Indian Politics: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के खिलाफ दायर एक अहम याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका राहुल गांधी के उस बयान को लेकर दाखिल की गई थी, जिसमें उन्होंने बीजेपी, आरएसएस और सरकार के खिलाफ “लड़ाई” की बात कही थी। कोर्ट ने साफ कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना अपराध नहीं है, बल्कि यह संसदीय व्यवस्था का जरूरी हिस्सा है।
हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज
यह फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस विक्रम डी. चौहान की सिंगल बेंच ने सुनाया। कोर्ट ने 9 अप्रैल को मामले की सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसके बाद शुक्रवार को याचिका को खारिज कर दिया गया।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की नीतियों की आलोचना करना और वैचारिक मतभेद रखना पूरी तरह वैध है। इसे किसी भी तरह से अपराध या विद्रोह भड़काने से नहीं जोड़ा जा सकता।
कोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एक जनप्रतिनिधि अगर किसी विचारधारा या सरकारी नीति के खिलाफ संघर्ष की बात करता है, तो इसे देश विरोधी गतिविधि नहीं माना जा सकता।
कोर्ट के मुताबिक लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और सरकार की आलोचना लोकतांत्रिक मूल्यों का हिस्सा है।
चंदौसी की सिमरन गुप्ता ने दायर की थी याचिका
यह याचिका संभल जिले की चंदौसी निवासी सिमरन गुप्ता ने दाखिल की थी। उन्होंने चंदौसी कोर्ट के 7 नवंबर 2025 के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल याचिका को कमजोर आधार वाला बताते हुए खारिज कर दिया गया था।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
राहुल गांधी के बयान पर उठा था विवाद
याचिका में कहा गया था कि 15 जनवरी 2025 को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के उद्घाटन समारोह के दौरान राहुल गांधी ने कहा था—
“हम बीजेपी, आरएसएस और भारतीय सरकार से लड़ रहे हैं।”
इसी बयान को आधार बनाकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई थी।
पहले समन भी जारी हुआ था
इस मामले में पहले संभल की जिला अदालत ने 21 मई 2025 को राहुल गांधी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने या कोर्ट में पेश होने को कहा था।
बाद में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने समन भी जारी किया था, लेकिन आगे चलकर याचिका को खारिज कर दिया गया। इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
उद्घाटन समारोह में क्या बोले थे राहुल गांधी?
दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के उद्घाटन के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि उनकी विचारधारा हजारों साल पुरानी है और वह आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ लड़ रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि बीजेपी और आरएसएस ने देश के कई संस्थानों पर कब्जा कर लिया है और अब उनकी लड़ाई भारतीय सरकार से भी है। साथ ही उन्होंने मीडिया की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए थे।
राजनीतिक बयान पर कानूनी बहस
इस पूरे मामले ने राजनीतिक भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर कानूनी बहस छेड़ दी थी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि लोकतंत्र में राजनीतिक आलोचना को अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).