Exam Paper Leak: कानपुर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां SSC GD परीक्षा के दौरान पेपर लीक और धांधली के आरोपों ने बवाल खड़ा कर दिया। सरसौल इलाके के एक परीक्षा केंद्र पर छात्रों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने महाराजपुर हाईवे जाम कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच झड़प तक हो गई।
क्या है पूरा मामला? कहां हुआ विवाद
पूरा मामला सरसौल क्षेत्र स्थित श्रीमती रामकली इकबाल बहादुर ऑनलाइन सेंटर का है।
रविवार को यहां SSC GD परीक्षा की दोपहर 1 बजे की शिफ्ट होनी थी।
लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही गड़बड़ी की खबर फैल गई, जिसके बाद माहौल बिगड़ गया।
समय से पहले पेपर बांटने का आरोप
अभ्यर्थियों का आरोप है कि:
- कुछ चुनिंदा छात्रों को तय समय से पहले अंदर बुला लिया गया
- उन्हें चुपके से पहले ही प्रश्नपत्र दे दिया गया
- बाकी छात्र बाहर इंतजार करते रहे
जैसे ही यह बात बाहर खड़े छात्रों तक पहुंची, परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे और छात्रों ने पेपर लीक का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
सेंटर प्रशासन पर तानाशाही का आरोप
स्थिति बिगड़ती देख परीक्षा केंद्र संचालकों ने बड़ा कदम उठाया:
- अंदर परीक्षा दे रहे छात्रों को भी जबरन बाहर निकाल दिया गया
- परीक्षा अचानक रोक दी गई
इस फैसले से अभ्यर्थियों का गुस्सा और भड़क गया और उन्होंने इसे मनमानी करार दिया।
छात्रों ने महाराजपुर हाईवे किया जाम
गुस्साए छात्र सैकड़ों की संख्या में परीक्षा केंद्र के बाहर इकट्ठा हो गए और:
- परीक्षा रद्द करने की मांग की
- निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
- महाराजपुर हाईवे पर बैठकर धरना शुरू कर दिया
देखते ही देखते हाईवे के दोनों तरफ लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
पुलिस और छात्रों के बीच झड़प
हाईवे जाम की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची।
- पुलिस ने छात्रों को समझाने की कोशिश की
- लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे
- कई बार तीखी नोकझोंक हुई
- मामला झड़प तक पहुंच गया
आखिरकार पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर छात्रों को हटाया और जाम खुलवाया।
जांच के घेरे में परीक्षा केंद्र
इस पूरे मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।
- परीक्षा केंद्र संचालकों से पूछताछ की जा रही है
- CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं
- पेपर लीक के आरोपों की जांच शुरू हो गई है
फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है।
बड़ा सवाल: क्या सुरक्षित हैं प्रतियोगी परीक्षाएं?
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि:
- क्या परीक्षा केंद्रों पर पारदर्शिता बनी हुई है?
- क्या छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है?
अब सबकी नजर प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर टिकी है।