Crime News: सुल्तानपुर के कादीपुर इलाके में सरकारी शिक्षक और ब्लॉक शिक्षक संघ अध्यक्ष मुकेश सिंह और उनकी पत्नी विनीता सिंह की हत्या से सनसनी फैल गई। दोनों के शव उनके निजी स्कूल परिसर में खून से सने मिले। मौके से फावड़ा, कुल्हाड़ी और चाकू बरामद हुआ है। शुरुआती जांच में पुलिस चुनावी रंजिश समेत कई एंगल पर पड़ताल कर रही है। वारदात का पता मंगलवार सुबह करीब 7 बजे चला, जब स्कूल का ड्राइवर गाड़ी की चाबी लेने पहुंचा।
स्कूल परिसर में मिली पति-पत्नी की लाश
घटना जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के कुंभी डडिया गांव की है। मुकेश सिंह (45) खनुहट के कंपोजिट विद्यालय में तैनात थे और ब्लॉक शिक्षक संघ के अध्यक्ष भी थे। इस बार भी वह शिक्षक संघ का चुनाव लड़ रहे थे।
मुकेश की पत्नी विनीता सिंह (43) गांव में ही मनरागी इंटर कॉलेज नाम से निजी स्कूल चलाती थीं। स्कूल उनके घर से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर है। विनीता ने पिछला जिला पंचायत चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
मंगलवार सुबह स्कूल वैन का ड्राइवर गाड़ी की चाबी लेने पहुंचा। स्कूल के एक कमरे में उसने विनीता का शव पड़ा देखा। शव के पास खून से सना फावड़ा पड़ा था। ड्राइवर ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद विनीता के शव से करीब 150 मीटर दूर मुकेश सिंह का शव भी मिला।
घटनास्थल से फावड़ा, कुल्हाड़ी और चाकू बरामद
सूचना मिलने पर एसपी विनीत जायसवाल और सीओ कादीपुर विनय गौतम पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और वहां से फावड़ा, कुल्हाड़ी और चाकू बरामद किया है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि विनीता की हत्या स्कूल के कमरे में ही की गई और इसके बाद मुकेश ने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की। आशंका है कि हमलावरों ने पीछा कर स्कूल से कुछ दूरी पर उनकी भी हत्या कर दी।
स्कूल के बगल से मिली खून से सनी कुल्हाड़ी इस जांच एंगल को अहम बना रही है। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और अलग-अलग पहलुओं की जांच की जा रही है।
शिक्षक संघ चुनाव से जुड़ी रंजिश के एंगल पर भी जांच
मुकेश सिंह और विनीता सिंह दोनों ही चुनावी गतिविधियों में सक्रिय रहे थे। मुकेश इस बार ब्लॉक शिक्षक संघ का चुनाव लड़ रहे थे। शिक्षक संघ चुनाव के लिए 30 सितंबर को वोटिंग होनी थी, लेकिन उससे दो दिन पहले 28 सितंबर को चुनाव टाल दिया गया।
विनीता भी पिछला जिला पंचायत चुनाव लड़ चुकी थीं। ऐसे में पुलिस चुनावी रंजिश के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। पुलिस गांव के लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दंपती की किसी से रंजिश या दुश्मनी तो नहीं थी।
स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के पीछे कौन हो सकता है और हत्या की वजह क्या थी।
परिवार में इकलौता बेटा, दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई
मुकेश सिंह और विनीता सिंह गांव में रहते थे। दोनों का इकलौता बेटा अभ्युदय (20) दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा है। परिवार की सामाजिक और शैक्षिक पृष्ठभूमि भी रही है।
मुकेश के पिता राम बदन सिंह किसान थे। परिवार के पास करीब 35 बीघा पैतृक जमीन है। मुकेश तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई अवधेश सिंह पीजी कॉलेज गाजीपुर में शिक्षक हैं, जबकि दूसरे भाई अखिलेश सिंह लखनऊ कॉपरेटिव बैंक में कार्यरत हैं।
शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने थे मुकेश
मुकेश सिंह ने अपने करियर की शुरुआत शिक्षामित्र के तौर पर की थी। साल 2009 में वह सहायक अध्यापक बने। इसके बाद 2013 से वह लगातार मोतिगरपुर में शिक्षक संघ के अध्यक्ष रहे।
दूसरी ओर, विनीता सिंह ने साल 2002 में गांव में मनराजी शिक्षण संस्थान की शुरुआत की थी। वर्तमान में उनके स्कूल में करीब 18 शिक्षक और कर्मचारी काम करते हैं और लगभग 500 बच्चे पढ़ते हैं।
SP ने कहा- जल्द होगा घटना का खुलासा
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की फील्ड यूनिट भी मौके पर पहुंची। एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि पति-पत्नी के शव मिलने की सूचना मंगलवार सुबह मिली थी। मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और लगातार काम किया जा रहा है।
एसपी ने बताया कि परिवार के लोगों से भी संपर्क किया गया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जल्द ही घटना का खुलासा करने की बात कही है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).