Pilibhit Encounter: पीलीभीत एनकाउंटर में मारे गए खालिस्तानी आतंकियों के शव लेकर जा रही पंजाब पुलिस की एंबुलेंस मंगलवार रात को रामपुर जिले में एक सड़क हादसे का शिकार हो गई। इस दुर्घटना में कोई हताहत तो नहीं हुआ, लेकिन एंबुलेंस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद दूसरी एंबुलेंस मंगाकर शवों को पंजाब रवाना किया गया।
हादसा रामपुर बाईपास पर हुआ
रामपुर जिले के अजीतपुर बाईपास पर मंगलवार रात करीब 11:45 बजे यह हादसा हुआ। एंबुलेंस, जिसमें पीलीभीत एनकाउंटर में मारे गए खालिस्तानी आतंकियों के शव थे, गुरदासपुर (पंजाब) जा रही थी। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने एंबुलेंस को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के कारण एंबुलेंस डिवाइडर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई और उसका रेडिएटर फट गया।
हादसे की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस और शहजादनगर थानों की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। करीब 45 मिनट बाद दूसरी एंबुलेंस मंगाकर शवों और पुलिस टीम को आगे के लिए रवाना किया गया। इस दुर्घटना में एंबुलेंस चालक और पंजाब पुलिस के जवान सुरक्षित बच गए।

कड़ी सुरक्षा के बीच शव भेजे गए थे पंजाब
इससे पहले, मंगलवार को पीलीभीत में आतंकियों के शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया था। पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई और देर शाम तक चली। रात करीब आठ बजे खालिस्तान समर्थक तीनों आतंकियों के शवों को कड़ी सुरक्षा में पंजाब रवाना किया गया। पंजाब पुलिस के अतिरिक्त फोर्स और परिजनों की निगरानी में शव भेजे गए थे।
दो दिन पहले हुआ था एनकाउंटर
गौरतलब है कि सोमवार तड़के पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में यूपी और पंजाब पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में तीन खालिस्तानी आतंकियों को एनकाउंटर में मार गिराया गया था। ये आतंकी खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) के सदस्य थे और 19 दिसंबर को पंजाब के गुरदासपुर जिले में पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमला करने में शामिल थे।
पुलिस ने आतंकियों के पास से दो AK-47 राइफल, दो ग्लॉक पिस्टल और भारी मात्रा में गोलियां बरामद की थीं। इस ऑपरेशन में दो पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे।
घटना के बाद हड़कंप
रामपुर बाईपास पर एंबुलेंस हादसे की सूचना मिलते ही जिले के पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सभी वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल पर फोरेंसिक टीम भेजी और जांच शुरू की। हादसे के पीछे की वजह अज्ञात वाहन चालक की लापरवाही मानी जा रही है, जो टक्कर मारने के बाद फरार हो गया।
एंबुलेंस की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। खालिस्तानी आतंकियों के शवों को लेकर जा रही एंबुलेंस की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त एहतियात बरतने की जरूरत थी। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है।
खालिस्तानी आतंकियों का खात्मा
दो दिन पहले हुए एनकाउंटर ने खालिस्तानी आतंकियों के नेटवर्क पर बड़ा झटका दिया है। पुलिस के मुताबिक, ये आतंकी नेपाल भागने की फिराक में थे और पीलीभीत को सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे। एनकाउंटर के बाद उनके स्थानीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के सामने नई चुनौतियां
इस घटना ने पुलिस के लिए कई नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। खासतौर पर नेपाल सीमा के पास स्थित जिलों में सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है। इसके साथ ही, स्थानीय मददगारों की पहचान करना और उन्हें पकड़ना पुलिस के लिए प्राथमिकता बन गई है।
यह पूरी घटना खालिस्तानी आतंकियों के खिलाफ पुलिस के प्रभावी ऑपरेशन को दर्शाती है, लेकिन हादसे जैसे घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी खड़े होते हैं। पुलिस को अब इस दिशा में और मजबूत कदम उठाने होंगे।