कानपुर। गंगा नदी का जलस्तर बीते कुछ दिनों से लगातार बढ़ता चला जा रहा है, जिसके चलते कटरी क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। परिणामस्वरूप, बनियापुरवा सहित आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों में गंगा का पानी प्रवेश कर चुका है और खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।
इसके कारण ग्रामीणों की फसलें नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई हैं। इतना ही नहीं, कई संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन भी बाधित हो गया है। इसी वजह से ग्रामीण अब सुरक्षित स्थानों की तलाश में अपने घरों का सामान समेटकर बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं।
कुछ लोग अब भी अपने घरों में रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि कई अन्य लोग घर के ऊपरी हिस्सों में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की सहायता नहीं पहुंची है। इस वजह से वे स्वयं नावों और अस्थायी साधनों के सहारे बाढ़ का सामना कर रहे हैं।
मौजूदा स्थिति यह है कि कुछ गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचने के लिए कमर तक पानी पार करना पड़ रहा है। खासतौर से गंगा बैराज क्षेत्र के चैनपुरवा गांव में लोग सबसे अधिक परेशान हैं। इसी बीच, ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत सामग्री, नावों तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाएं जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है। समय रहते सहायता मिलने पर भारी नुकसान को कम किया जा सकता है।