी घटना पर सवाल खड़े हो गए हैं।
MLC का आरोप: घर से उठाकर किया गया फर्जी एनकाउंटर
Devendra Pratap Singh ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद आरोप लगाया कि पुलिस ने अभिषेक सिंह को दिनदहाड़े घर से घसीटकर उठाया। इसके बाद कई जगह घुमाया गया और शाम को आंखों पर पट्टी बांधकर फर्जी एनकाउंटर को अंजाम दिया गया।
FIR और ‘फर्जी बरामदगी’ पर उठे सवाल
MLC के मुताबिक, 26 मार्च को अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इसके दो दिन बाद 28 मार्च को पुलिस ने मुठभेड़ दिखाकर अभिषेक को घायल अवस्था में पेश किया और फर्जी बरामदगी का केस भी जोड़ दिया गया। इससे पुलिस की कार्रवाई पर संदेह और गहरा गया है।
CCTV फुटेज गायब, साजिश का आरोप
MLC ने यह भी दावा किया कि इस मामले से जुड़े CCTV फुटेज को जानबूझकर नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने इसे सोची-समझी साजिश बताते हुए पुलिस विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए।
पुलिस पर सीधा आरोप, SP की भूमिका पर सवाल
Devendra Pratap Singh ने आजमगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली को ‘आपराधिक कृत्य’ बताया। उन्होंने कहा कि अब तक किसी भी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई न होना, विभाग की संलिप्तता को दर्शाता है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक (SP) की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
सदन से सड़क तक आंदोलन की चेतावनी
MLC ने मांग की है कि इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मुद्दे को सदन से लेकर सड़क तक उठाएंगे।
CM, DGP और गृह मंत्री से की अपील
इस मामले को लेकर Devendra Pratap Singh ने सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री, डीजीपी और केंद्रीय गृह मंत्री से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
परिवार से मुलाकात, न्याय का भरोसा
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान MLC ने उन्हें हर संभव मदद और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। परिवार भी लगातार इस मामले में न्याय की मांग कर रहा है।
पुलिस vs जनप्रतिनिधि: मामला बना हाई-प्रोफाइल
जहां पुलिस इस मुठभेड़ को सही ठहरा रही है, वहीं जनप्रतिनिधि इसे पूरी तरह स्क्रिप्टेड बता रहे हैं। इस टकराव ने पूरे मामले को हाई-प्रोफाइल बना दिया है और अब सबकी नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।