
उत्तर प्रदेश की बांदा पुलिस पर राजनीति का खुमार कुछ इस कदर चढ़ता दिख रहा है की कोई भी काबिल नेता इनके सामने फीका पड़ जाए। अपराध पर लगाम नही लगा पा रहे पर पीठ थपथपाने में किसी से पीछे भी नही है। कहीं कोई पत्रकार इनकी नाकामी पर सवाल न पूछले इसलिए ये पत्रकारों का सामना भी नही करते है खुद ही खुलासे की तस्वीरें खींच लेते है और अपने मनमाफिक बयान दे कर सोशल मीडिया में वायरल कर देते हैं।
दरअसल लगभग तीन दिन पहले बबेरू थाना क्षेत्र के मुरवल गांव के पुल के नीचे एक युवती का शव मिला था। जिसका पुलिस ने खुलाशा किया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बयान जारी कर बताया की युवती का एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था जो शादी शुदा और तीन बच्चों का पिता था। इसकी जानकारी परिजनों को हुई तो युवती को उसे भूल जाने की हिदायत दी पर वो नहीं मानी जिसके बाद युवती के सगे भाई और मौसेरे भाई सहित मामा ने मिलकर युवती की हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या के आरोपी मौसेरे भाई को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन हत्यारा सगा भाई और मामा अभी भी फरार हैं।
अब सवाल यह उठता है की पुलिस को खुलाशा करने की इतनी जल्दी क्यों पड़ी थी जब हत्या के सभी आरोपी नही पकड़े थे। क्या अब पुलिस के इस कारनामे से आरोपी सचेत नहीं होंगे । क्या इस खुलासे के बाद अन्य आरोपियों को पकड़ने में अब पुलिस को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी । आखिर पुलिस खुद ही पत्रकार क्यों बनी हुई है। खुलासे के वक्त पत्रकारों को क्यों नहीं बुलाया गया। ये सारे सवाल पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े करते हैं।