उत्तर प्रदेश में स्व-गणना अभियान को मिली तेज रफ्तार, 7.5 लाख से अधिक लोगों ने कराया पंजीकरण; पीलीभीत भी 20 हजार के पार
हर गणना से विकास का नया कदम: जनगणना 2027 के लिए बढ़ता जनसहभाग
देशव्यापी जनगणना 2027 को सफल बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “स्व-गणना अभियान” को उत्तर प्रदेश में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। लोगों की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता के चलते राज्य में स्व-गणना का आंकड़ा 7 लाख 50 हजार से अधिक पहुंच चुका है। वहीं जनपद पीलीभीत ने भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए 20 हजार से अधिक स्व-गणना दर्ज कर नई ऊर्जा का संदेश दिया है।
“हर गणना से, विकास का नया कदम” के संदेश के साथ चल रहा यह अभियान लोगों को डिजिटल माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कराने के लिए प्रेरित कर रहा है। अभियान का उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, तेज और जनभागीदारी आधारित बनाना है।
क्या है स्व-गणना अभियान?
भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 के अंतर्गत शुरू किया गया “स्व-गणना अभियान” नागरिकों को यह सुविधा प्रदान करता है कि वे स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने परिवार और घर से जुड़ी आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकें। इससे जनगणना प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होने के साथ-साथ समय और संसाधनों की भी बचत होगी।
इस अभियान के अंतर्गत नागरिक निर्धारित पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं और राष्ट्रीय जनगणना में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में 7.5 लाख का आंकड़ा पार
स्व-गणना अभियान में उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में अब तक 7 लाख 50 हजार से अधिक लोगों द्वारा स्व-गणना की जा चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि आम नागरिकों में जनगणना को लेकर जागरूकता और सहभागिता लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को घर बैठे जानकारी भरने की सुविधा मिलने से अभियान को व्यापक गति मिली है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग बढ़-चढ़कर इसमें भाग ले रहे हैं।
पीलीभीत ने दिखाई शानदार भागीदारी
जनपद पीलीभीत ने भी इस अभियान में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जिले में 20 हजार से अधिक स्व-गणना पूरी की जा चुकी है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों का असर अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है।
अभियान से जुड़े संदेश में कहा गया है कि “स्व गणना में जनपद पीलीभीत को सबसे आगे ले जाना है।” इसी लक्ष्य के साथ जिले में लोगों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है कि वे स्वयं पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज करें और जिले को प्रदेश में अग्रणी बनाएं।
100 प्रतिशत स्व-गणना का लक्ष्य
अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को स्व-गणना से जोड़ना है ताकि 100 प्रतिशत जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए नागरिकों से अपील की जा रही है—
“आइए, हम सब मिलकर जनगणना को सफल बनाएं।”
प्रशासन द्वारा लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग, ऑनलाइन पंजीकरण और जानकारी भरने की प्रक्रिया के बारे में लगातार जागरूक किया जा रहा है।
क्या आपकी स्व-गणना हुई?
अभियान में नागरिकों से यह महत्वपूर्ण सवाल भी पूछा जा रहा है—
“आपकी स्व-गणना हुई क्या?”
यदि अब तक किसी नागरिक ने अपनी स्व-गणना नहीं कराई है, तो उनसे अपील की गई है कि वे तुरंत स्व-गणना पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज करें और देश की जनगणना प्रक्रिया में भागीदार बनें।
ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करें अपनी जानकारी
नागरिकों को अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए आधिकारिक स्व-गणना पोर्टल का उपयोग करने के लिए कहा गया है:
इसके अलावा जनगणना से जुड़ी विस्तृत जानकारी और अन्य अपडेट आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं:
Census of India Official Website
FAQs देखने की भी अपील
अभियान के अंतर्गत लोगों से यह भी कहा गया है कि वे पोर्टल पर दिए गए “Frequently Asked Questions (FAQs)” अवश्य पढ़ें। इससे स्व-गणना प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, जानकारी भरने के तरीके और अन्य तकनीकी सवालों के उत्तर आसानी से मिल सकेंगे।
डिजिटल इंडिया की ओर मजबूत कदम
स्व-गणना अभियान केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी माना जा रहा है। ऑनलाइन माध्यम से स्वयं जानकारी दर्ज करने की सुविधा नागरिकों को सशक्त बनाने के साथ-साथ शासन प्रणाली को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने का कार्य कर रही है।
जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, सड़क, जल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की योजना तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी अत्यंत आवश्यक मानी जा रही है।
जनगणना से तय होगा विकास का भविष्य
विशेषज्ञों के अनुसार सटीक जनगणना किसी भी राज्य और देश के विकास की मजबूत नींव होती है। इससे सरकार को यह समझने में सहायता मिलती है कि किस क्षेत्र में कितनी आबादी है, लोगों की आवश्यकताएं क्या हैं और किन योजनाओं को किस स्तर पर लागू करने की जरूरत है।
इसीलिए अभियान का संदेश भी स्पष्ट रूप से लोगों को प्रेरित करता है—
“हमारी जनगणना, हमारा विकास”
जनभागीदारी, डिजिटल सुविधा और जागरूकता के बल पर उत्तर प्रदेश में स्व-गणना अभियान नई ऊंचाइयों को छूता दिखाई दे रहा है। अब लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग स्वयं आगे आकर अपनी जानकारी दर्ज करें और जनगणना 2027 को ऐतिहासिक सफलता दिलाएं।