बरेली बबाल का काला सच: मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ चार्जशीट, योगी राज में उपद्रव की साजिश पर निर्णायक वार
बरेली में 26 सितंबर को शहर को दहलाने वाले सुनियोजित बबाल का काला चिट्ठा अब अदालत के सामने खुल चुका है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ वैज्ञानिक साक्ष्यों, डिजिटल सबूतों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर चार्जशीट दाखिल कर दी है।
इस कार्रवाई के साथ ही यह साफ हो गया है कि योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश में अब भीड़ जुटाकर कानून को चुनौती देना नामुमकिन है।
तौकीर राजा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, मौलाना समेत 87 उपद्रवी जेल में बंद
बरेली पुलिस ने 26 सितंबर बबाल मामले में 12 मुकदमे दर्ज किए थे, जिनमें से 10 मुकदमों में गहन विवेचना के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी गई है।
इन चार्जशीट्स में मौलाना तौकीर रजा को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में चिन्हित किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में अब तक 87 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि 100 से अधिक षड्यंत्रकारियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
वैज्ञानिक साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शी बने मौलाना के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार
पुलिस की विवेचना में
सीसीटीवी फुटेज,
मोबाइल लोकेशन,
सोशल मीडिया कॉल रिकॉर्ड,
वीडियो फुटेज और
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
को आधार बनाया गया है।
इन्हीं ठोस सबूतों के दम पर मौलाना तौकीर रजा और उसके सहयोगियों की साजिश की पूरी परतें खोल दी गई हैं।
कैसे रची गई थी 26 सितंबर को बरेली जलाने की साजिश
26 सितंबर को मौलाना तौकीर रजा ने इस्लामिया ग्राउंड में हजारों लोगों की भीड़ जुटाने का आह्वान किया था।
भीड़ जुटते ही उसे भड़काया गया, और एक सोची-समझी साजिश के तहत पुलिस पर पथराव कराया गया,
यहां तक कि पुलिस पर फायरिंग भी कराई गई।
हालात उस वक्त बेकाबू हो गए जब
पुलिसकर्मियों से हथियार छीने गए
वायरलेस सेट और एंटी-राइट गन लूटी गई
कई पुलिसकर्मी और आम नागरिक घायल हुए
शहर के कई इलाके बने हिंसा के गवाह
इस बबाल का असर
कोतवाली,
प्रेम नगर,
कैट,
बारादरी,
किला थाना क्षेत्र
और
जिला पंचायत रोड तक फैल गया।
जिला पंचायत गेट के सामने प्रदर्शन के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
12 मुकदमे, गंभीर धाराएं और अब अदालत में फैसला तय
इस पूरे प्रकरण में
दंगा
सरकारी कार्य में बाधा
सरकारी संपत्ति को नुकसान
पुलिस पर जानलेवा हमला
जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए।
अब तक 10 मुकदमों में चार्जशीट दाखिल, जबकि 2 मुकदमों में जल्द चार्जशीट दाखिल होने की तैयारी है।
SP सिटी मानुष पारीख का बयान
एसपी सिटी मानुष पारीख ने स्पष्ट किया कि
यह कार्रवाई पूरी तरह वैज्ञानिक विवेचना पर आधारित है और
किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्य साजिशकर्ता मौलाना तौकीर रजा और उसके सहयोगियों के खिलाफ ठोस सबूत मौजूद हैं।
योगी की ज़ीरो टॉलरेंस नीति का साफ संदेश
यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि
उत्तर प्रदेश में अब भीड़ नहीं, कानून का राज चलता है।
धर्म के नाम पर हिंसा फैलाने वालों के लिए
योगी राज में सिर्फ जेल की सलाखें तय हैं।
बरेली बबाल का फैसला अब अदालत में, बचने की गुंजाइश खत्म
चार्जशीट दाखिल होते ही यह साफ हो गया है कि
मौलाना तौकीर रजा और उसके नेटवर्क का बचना अब बेहद मुश्किल है।
योगी सरकार की सख्ती और पुलिस की सटीक जांच ने
उपद्रव की राजनीति पर निर्णायक चोट कर दी है।