Aparna Yadav: लखनऊ में शुक्रवार देर रात महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी माहौल गरमा गया। भाजपा नेता और यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष Aparna Yadav ने विधानसभा के सामने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा और कांग्रेस के झंडे जलाए गए और जमकर नारेबाजी हुई। महिला आरक्षण बिल पास न होने को लेकर उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
बीच सड़क पर प्रदर्शन, जलाए गए झंडे
शुक्रवार देर रात अपर्णा यादव अपने समर्थकों और आयोग के पदाधिकारियों के साथ सड़क पर उतर आईं। विधानसभा के सामने प्रदर्शन करते हुए सपा और कांग्रेस के झंडे जलाए गए। यह विरोध महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में पास न होने को लेकर किया गया।
“ये दुर्योधन-दुःशासन जैसे”
प्रदर्शन के दौरान अपर्णा यादव ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि
“आज की रात काली साबित हुई। ये लोग दुर्योधन और दुःशासन जैसे हैं, इसलिए इनके झंडे जला रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि सुबह जश्न मनाने की तैयारी थी, लेकिन बिल पास न होने से निराशा हाथ लगी।
जिनकी बहू ही उनके कब्जे में ना हो और वह हमारे दलित पिछड़े आदिवासी लोगों के लिए क्या लड़ेंगे
जब घर की बहू हुई भाजपा की गोद में जाकर बैठी हुई हो वो बहुजन महिलाओं के लिए क्या लड़ेंगे?
अपर्णा यादव महिला आरक्षण बिल पास न होने के विरोध में सपा का झंडा जलाते हुए pic.twitter.com/Pw7emOeZ7w— Dr .Sirwalia🇮🇳 (@dr_ambedkarji) April 18, 2026
“सिर्फ परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं”
अपर्णा यादव ने आरोप लगाया कि विपक्ष कभी नहीं चाहता कि आम घर की बेटियां और बहुएं राजनीति में आगे आएं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल सिर्फ अपने परिवार को आगे बढ़ाने में लगे रहते हैं।
“नारी शक्ति इन लोगों को कभी माफ नहीं करेगी।”
“काली रात” और “कुरूपी चेहरा” वाला बयान
अपर्णा यादव ने इस घटना को “कलंकित कर देने वाली रात” बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन विपक्ष ने बिल पास नहीं होने दिया।
“विपक्ष का कुरूपी चेहरा उजागर हो गया है।”
सपा कार्यालय के बाहर भी महिलाओं का प्रदर्शन
इसी मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर भी रात करीब 10 बजे महिलाओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने
Akhilesh Yadav और Rahul Gandhi के खिलाफ नारेबाजी की।
महिला आयोग की एक सदस्य ने कहा कि बिल पास न होने से महिलाओं का सपना टूट गया है।
अखिलेश यादव का तंज
इस पूरे मामले पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज कसते हुए लिखा कि
“BJP को कम से कम 12 महिलाएं तो प्रदर्शन में भेजनी चाहिए थीं।”
भाजपावाले लगभग 12 करोड़ महिलाओं वाले उप्र में 12 महिलाओं को तो भेजते। pic.twitter.com/vIuXpdKIVZ
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 17, 2026
क्यों नहीं पास हुआ महिला आरक्षण बिल?
महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल लोकसभा में पास नहीं हो पाया।
- कुल 528 सांसदों ने वोटिंग में हिस्सा लिया
- पक्ष में 298 वोट पड़े
- विपक्ष में 230 वोट पड़े
- बिल पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी था
इस बिल में संसद की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था।
अपर्णा यादव का राजनीतिक और निजी प्रोफाइल
- जन्म: 1 जनवरी 1990 (मूल नाम अपर्णा बिष्ट)
- शिक्षा: लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट से स्कूली पढ़ाई, आगे की पढ़ाई ब्रिटेन में
- शादी: Prateek Yadav से 4 दिसंबर 2011 को
- परिवार: Mulayam Singh Yadav की बहू
राजनीतिक सफर:
- 2017: सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, Rita Bahuguna Joshi से हार
- 2022: सपा छोड़कर भाजपा में शामिल
- 2024-25: यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष बनीं
अपर्णा यादव मुलायम परिवार की पहली सदस्य हैं, जिन्होंने सपा छोड़कर भाजपा जॉइन की।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).