रिपोर्ट : संदीप शर्मा
बताते चलें कि कन्नौज जिले के तिर्वा नगर के मोहल्ला गांधी नगर निवासी लाखन सिंह का परिवार बेटे के अधिकारी बनने पर खुशियां मना रहा है। लोग बेटे की सफलता पर बधाई देते नजर आ रहे हैं। लाखन सिंह का वर्ष 1981 में सिपाही पद पर चयन हुआ था। पहली ज्वाइनिंग फर्रुखाबाद जिले के थाना राजेपुर में हुई। इसके बाद कानपुर नगर के शिवराजपुर थाने में लाखन सहायक लेखक के बाद प्रधान लेखक हुये। इसके उपरांत कई जिलों में इनकी तैनाती भी रही। दिसंबर 2019 में औरैया जिले के महिला थाने में कार्यरत रहने के दौरान उनका रिटायरमेंट हुआ। जिसके बाद 17 से 18 हजार रुपये की मासिक पेंशन पाकर लाखन अपने परिवार को संभालने लगे। रिटायर्ड हेड कांस्टेबल के परिवार में पत्नी सोनतारा के अलावा तीन बेटियां जिनमें निशा जिनकी शादी हो चुकी है, साधना और उसके बाद स्वेता हैं। स्वेता नेट पीएचडी की तैयारी कर रही है। परिवार में तीन बेटे जिनमें जागेश्वर प्रसाद जो प्राइवेट जॉब करते हैं, आकाश एलएलबी करके प्रेक्टिश करते हैं, जबकि रवि बीते 6 से 7 सालों से किसी ना किसी कंपटीशन की तैयारी करती रहे हैं। एस आई, ए एस आई, जे ए, लेखपाल, बीडीओ, टी आर बी एनटीपीसी, एसएससी, जैसी कई कंपटीशन में रवि प्रतिभाग करते रहे हैं। कभी इंटरव्यू, तो कभी फिजिकल या फिर किसी अन्य कारण से अपने मुकाम में चूक जाने वाले रवी ने आखिर अपना लक्ष्य पाने को हार नहीं मानी। कभी अनुकूल तो कभी प्रतिकूल परिस्थितियों के बाबजूद भी रवी अपना लक्ष्य पाने को अडिग रहे। आखिर सफलता ने रवी के कदम चूमें। यूपी एसएसएससी PET परीक्षा में इस बार रवी को सफलता हांथ लगी। रवी अपने परिवार के समर्पण के अलावा अपनी मेहनत को सफलता का श्रेय देते हैं। रवी का कहना है, असंभव कुछ भी नहीं, पर लक्ष्य के लिये सजग प्रहरी तो बनना ही पड़ेगा। रवी का चयन मंडी निरीक्षक के पद पर हुआ है। जल्द ही वह अपनी ज्वाइनिंग लेकर कार्यभार संभाल सकते हैं। फिलहाल रवी के अधिकारी बनने की खुशी में जहां परिवार खुश है, वहीं बधाइयां देने वालों के भी सिलसिला जारी है।
गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है