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Vaishno Devi Landslide: मौतों का आंकड़ा पहुँचा 31, 23 घायल और कई लापता – Rescue Operation अब भी जारी

Vaishno Devi Landslide: 31 श्रद्धालुओं की मौत, यात्रा स्थगित

अचानक मौत बनकर टूटी आपदा

मंगलवार, 26 अगस्त की दोपहर करीब तीन बजे जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित वैष्णो देवी धाम के पुराने ट्रैक पर बड़ा हादसा हुआ। अर्धकुमारी मंदिर से कुछ ही दूरी पर इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास भारी बारिश के कारण अचानक भूस्खलन हो गया। देखते ही देखते पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर और पेड़ टूटकर श्रद्धालुओं पर गिर पड़े। मलबे में दबकर मौके पर ही कई लोगों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हो गए।

Vaishno Devi Landslide:मृतकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी

घटना के तुरंत बाद सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन राहत-बचाव अभियान चलने के साथ ही मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती गई। बुधवार सुबह तक यह आंकड़ा बढ़कर 31 तक पहुंच गया। प्रशासन को आशंका है कि यह संख्या और भी बढ़ सकती है क्योंकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

Vaishno Devi Landslide:घायल और लापता श्रद्धालु

इस भीषण आपदा में अब तक 23 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई श्रद्धालुओं का अब तक कोई पता नहीं चला है। घायलों में कई महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं।

Vaishno Devi Landslide:श्रद्धालुओं की दर्दनाक आपबीती

घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने जो भयावह दृश्य देखा, वह झकझोर देने वाला है। एक श्रद्धालु ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ यात्रा पर था, उसके बच्चे और पत्नी आगे निकल गए थे, तभी अचानक भारी चट्टानें गिरने लगीं। शोर-शराबे और भगदड़ के बीच उसने सब कुछ खो दिया और अब अपने बच्चों का कोई पता नहीं है।
एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि वह और उसका पति तो बच गए, लेकिन उसके तीनों बच्चे मलबे में दब गए। एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि वह समूह में आया था, लेकिन उसके आगे चल रहे छह साथियों का अब तक कोई अता-पता नहीं है। इन गवाही से हादसे की भयावहता और भी स्पष्ट हो जाती है।

Vaishno Devi Landslide:बचाव और राहत कार्य

हादसे की सूचना मिलते ही सेना, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए। पूरे क्षेत्र को तीन हिस्सों में बांटकर राहत कार्य चलाया गया—एक टीम अर्धकुमारी क्षेत्र में, दूसरी कटरा-ठक्कड़ कोट रोड पर और तीसरी जौरियन क्षेत्र में तैनात की गई। अब तक केवल जम्मू जिले में ही करीब 3500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इन लोगों को राहत शिविरों और अस्थायी कैंपों में ठहराया गया है।

Vaishno Devi Landslide:भारी बारिश से बिगड़े हालात

जम्मू शहर और आसपास के क्षेत्रों में 24 घंटे से भी कम समय में 250 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। मंगलवार को केवल छह घंटे में ही 22 सेंटीमीटर बारिश हो गई, जो अब तक की सबसे ज्यादा बारिश मानी जा रही है। नतीजतन झेलम नदी का जलस्तर बढ़ गया और दक्षिण कश्मीर में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया गया। जम्मू, आरएस पुरा, सांबा, अखनूर, नगरोटा, कठुआ, उधमपुर समेत कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए।

रेल सेवाएँ और यातायात प्रभावित

भारी बारिश और भूस्खलन के चलते जम्मू-कटरा रेल मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ। नॉर्दर्न रेलवे ने 22 ट्रेनों को रद्द कर दिया और 27 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया। हालांकि कटरा से श्रीनगर के बीच रेल सेवा अभी भी जारी है। दूसरी ओर, कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे यातायात बाधित है।

दूरसंचार और बिजली आपूर्ति पर असर

भारी बारिश और भूस्खलन के चलते जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क, बिजली और इंटरनेट सेवाएँ ठप हो गईं। संचार व्यवस्था ठप होने से बचाव कार्य में भी कई बार दिक्कत आई।

त्रासदी से उपजी चेतावनी

यह हादसा सिर्फ एक दुखद घटना नहीं है, बल्कि एक बड़ी चेतावनी भी है। हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बदलते मौसम और भारी वर्षा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यहां भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएँ कितनी खतरनाक हो सकती हैं। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह संदेश है कि मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें और प्रशासन को चाहिए कि ऐसी परिस्थितियों में यात्रा पर तुरंत रोक लगाकर लोगों की जान बचाए।

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