Ganesh Chaturthi 2025: भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी का महापर्व 27 अगस्त, बुधवार से आरंभ होगा। विघ्नहर्ता श्री गणेश का आगमन भक्तों के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आता है। यही कारण है कि चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक हर ओर गणपति बप्पा मोरया के जयकारे गूंजते रहते हैं।
जानिए कितने दिन चलेगा महोत्सव
इस मन्त्र के जाप से विवाह की अड़चन होती है दूर
मंत्र इस प्रकार है –
इसीलिए इस पर्व को केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। गणेश चतुर्थी का उत्सव लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगाता है। भक्तों का विश्वास है कि जैसे ही गणेश विसर्जन होता है, वैसे ही उनके दुखों और विघ्नों का भी अंत हो जाता है।
गणेशोत्सव केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भक्ति, एकता और विश्वास का अद्वितीय प्रतीक है, जो हर वर्ष भक्तों के हृदय में नई आस्था का संचार करता है।