गोरखपुर में दिल दहला देने वाला अपहरण कांड: ‘पति जिंदा चाहिए तो 1 करोड़ दो!’ – 12 घंटे की सांस रोक देने वाली जंग, रोते हुए पत्नी से लिपटे लौटे रिटायर्ड एयरफोर्स अफसर
गोरखपुर, 26 जुलाई 2025
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शुक्रवार की सुबह एक ऐसी वारदात हुई जिसने पूरे शहर की रगों में खून जमा दिया। शाहपुर थाना क्षेत्र के पादरी बाजार से रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी अशोक जायसवाल (65) को सुबह की सैर के दौरान कार सवार बदमाशों ने अगवा कर लिया। और फिर उनकी पत्नी, जो पेशे से डॉक्टर हैं, को फोन पर यह धमकी दी गई –
“पति जिंदा चाहिए तो 1 करोड़ रुपए लेकर आओ!”
यह धमकी सुनते ही डॉक्टर पत्नी सुषमा जायसवाल के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिवार में चीख-पुकार मच गई, बेटी के रोते हुए फोन और फिर पुलिस को तत्काल सूचना देकर एक ऐसी रेस्क्यू ऑपरेशन की शुरुआत हुई, जिसने पूरे शहर को हिला डाला।
सुबह की सैर से अगवा, फिरौती की गूंज से सहमा परिवार
सुबह 5:30 बजे, अशोक जायसवाल रोज़ की तरह साइकिल से टहलने और रेलवे स्टेडियम के स्विमिंग पूल जाने के लिए निकले।
लेकिन इस दिन उनकी दिनचर्या मौत के खेल में बदल गई।
9 बजे तक घर नहीं लौटे तो घरवालों ने तलाश शुरू की। इसी बीच 10:30 बजे एक व्हाट्सएप कॉल आया –
“तुम्हारे पति हमारे कब्जे में हैं। ₹1 करोड़ लाओ और उन्हें जिंदा ले जाओ। पुलिस को खबर दी तो लाश मिल जाएगी।”
डॉक्टर पत्नी बुरी तरह टूट गईं, लेकिन होश संभालते हुए तुरंत शाहपुर थाने पहुंचीं। वहां से शुरू हुई 6 पुलिस टीमों की हाई-प्रोफाइल तलाश।
12 घंटे की खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन
गोरखपुर पुलिस ने शहर की नाकेबंदी कर दी, ड्रोन से लोकेशन ट्रेसिंग और टेक्निकल सर्विलांस लगाया।
शाम 7 बजे, जीरो पॉइंट कालेश्वर के पास पुलिस ने छापा मारकर
रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी को सुरक्षित बरामद कर लिया।
तीन अपहरणकर्ता (गुड्डू, जनार्दन गोंड – सिकरीगंज थाना क्षेत्र, करुणेश दुबे – बेलघाट क्षेत्र) को मौके पर धर दबोचा।
घटना के पीछे पुराने लेनदेन के विवाद की कड़ी सामने आई, लेकिन पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
आंसुओं में डूबा मिलन – ‘ईश्वर का लाख-लाख शुक्रिया’
जैसे ही अशोक जायसवाल को उनके परिजनों से मिलवाया गया, उनकी आंखों से आंसुओं की धारा बह निकली।
उन्होंने पत्नी और बेटी को सीने से लगाकर कहा –
“ईश्वर का लाख-लाख शुक्रिया है, जो मैं सही सलामत लौटा। पुलिस ने मुझे मौत के मुंह से खींचकर निकाला।”
पूरा परिवार भावुक हो उठा। घर पर उमड़े पड़ोसी और रिश्तेदारों ने भी पुलिस टीम की तारीफ की।
पुलिस का बड़ा बयान
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया –
“डॉक्टर पत्नी की सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल 6 टीमों के साथ ऑपरेशन शुरू किया। दिनभर की कड़ी मेहनत के बाद शाम होते-होते पीड़ित को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। आरोपियों से पूछताछ जारी है, और इस गैंग में और भी लोगों की संलिप्तता हो सकती है।”
अब भी कई सवाल बाकी – क्या गोरखपुर सुरक्षित है?
शहर में सुबह-सुबह सैर कर रहे रिटायर्ड अफसर को अगवा करना – क्या गोरखपुर में कानून का खौफ खत्म हो गया है?
1 करोड़ की फिरौती की मांग – यह कोई आम अपराधियों का काम नहीं, बल्कि सुनियोजित गिरोह का नेटवर्क लगता है।
पुराना लेनदेन या बड़ी साजिश? – पुलिस की जांच क्या और खुलासे करेगी?
क्या अब शहर के आम नागरिक भी ‘किडनैप इंडस्ट्री’ के शिकार बनेंगे?
यह घटना सिर्फ एक अपहरण नहीं, बल्कि गोरखपुर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा तमाचा है।
अगर पुलिस ने तेज़ी नहीं दिखाई होती तो यह मामला और भयावह हो सकता था।
अब सवाल है – क्या सरकार और प्रशासन इस तरह के गैंग्स को खत्म करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई करेगा?