पीलीभीत: प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत स्व-रोज़गार और उद्यमिता को नया आयाम — 50,000 रुपये तक का समूहों को मिलेगा सीधा अनुदान
अजय देव वर्मा (रॉकेट पोस्ट भारत )
पीलीभीत प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) के घटक ग्रांट-इन-एड अंतर्गत पीलीभीत के अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्यों के लिए स्व-रोज़गार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की राह आसान हो गई है। इस योजना के माध्यम से इच्छुक लाभार्थी कम से कम 03 सदस्यों का समूह या क्लस्टर बनाकर अपनी उत्पादक इकाई स्थापित कर सकते हैं और ₹50,000/- अनुदान या परियोजना लागत का 50 % (जो कम हो) अनुदान के रूप में पा सकते हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक सहभागिता को बल मिलेगा।
आत्मनिर्भरता की राह पर अनुसूचित जाति समुदाय
प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना का ग्रांट-इन-एड घटक अनुसूचित जाति समुदाय के आर्थिक उत्थान, स्वरोज़गार सृजन और स्थानीय उद्यमिता को बल देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत लाभार्थियों को समूहों/क्लस्टरों के माध्यम से व्यवसाय स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है, साथ ही विशेष प्रशिक्षण, लिखा-पढ़ा समर्थन और बैंकिंग सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
क्या है PM-AJAY प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना?
प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) का उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदाय का समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित करना है। यह योजना आय सृजन गतिविधियों, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से अनुसूचित जातियों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने में सहायक है।
योजना के मुख्य लक्ष्यों में शामिल हैं:
अनुसूचित जाति व्यक्तियों को सफल उद्यमी बनाना
समूह/क्लस्टर आधारित उद्यमों को वित्तीय सहायता देना
प्रशिक्षण प्रदान कर हुनर उभारना
तीन वर्षों तक विभाग द्वारा हैंडहोल्डिंग सहायता देना
सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना
ग्रांट-इन-एड घटक, स्वरोज़गार और अनुदान का सुनहरा अवसर

PM-AJAY का यह घटक अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्यों को स्व-रोज़गार स्थापित करने के लिए मदद करता है। इसमें:
₹50,000/- तक का अनुदान या
परियोजना लागत का 50 % अनुदान (जो कम हो)
लाभार्थियों को प्रदान किया जाएगा ताकि वे छोटे-बड़े उद्यम स्थापित कर सकें। इसके अलावा, समूह के सदस्यों को उनके व्यवसाय के अनुरूप निःशुल्क प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है जिससे उनके कौशल में वृद्धि हो और वे अपने व्यवसाय को मजबूती से चला सकें।
उद्योगों और व्यवसायों की विस्तृत सूची
योजना के तहत निम्न व्यवसायों/प्रोजेक्ट्स के लिए समूह/क्लस्टर आधारित प्रस्ताव स्वीकार किए जाते हैं:
बुटीक व्यवसाय आधारित समूह
ब्यूटी पार्लर क्लस्टर
सोलर पैनल इंस्टॉलेशन टेक्नीशियन
लॉजिस्टिक वाहन चालक समूह
किराना/जनरल स्टोर समूह
फोटोग्राफर एवं वीडियोग्राफर समूह
ऑटो/ई-रिक्शा चालक समूह
मुर्गी पालन व्यवसाय
डेयरी एवं वर्मी कंपोस्टिंग व्यवसाय
बकरी पालन व्यवसाय
मल्टी-स्किल्ड निर्माण कार्य समूह
महिला गृह-उद्योग आधारित समूह
2/3 व्हीलर मैकेनिक सर्विस
IT/Hardware सपोर्ट क्लस्टर
मॉड्यूलर फर्नीचर/बढ़ई कार्य समूह
जन सुविधा केंद्र समूह
इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और पीलीभीत के ग्रामीण-शहरी समुदायों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
पात्रता और लाभार्थी चयन
योजना के लिए पात्रता के मुख्य बिंदु:
लाभार्थी अनुसूचित जाति का हो
वह पीलीभीत जनपद का निवासी हो
आयु 18 से 50 वर्ष के बीच हो
समूह या क्लस्टर के रूप में कार्य करना चाहता हो
पूर्व में किसी निगम योजना का बकाया न हो
वार्षिक पारिवारिक आय ₹2.50 लाख तक को प्राथमिकता दी जाएगी
साक्षरता आवश्यक
लाभार्थी ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं या सीधे कार्यालयों में भी आवेदन जमा कर सकते हैं। आवश्यक दस्तावेज़ों में पासपोर्ट-साइज फोटो, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण, बैंक पासबुक की छायाप्रति और शैक्षणिक योग्यता प्रमाण शामिल हैं।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और कार्यालय विवरण
इच्छुक व्यक्ति बेबसाइट-https://grant-in-aid.upscfdc.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
शहरी क्षेत्र: जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
ग्रामीण क्षेत्र: खंड विकास अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी से संपर्क कर आवेदन जमा कर सकते हैं।
योजना का आवेदन ऑनलाइन भी किया जा सकता है।
पीलीभीत प्रशासन की सकारात्मक भूमिका
पीलीभीत प्रशासन, खासकर डीएम ज्ञानेंद्र सिंह के नेतृत्व में, अनुसूचित जाति समुदाय के सशक्तिकरण के लिए इस योजना का प्रचार-प्रसार, जागरूकता और आवेदन सुविधा को तेज़ी से लागू कर रहा है। जिला स्तर पर कार्यालयों में विशेष सहायता काउंसलिंग और दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि इच्छुक लोगों को आवेदन प्रक्रिया सरल और स्पष्ट मिले। यह प्रशासन की खास पहल अनुसूचित जाति समुदाय को आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण-शहरी विकास की दिशा में बड़ी भूमिका निभा रही है।
सरकार का उद्देश्य — गरीबी उन्मूलन और आर्थिक समावेशन
प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों को गरीबी से ऊपर उठाना, रोज़गार के अवसर प्रदान करना और स्थायी आर्थिक समावेशन को सुनिश्चित करना है। इस पहल के माध्यम से अनुसूचित जाति के लोगों को सामाजिक न्याय और आर्थिक अवसरों के नए द्वार तक पहुंचाया जा रहा है।
आत्मनिर्भरता के नए अध्याय की शुरुआत
प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत ग्रांट-इन-एड घटक अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्यों को स्व-रोज़गार, समूह-आधारित उत्पादन इकाइयों और कौशल विकास के माध्यम से आर्थिक दृष्टि से सशक्त करने का सुनहरा अवसर देता है। 50,000 रुपये तक का अनुदान, निशुल्क प्रशिक्षण, बैंक ऋण समर्थन और प्रशासनिक सहायता इसे ग्रामीण-शहरी दोनों समुदायों के लिए एक बदलाव की शुरुआत बनाते हैं।
यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं — यह एक आत्मनिर्भर भविष्य की राह है, जिसमें पीलीभीत के युवा, महिलाएं और अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्य अब खुद की पहचान और व्यवसाय मॉडल बना सकते हैं।