Prayagraj: STF ने वांछित बदमाश को मार गिराया, AK‑47 और पिस्टल
बरामद — मिली महत्वपूर्ण सफलता
प्रयागराज में अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एक बेहद सनसनीखेज मुठभेड़ में STF ने झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर को मार गिराया। यह मुठभेड़ प्रयागराज के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवराजपुर चौराहे के पास हुई, जहां अपराधी ने पुलिस टीम पर लगभग 30 राउंड गोलियां चलाईं और धमकी दी कि “भाग जाओ, नहीं तो AK-47 से उड़ा दूंगा।” जवाबी कार्रवाई में STF ने उसे ढेर कर दिया। मौके से AK-47 और 9MM की पिस्टल बरामद की गई है।
Prayagraj: गैंगस्टर की पहचान और आपराधिक इतिहास
मारे गए अपराधी की पहचान झारखंड के रहने वाले आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह के रूप में हुई है। आशीष एक शातिर और कुख्यात गैंगस्टर था, जिस पर हत्या, लूट, रंगदारी, अपहरण जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे। उस पर झारखंड और उत्तर प्रदेश में लगभग 4 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
बताया जा रहा है कि वह झारखंड में कई जघन्य हत्याओं में शामिल रहा है और उसकी तलाश लंबे समय से चल रही थी। STF को इनपुट मिला था कि वह प्रयागराज में छिपा हुआ है और किसी बड़ी आपराधिक साजिश की फिराक में है।
STF का ऑपरेशन: गोलियों की बारिश और जवाबी कार्रवाई
STF की टीम ने जब आरोपी को घेरने की कोशिश की, तो वह फौरन AK-47 से अंधाधुंध फायरिंग करने लगा। चश्मदीदों के अनुसार, अपराधी ने पहले चेतावनी दी –
“भाग जाओ, नहीं तो AK-47 से उड़ा दूंगा।”
इसके बाद उसने पुलिस पर लगभग 30 राउंड फायर किए। हालाँकि STF पहले से तैयार थी, और उसने बेहद सूझबूझ के साथ जवाबी कार्रवाई की।
कुछ ही मिनटों की मुठभेड़ में STF ने उसे ढेर कर दिया। घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
Prayagraj: बरामद हथियार और उसका संदेश
मौके से बरामद AK-47 और 9MM की पिस्टल इस बात का संकेत है कि अपराधी सिर्फ हथियारबंद ही नहीं, बल्कि किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा था। AK-47 जैसे घातक हथियार आम तौर पर संगठित गैंग या आतंकवादी समूहों के पास ही होते हैं, इसलिए इस मामले की गहराई से जांच की जरूरत है।
यह भी संभव है कि आरोपी का संपर्क अंतरराज्यीय शस्त्र तस्करी से हो। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
STF और पुलिस महकमे ने इस कार्रवाई को एक बड़ी उपलब्धि माना है। इस मुठभेड़ ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगा है, और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव मानी जा रही हैं। गैंगस्टर के मोबाइल, हथियारों की डिटेल और अन्य जब्त दस्तावेजों की गहन जांच चल रही है।
सवाल जो उठ रहे हैं
अपराधी के पास AK-47 कैसे पहुंचा?
यह स्पष्ट रूप से बताता है कि देश के भीतर हथियारों की तस्करी कितनी गंभीर समस्या है।
क्या अकेले प्रयागराज ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य जिलों में भी इस नेटवर्क की जड़ें फैली हैं?
इसके संकेत मिल रहे हैं, और इस पर विशेष टीम काम कर रही है।
क्या यह मुठभेड़ STF की सक्रियता का परिणाम है या किसी बड़ी साजिश को टालने की कोशिश?
घटनास्थल पर हथियारों की मौजूदगी और फायरिंग की तीव्रता से यह स्पष्ट है कि STF समय रहते हरकत में आई, वरना एक बड़ी घटना हो सकती थी।
प्रयागराज की यह मुठभेड़ राज्य के अपराध जगत में एक मजबूत संदेश के रूप में देखी जा रही है। STF की मुस्तैदी और सटीक कार्रवाई ने न सिर्फ एक कुख्यात गैंगस्टर का खात्मा किया, बल्कि आने वाले समय में अपराधियों के मन में खौफ पैदा किया है।
हालांकि, यह मुठभेड़ यह भी उजागर करती है कि संगठित अपराधी अब भारी हथियारों से लैस हो रहे हैं और सुरक्षा बलों को और अधिक सतर्क, आधुनिक और रणनीतिक बनना होगा।
यह घटना कानून व्यवस्था के साथ-साथ देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई सवालों को सामने लाती है, जिन पर अब गंभीर मंथन और कार्रवाई की जरूरत है।
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