पीलीभीत: मेनका गांधी के नाम का शिलापट्ट गायब होने से मचा हड़कंप, जनता में रोष
Menka Gandhi Legacy Row: नेहरू ऊर्जा उद्यान सौंदर्यीकरण के बहाने बना विवाद का केंद्र
पीलीभीत। टनकपुर रोड स्थित नेहरू ऊर्जा उद्यान इन दिनों तीखी चर्चाओं का विषय बना हुआ है। वजह है—पार्क के सौंदर्यीकरण के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री और पीलीभीत की सांसद मेनका गांधी के उद्घाटन शिलापट्ट का अचानक गायब हो जाना। यह केवल नगर पालिका की लापरवाही नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे जनता अपने प्रिय नेता के सम्मान से जुड़ा बड़ा मुद्दा बता रही है।
Menka Gandhi Legacy Row: मेनका गांधी की अहम भूमिका
यह उद्यान उस समय बना था जब जिले में पूर्व डीएम जयशंकर प्रसाद मिश्रा कार्यरत थे। इसका उद्घाटन स्वयं मेनका गांधी ने किया था। बाद में नगर पालिका अध्यक्ष विमला जायसवाल के कार्यकाल में उद्यान का सौंदर्यीकरण हुआ, जिसका शुभारंभ गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने किया। इन दोनों अवसरों की स्मृति में पार्क में शिलापट्ट लगाए गए थे, जो अब गायब पाए गए।
Menka Gandhi Legacy Row: सौंदर्यीकरण में गायब हुआ इतिहास
नगर पालिका ने हाल ही में 1.30 लाख रुपए की लागत से उद्यान का सौंदर्यीकरण कराया। लेकिन कार्य पूर्ण होने के बाद सामने आया कि पुराने शिलापट्ट, खासकर मेनका गांधी के उद्घाटन से जुड़ा शिलापट्ट, अपनी जगह से नदारद है।
मेनका गांधी ने जताई कड़ी नाराज़गी
जैसे ही यह मामला मेनका गांधी तक पहुंचा, उन्होंने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह से सीधे संपर्क साधा और इस घटना पर गंभीर आपत्ति जताई। मेनका गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि यह केवल शिलापट्ट का मुद्दा नहीं, बल्कि जनता की भावनाओं और उनकी प्रतिष्ठा से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।
Menka Gandhi Legacy Row: आरोपों के घेरे में ठेकेदार और पालिका
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यह पूरा मामला ठेकेदार को बचाने की कवायद का हिस्सा है। नगर पालिका ने विवाद बढ़ने पर गन्ना राज्य मंत्री का शिलापट्ट तो फिर से लगा दिया, लेकिन मेनका गांधी का शिलापट्ट अब तक वापस नहीं लगाया गया। इससे जनता और भी आक्रोशित हो उठी है।
जिलाधिकारी का बयान: “शिलापट्ट दोबारा लगाया जाएगा”
टनकपुर रोड स्थित नेहरू ऊर्जा उद्यान से जुड़े शिलापट्टों के मामले पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि पार्क के सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान शिलापट्ट फिलहाल अपनी जगह से हटा दिए गए थे, लेकिन बहुत जल्द उन्हें पुनः स्थापित कर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि प्रशासन की ओर से इस विषय को गंभीरता से लिया गया है। विशेषकर वह शिलापट्ट, जिसका संबंध पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से है, उसे प्राथमिकता के साथ पुनः लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नगर पालिका की ओर से नए शिलापट्ट लगाने की तैयारी चल रही है, ताकि भविष्य में किसी तरह की असमंजस की स्थिति न बने।
Menka Gandhi Legacy Row: सम्मान का प्रश्न
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि मामला अब केवल उद्यान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीधे-सीधे मेनका गांधी के सम्मान और जनता की भावनाओं से जुड़ गया है। पीलीभीत की जनता इसे अपने प्रिय नेता का अपमान मान रही है, और जब तक शिलापट्ट वापस नहीं लगता, तब तक यह विवाद थमने वाला नहीं।
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