Noida Protest: नोएडा के फेज-2 इंडस्ट्रियल एरिया में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन सोमवार सुबह अचानक हिंसक हो गया। गुस्साए मजदूर सड़कों पर उतर आए, जमकर पथराव किया और कई गाड़ियों व बसों में आग लगा दी। हालात बिगड़ने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और कई थानों की फोर्स मौके पर बुलानी पड़ी।
3 दिन से चल रहा था प्रदर्शन, 1000 से ज्यादा कर्मचारी शामिल
नोएडा फेज-2 इलाके में मदरसन, ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट, एसएनडी और अनुभव कंपनियों के 1000 से ज्यादा कर्मचारी पिछले 3 दिनों से सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सोमवार को करीब 500 कर्मचारी मदरसन कंपनी के बाहर इकट्ठा हुए, जहां से हिंसा की शुरुआत हुई।
सड़क पर उतरे कर्मचारी, गाड़ियों और बसों में लगाई आग
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी अचानक उग्र हो गए। उन्होंने सड़क पर उतरकर कई गाड़ियों और बसों को आग के हवाले कर दिया। पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
पुलिस की गाड़ी पलटी, पथराव के बाद छोड़े गए आंसू गैस के गोले
जब पुलिस ने हालात काबू में करने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस की एक गाड़ी भी पलट दी गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई।
🚨 Noida Labour Outrage: Massive Wage Hike Protest Turns Violent
Incident SummaryNoida factory workers’ wage protest turned violent in Phase 2, vandalising vehicles.
CM Yogi Adityanath ordered strict action against instigators, while ensuring labour rights are protected and… pic.twitter.com/pACfPKEmT8
— Ramesh Tiwari (@rameshofficial0) April 13, 2026
नोएडा के कई सेक्टरों में प्रदर्शन, लगा लंबा जाम
प्रदर्शन सिर्फ फेज-2 तक सीमित नहीं रहा। सेक्टर 40, 60, 85 समेत 10 से ज्यादा जगहों पर कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। सेक्टर 1, 15 और 62 में कर्मचारी सड़क पर बैठकर नारेबाजी कर रहे हैं, जिससे कई इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
सेक्टर 85 में Dixon कंपनी का गेट तोड़ा, अंदर घुसने की कोशिश
सेक्टर 85 में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने Dixon कंपनी का गेट तोड़ दिया और अंदर घुसने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान कर्मचारियों ने पत्थरबाजी भी की। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया।
कर्मचारियों की मांग: कम सैलरी में गुजारा मुश्किल
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बहुत कम वेतन मिल रहा है।
- कर्मचारी सीनू राय ने बताया कि अभी ₹14000 सैलरी मिल रही है, जबकि केंद्र सरकार के नियम लागू नहीं किए गए हैं।
- कर्मचारी राजू का कहना है कि कहीं ₹11000 तो कहीं ₹12000 वेतन मिल रहा है, जो महंगाई के हिसाब से बेहद कम है।
- उनका कहना है कि एक दिन की मजदूरी ₹800-900 होनी चाहिए, जबकि अभी ₹300-400 मिल रही है।
प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर, बातचीत जारी
स्थिति को काबू में करने के लिए डिप्टी लेबर कमिश्नर, एडिशनल डीसीपी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। श्रमिकों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने की कोशिश की जा रही है।
डीएम मेधा रूपम का बयान, अफवाहों से बचने की अपील
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कंपनियों के साथ बैठक में कर्मचारियों के हित में कई अहम फैसले लिए गए हैं।
कर्मचारियों को दिए गए 11 बड़े आश्वासन
प्रशासन ने श्रमिकों की मांगों को लेकर 11 अहम वादे किए हैं:
- ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से होगा
- हर सप्ताह अवकाश मिलेगा
- रविवार को काम कराने पर दोगुना भुगतान
- बोनस 30 नवंबर तक खाते में
- फैक्ट्रियों के बाहर CCTV चालू रहेंगे
- गाइडलाइंस नोटिस बोर्ड पर लगेंगी
- कंट्रोल रूम बनाया गया, हेल्पलाइन नंबर जारी
- कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति
- हर महीने 10 तारीख तक वेतन भुगतान
- वेतन पर्ची अनिवार्य
- शिकायत पेटी लगाई जाएगी
कंट्रोल रूम नंबर जारी, समाधान की कोशिश
श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन ने कंट्रोल रूम बनाया है। इसके लिए 0120-2978231, 0120-2978232, 0120-2978862 और 0120-2978702 नंबर जारी किए गए हैं।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).