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Supreme Court Of India: ईसाई या मुस्लिम धर्म अपनाया तो SC स्टेटस खत्म; नहीं लगेगा SC/ST Act!

Supreme Court Of India: ईसाई या मुस्लिम धर्म अपनाया तो SC स्टेटस खत्म; नहीं लगेगा SC/ST Act!

Supreme Court Of India: देश में आरक्षण और धर्म परिवर्तन को लेकर चल रही बहस के बीच Supreme Court of India ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म से जुड़े लोग ही अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा पा सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति ईसाई या किसी अन्य धर्म में धर्मांतरण करता है, तो वह SC का दर्जा खो देगा।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस Pankaj Mithal (पीके मिश्रा) और जस्टिस Manmohan की बेंच ने अपने फैसले में कहा:

  • ईसाई धर्म अपनाने वाला व्यक्ति SC/ST एक्ट के तहत मिलने वाले लाभ का दावा नहीं कर सकता

  • धर्म परिवर्तन के बाद SC स्टेटस खत्म हो जाता है

  • ऐसे मामलों में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम लागू नहीं होगा

क्या था पूरा मामला?

यह मामला आंध्र प्रदेश के Visakhapatnam जिले के अनाकापल्ली से जुड़ा है।

  • चिंथदा आनंद, जो मूल रूप से SC (माला समुदाय) से थे

  • उन्होंने ईसाई धर्म अपनाया और पादरी बन गए

  • उन्होंने अक्काला रामिरेड्डी समेत कुछ लोगों पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया

  • SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज कराया

लेकिन जांच में सामने आया कि:

  • धर्म परिवर्तन के बाद उनका SC प्रमाण पत्र रद्द हो चुका था

  • वह पिछले 10 साल से चर्च में पादरी के रूप में काम कर रहे थे

हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मामला

  • Andhra Pradesh High Court ने मई 2025 में इस मामले में सुनवाई से इनकार कर दिया था

  • हाईकोर्ट ने कहा कि SC/ST एक्ट लागू नहीं होता

  • इसके बाद चिंथदा आनंद ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है।

संविधान में क्या कहता है कानून?

संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के अनुसार:

  • केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के लोगों को SC का दर्जा मिलता है

  • अगर कोई व्यक्ति ईसाई या मुस्लिम धर्म अपनाता है, तो उसका SC स्टेटस खत्म हो जाता है

पहले भी सुप्रीम कोर्ट दे चुका है संकेत

सुप्रीम कोर्ट पहले भी साफ कर चुका है कि:

  • सिर्फ आरक्षण का लाभ लेने के लिए धर्म परिवर्तन करना संविधान के साथ धोखा है

  • अगर कोई व्यक्ति धर्म बदलकर फिर वापस हिंदू धर्म में आता है, तो उसे SC स्टेटस के लिए
    👉 ठोस सबूत और समुदाय की स्वीकृति देनी होगी

आंध्र प्रदेश विधानसभा का प्रस्ताव

मार्च 2023 में Andhra Pradesh Legislative Assembly ने एक प्रस्ताव पास किया था:

  • केंद्र सरकार से मांग की गई थी

  • कि ईसाई धर्म अपना चुके दलितों को भी SC स्टेटस दिया जाए

हालांकि, इस पर अभी तक कोई बदलाव लागू नहीं हुआ है।

इस फैसले का क्या मतलब है?

यह फैसला साफ करता है कि:

  • धर्म परिवर्तन का सीधा असर आरक्षण पर पड़ता है

  • SC/ST एक्ट का फायदा केवल उन्हीं को मिलेगा जो कानूनी रूप से SC कैटेगरी में आते हैं

अब यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक बड़ा उदाहरण बनेगा।