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मेरठ पुलिस का अमानवीय चेहरा—शव को सड़क पर फेंका, वीडियो वायरल, 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड

Meerut पुलिस ने शव सड़क पर फेंका, वीडियो वायरल। दो पुलिसकर्मी सस्पेंड, जांच जारी। प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठे।

मेरठ पुलिस का अमानवीय चेहरा—अज्ञात शव को फेंकने का वीडियो वायरल, 2 अधिकारी निलंबित

रॉकेट पोस्ट भारत | मेरठ | 06 दिसंबर 2025

कानून की गाड़ी कहां रुक गई?

मेरठ की रातें अब सिर्फ अपराधियों की नहीं, बल्कि अधिकारियों की लापरवाही और अमानवीय करतूतों के वीडियो से भी हिल रही हैं।
नौचन्दी थाना क्षेत्र से सामने आया है एक ऐसा वीडियो, जिसने पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर दिया है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि एक अज्ञात शव को पुलिस कर्मियों द्वारा दूसरे थाना क्षेत्र में फेंका जा रहा है, ताकि अपनी जिम्मेदारी से बचा जा सके।

यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि आम जनता में भय और गुस्से का माहौल भी पैदा कर रही है।

सीसीटीवी में कैद हुई पुलिसवालों की करतूत

घटना का वीडियो रात करीब 2 बजे का है।

वीडियो में दो पुलिसकर्मी बाइक पर सवार होकर आते हैं।

एक ई-रिक्शा चालक अज्ञात शव को लेकर आता है, जिसे पुलिसकर्मी एक बंद दुकान के सामने रखकर चले जाते हैं

सुबह स्थानीय लोगों ने शव देखा और हड़कंप मच गया।

फिर क्या हुआ? सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पीएम के लिए भेज दिया गया।

अधिकारियों की जिम्मेदारी पर सवाल

वीडियो वायरल होने के बाद, प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए:

नौचन्दी थाना क्षेत्र की एल ब्लॉक चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार

तैनात सिपाही राजेश

होमगार्ड रोहताश

को निलंबित कर दिया

एसएसपी मेरठ विपिन ताडा ने कहा कि जांच एसपी सिटी को सौंपी गई थी। जांच में पाया गया कि शव को दूसरे थाना क्षेत्र में रखा गया, ताकि सिपाही और होमगार्ड अपनी जिम्मेदारी से बच सकें।

सरकारी मंशा—पारदर्शिता और जवाबदेही

यह घटना प्रशासन और पुलिस की जवाबदेही को उजागर करती है।
सरकार ने साफ किया है कि—
“कानून और सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी से भागने की अनुमति नहीं होगी।”

इस घटना के बाद पुलिस विभाग की जांच प्रक्रिया और निलंबन ने जनता के लिए यह संदेश दिया कि प्रशासन संवेदनशील मामले में तुरंत कार्रवाई करने को तैयार है।

जांच में सामने आये तथ्य

शव का सम्बन्ध अज्ञात है, लेकिन जिम्मेदारी टालने की मानसिकता स्पष्ट है।

घटना स्थल नौचन्दी थाना क्षेत्र की एल ब्लॉक चौकी था।

आरोपी अधिकारी शव को दूसरे थाना क्षेत्र में रखकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहे थे।

यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, जिससे कोई बहाना संभव नहीं रहा।

स्थानीय जनता और सोशल मीडिया प्रतिक्रिया

स्थानीय लोगों ने इस घटना को देखकर भय और आक्रोश जताया।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही जनता पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है।

कई नागरिकों ने मांग की कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाए।

मेरठ पुलिस की इस घटना ने साफ किया कि:

जवाबदेही और पारदर्शिता हर स्तर पर जरूरी है।

किसी भी अधिकारी की लापरवाही जनता के भरोसे को क्षतिग्रस्त कर सकती है।

प्रशासन ने तुरंत निलंबन और जांच कर यह संदेश दिया कि अमानवीय हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह मामला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सभी पुलिस कर्मियों और अधिकारियों के लिए चेतावनी है—
जनता की सुरक्षा, संवेदनशील मामलों में जिम्मेदारी और नैतिकता सर्वोपरि होनी चाहिए।