लखनऊ: उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड के चेयरमैन इफ्तेखार अहमद ने बयान दिया है कि राज्य के 470 मदरसों की मान्यता रद्द की जा सकती है। बोर्ड की हाल ही में हुई बैठक में इस पर गंभीरता से विचार किया गया। कई मदरसों ने स्वेच्छा से अपनी मान्यता रद्द करने की अपील की है।मान्यता प्राप्त मदरसों पर सरकार को भारी भरकम रकम खर्च करनी पड़ती है। हालांकि सरकार ने इस बजट में मदरसों को दी जाने वाली सहायता में कमी की है।

जाँच के बाद लटकी है मान्यता रदद् होने की तलवार
चेयरमैन इफ्तेखार अहमद ने बताया कि इन मदरसों ने जांचों से प्रभावित होकर यह कदम उठाया है। इसके अलावा, मदरसा आधुनिकीकरण के अंतर्गत काम करने वाले शिक्षकों की खराब स्थिति को देखते हुए भी यह अपील की गई है। शिक्षक वेतन न मिलने से बदहाली में जी रहे हैं तो ,सरकारी काम काज में भी उर्दू की कमी आने के कारण पढ़ने वाले छात्रों में भी कमी आयी है।
18 बिंदुओं पर हुई चर्चा
मदरसा बोर्ड अब मान्यता रद्द करने के कारणों की जांच कर रहा है। बैठक में नए मदरसों को मान्यता देने पर भी चर्चा की गई। कुल मिलाकर, बोर्ड की इस बैठक में 18 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ।
