UP Crime News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर सोमवार सुबह गोलियों की आवाज से गूंज उठा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्ररहमान के पिता और उनके साले को गोली मार दी गई। दोनों पेशे से वकील हैं और चैंबर अलॉटमेंट को लेकर दूसरे पक्ष से विवाद चल रहा था। आरोप है कि चैंबर का ताला तोड़ने पहुंचे लोगों ने विरोध करने पर फायरिंग कर दी। दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
कचहरी परिसर में चली गोलियां
यह घटना सोमवार सुबह जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में हुई। घायल इमामुद्दीन और रऊफ खान कोर्ट में वकालत करते हैं। दोनों का चैंबर नंबर-272 को लेकर विवाद चल रहा था।
बताया जा रहा है कि सुबह कुछ लोग विवादित चैंबर का ताला तोड़ने पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद इतना बढ़ गया कि फायरिंग शुरू हो गई।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष के पिता और साले घायल
घटना में कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्ररहमान के पिता इमामुद्दीन और उनके साले रऊफ खान घायल हुए हैं। दोनों को पैर में गोली लगी है।
फायरिंग के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
SSP ने क्या बताया?
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि कचहरी परिसर में मारपीट और फायरिंग की घटना हुई है, जिसमें दो अधिवक्ता घायल हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
क्या है पूरा चैंबर विवाद?
चैंबर नंबर-272 को लेकर चल रहा था विवाद
इमामुद्दीन ने बताया कि कोर्ट के एन ब्लॉक में स्थित चैंबर नंबर-272 पहले दिवंगत अधिवक्ता सलीम अख्तर का था। उनकी मौत के बाद उनकी पत्नी ने यह चैंबर उन्हें अलॉट कराया था।
उन्होंने कहा कि जिला सत्र न्यायालय और डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की लंबी प्रक्रिया के बाद चैंबर आधिकारिक तौर पर उन्हें दिया गया था।
लेकिन बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव पवन निम और उनके समर्थक इसका विरोध कर रहे थे।
सुबह 6:30 बजे मिली ताला तोड़ने की सूचना
इमामुद्दीन के मुताबिक सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे उन्हें सूचना मिली कि कुछ लोग उनके चैंबर का ताला तोड़ रहे हैं।
इसके बाद वह अपने बेटे जियाउर्ररहमान के साले रऊफ खान के साथ तुरंत कचहरी पहुंचे।
विरोध करने पर मारपीट और फायरिंग का आरोप
घायल इमामुद्दीन का आरोप है कि जब उन्होंने विरोध किया तो पवन निम और उनके साथियों ने उन पर हमला कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जातिगत टिप्पणियां करते हुए उन्हें और रऊफ खान को पीटा गया। इसके बाद पवन निम और उनके साथी अधिवक्ता सलेखचंद ने लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी।
तीन राउंड फायरिंग, दोनों के पैर में लगी गोली
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने करीब तीन राउंड फायरिंग की।
एक गोली इमामुद्दीन के दाएं पैर की जांघ में लगी, जबकि दूसरी गोली रऊफ खान के बाएं पैर के घुटने के नीचे लगी।
दोनों गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़े। घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया
सूचना मिलने के बाद कोतवाली नगर प्रभारी धर्मेंद्र राठौर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है।
विवादित चैंबर को पुलिस ने किया सील
घटना के बाद पुलिस ने कोर्ट परिसर में मौजूद चैंबर नंबर-272 को सील कर दिया है।
कचहरी परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की तलाश भी जारी है।
कचहरी में फायरिंग से वकीलों में दहशत
दिनदहाड़े कोर्ट परिसर में हुई इस फायरिंग से वकीलों और आम लोगों में डर का माहौल है।
अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर अदालत परिसर जैसे संवेदनशील इलाके में हथियार लेकर लोग कैसे पहुंच गए और फायरिंग तक की नौबत कैसे आ गई।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).