Crime News: बरेली में डीएलएड की होनहार छात्रा नीतू गंगवार (23) की हत्या ने पूरे इलाके को हिला दिया है। नीतू के पिता सोमपाल, जो एक शिक्षक और स्कूल संचालक हैं, ने रोते हुए बताया कि उनकी बेटी ने अशोक पर भरोसा किया था क्योंकि वह पहले उनके ही स्कूल में पढ़ चुका था और परिवार का जाना-पहचाना था। लेकिन इसी भरोसे ने उनकी बेटी की जान ले ली। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अशोक ने नीतू की हत्या की पूरी योजना पहले से बना रखी थी, जिसमें उसने ‘मर्डर का रिहर्सल’ तक किया।
पिता का दर्द: “बेटी मेरा स्वाभिमान थी”
नीतू के पिता सोमपाल ने बताया कि वे बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं मानते थे। उन्होंने अपनी बेटी को अच्छी शिक्षा के लिए घर से बाहर भेजा ताकि वह अपने पैरों पर खड़ी हो सके। नीतू टीचर बनना चाहती थी और पढ़ाई में बेहद होनहार थी। परिवार में चार बच्चे हैं और नीतू दूसरे नंबर पर थी। पिता ने साफ कहा कि आरोपी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
हत्या से पहले ‘रिहर्सल’ की खौफनाक साजिश
पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है कि अशोक ने हत्या से पहले नीतू के साथ बाइक पर जाते समय दो बार जानबूझकर झटका देकर उसे गिराया। इसका मकसद यह देखना था कि अगर वह बार-बार गिरती है तो उसकी मौत को सड़क हादसा दिखाया जा सके। नीतू इसे सामान्य हादसा समझकर हर बार वापस उसकी बाइक पर बैठ गई।
मोबाइल चैट बनी हत्या की वजह
बताया जा रहा है कि 15 मई को परीक्षा खत्म होने के बाद जब नीतू बाहर निकली, तो अशोक उसे बाइक से लेकर गया। नीतू ने हमेशा की तरह अपना मोबाइल उसे दे दिया। उसी मोबाइल में मौजूद कुछ चैट्स और फोटोज देखकर अशोक के अंदर शक और गुस्सा बढ़ गया। इसी के बाद उसने हत्या की योजना बना ली।
शादी का प्रस्ताव और बढ़ता तनाव
रास्ते में अशोक ने नीतू से शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे नीतू ने अपने करियर और भविष्य के कारणों से ठुकरा दिया। इसी बात पर वह और ज्यादा आक्रामक हो गया। पुलिस के अनुसार, असली वजह शक और ईर्ष्या थी, जो मोबाइल चैट देखने के बाद और बढ़ गई थी।
दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या
आरोप है कि अशोक ने बड़े बाईपास के पास नीतू की ही दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया और शव को खेत में फेंक दिया। अगले दिन 16 मई को खन्ना गोटिया के पास खेत में नीतू का शव मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
खेत में मिली लाश और एडमिट कार्ड का दर्दनाक सच
पुलिस को आरोपी के पास से नीतू का पर्स मिला, जिसमें उसका परीक्षा का प्रश्नपत्र और एडमिट कार्ड मौजूद था। यह दृश्य परिवार के लिए सबसे दर्दनाक साबित हुआ, क्योंकि उसमें उसकी मेहनत और सपने दोनों जुड़े थे।
पुलिस कार्रवाई और एनकाउंटर
हत्या के बाद आरोपी रामपुर के रास्ते दिल्ली भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस की चार टीमों ने पीछा किया और 17 मई की रात ट्यूलिया अंडरपास के पास घेर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने फायरिंग की कोशिश की, जिसके जवाब में उसके पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसके पास से हथियार, कारतूस, बाइक और अन्य सामान बरामद हुआ।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
नीतू के घर में पिछले दो दिनों से चूल्हा तक नहीं जला। मां, बहनें और भाई लगातार रो रहे हैं। पूरा परिवार सदमे में है और बेटी की याद में टूट चुका है। गांव में भी इस घटना को लेकर गहरा गुस्सा और शोक है।