कृषि स्नातकों के लिए बड़ा मौका, एग्रीजंक्शन योजना से मिलेगा स्वरोजगार का सीधा फ़ायदा
पीलीभीत में बेरोजगार कृषि स्नातकों के लिए सुनहरा अवसर, 30 मई तक करें ऑनलाइन आवेदन
उत्तर प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों तक आधुनिक कृषि सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार नई योजनाएं संचालित कर रही है। इसी क्रम में जनपद पीलीभीत में “प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्रीजंक्शन) योजना” कृषि स्नातकों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। इस योजना के माध्यम से कृषि एवं सहबद्ध विषयों में डिग्री प्राप्त बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की जा रही है।
उप कृषि निदेशक राम मिलन सिंह परिहार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना कृषि स्नातकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि निवेश और बेहतर कृषि प्रसार सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। योजना के जरिए प्रशिक्षित युवा कृषि उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना सकेंगे और गांव-गांव किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों व सेवाओं को पहुंचाने का कार्य करेंगे।
क्या है प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्रीजंक्शन) योजना?
“प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना”, जिसे आमतौर पर एग्रीजंक्शन योजना कहा जाता है, प्रदेश सरकार की ऐसी योजना है जिसका उद्देश्य कृषि स्नातकों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत चयनित युवाओं को कृषि व्यवसाय से जुड़ी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित कर उद्यमी बनाया जाता है।
योजना के माध्यम से कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का विस्तार, किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि निवेश उपलब्ध कराना तथा कृषि सलाह और सेवाएं गांव स्तर तक पहुंचाना प्रमुख लक्ष्य है।
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना में आवेदन करने के लिए कुछ निर्धारित पात्रताएं तय की गई हैं। उप कृषि निदेशक के अनुसार जनपद में निवास करने वाले बेरोजगार कृषि स्नातक इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पात्र अभ्यर्थियों में वे युवा शामिल होंगे जिन्होंने कृषि एवं सहबद्ध विषयों में डिग्री प्राप्त की हो। इनमें मुख्य रूप से—
- कृषि
- कृषि व्यवसाय प्रबंधन
- उद्यान
- पशुपालन
- वानिकी
- दुग्ध विज्ञान
- पशुचिकित्सा
- मुर्गी पालन
जैसे विषय शामिल हैं।
अभ्यर्थी की डिग्री किसी राज्य या केंद्रीय विश्वविद्यालय अथवा ऐसे विश्वविद्यालय से होनी चाहिए जो आईसीएआर (ICAR) या यूजीसी (UGC) से मान्यता प्राप्त हो।
आयु सीमा में भी दी गई छूट
योजना के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। हालांकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा महिला अभ्यर्थियों को अधिकतम 5 वर्ष की आयु सीमा में छूट प्रदान की गई है।
इस प्रावधान से बड़ी संख्या में पात्र युवाओं को योजना का लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिलास्तर समिति करेगी चयन
योजना के अंतर्गत अभ्यर्थियों का चयन जनपद स्तर पर गठित समिति द्वारा किया जाएगा। यह समिति जिलाधिकारी अथवा मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित की गई है।
चयन प्रक्रिया के दौरान पात्रता, योग्यता तथा अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।
ऑनलाइन होंगे आवेदन
उप कृषि निदेशक राम मिलन सिंह परिहार ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक अभ्यर्थी कृषि विभाग की विभागीय वेबसाइट अथवा निर्धारित लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के लिए आधिकारिक लिंक:
Agrijunction Application Portal
इसके अतिरिक्त कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध है:
Uttar Pradesh Agriculture Department
30 मई 2026 अंतिम तिथि
योजना में आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 मई 2026 निर्धारित की गई है। विभाग ने पात्र युवाओं से समय रहते आवेदन करने की अपील की है ताकि वे इस स्वरोजगार योजना का लाभ उठा सकें।
सबसे खास बात यह है कि आवेदन करने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है। यानी अभ्यर्थी निशुल्क आवेदन कर सकते हैं।
किसानों को भी मिलेगा लाभ
यह योजना केवल कृषि स्नातकों के रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा लाभ किसानों को भी मिलेगा। योजना के तहत प्रशिक्षित कृषि उद्यमी किसानों को आधुनिक खेती, बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्र और अन्य कृषि निवेश से जुड़ी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।
इससे खेती को अधिक लाभकारी और आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी।
आत्मनिर्भर गांव और मजबूत कृषि व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि एग्रीजंक्शन योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इससे जहां शिक्षित युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं किसानों को गांव स्तर पर प्रशिक्षित कृषि विशेषज्ञों की सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
प्रदेश सरकार की यह पहल कृषि क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी अहम मानी जा रही है।
यहां मिलेगी पूरी जानकारी?
योजना से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए इच्छुक अभ्यर्थी किसी भी कार्य दिवस में उप कृषि निदेशक कार्यालय, पीलीभीत से संपर्क कर सकते हैं।
विभाग ने सभी पात्र कृषि स्नातकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और स्वरोजगार की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएं।