यूपी के मुख्यमंत्री सीएम योगी का फोकस महिला सशक्तिकरण को लेकर काफी ज्यादा है। जिसके चलते जहां कानून का सख्ती से पालन कराना एक मकसद है वहीं महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना एक बड़ा अभियान है। इसी क्रम में आज फतेहपुर डीएम व एसपी ने महिला सशक्तिकरण अभियान के चौथे चरण का शुभारंभ किया।
रैली में दो सौ से ज्यादा महिला पुलिसकर्मी से दिख रही थी महिलाओं की नेतृत्व क्षमता

डीएम व एसपी ने रैली को झण्डी दिखाकर रवाना किया, जिसमें विभिन्न वभिागों की महिलाओं ने प्रतिभाग किया। रैली कलेक्ट्रेट से शुरू हुई और पटेल नगर, आई.टी.आई., वर्मा तिराहा, ज्वालागंज, बाकरगंज, सदर अस्पताल, बिन्दकी बस स्टॉप, पथरकटा होते हुए वापस कलेक्ट्रेट परिसर में समाप्त हुई। रैली में 200 से ज्यादा वर्दीधारी महिला पुलिसकर्मी व शिक्षा विभाग की महिलायें चल रहीं थीं जो यह दिखा रहा था कि हमारे समाज में महिलाओं ने मुख्यधारा की जिम्मेदारी उठाना शुरू कर दिया है। ऐसी महिलायें जिनको किसी तरह की कानूनी समस्या होती है तो वे महिलायें महिला पुलिसकर्मियों को देखकर न्याय मांगने में हिचकेंगी नहीं। इसी तरह के कई संदेश देना इस रैली का मकसद है।
उम्मीद की जानी चाहिये कि महिला सशक्तिकरण रैलियों और कागजों तक सीमित न रहकर आने वाले समय में वास्तविक धरातल पर दिखाई देगा। जिसके लिये ये तमाम कवायद सरकार कर रही है।

गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है