रॉन्ग साइड ड्राइव ने उजाड़ दिया पूरा परिवार, गंगा एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसे में पिता-बेटी की मौत
संभल के गंगा एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह हुआ भीषण सड़क हादसा कई जिंदगियों को हमेशा के लिए बदल गया। तेज रफ्तार और रॉन्ग साइड से चढ़ी एक कार ने ऐसा खौफनाक मंजर पैदा किया कि कुछ ही पलों में खुशहाल सफर मातम में बदल गया। आमने-सामने की भीषण टक्कर में पिता और बेटी की मौत हो गई, जबकि मां, दूसरी बेटी और डेढ़ साल की मासूम बच्ची जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं। हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे पर चीख-पुकार मच गई और क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे लोगों को निकालने के लिए पुलिस और राहत टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सुबह की शांति मातम में बदल गयी
यह दर्दनाक हादसा मंगलवार सुबह करीब 7 बजे संभल जिले के थाना कैलादेवी क्षेत्र में गांव अझरा के पास गंगा एक्सप्रेस-वे पर हुआ। बताया गया कि चंदौसी से मेरठ की ओर जा रही एक पोलो कार अचानक रॉन्ग साइड से एक्सप्रेस-वे पर चढ़ गई। उसी दौरान नोएडा से लखनऊ की ओर जा रही मर्सिडीज कार सामने आ गई।
कुछ ही सेकंड में दोनों गाड़ियों के बीच आमने-सामने की इतनी भीषण भिड़ंत हुई कि आसपास का इलाका धमाके जैसी आवाज से गूंज उठा। टक्कर के बाद दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।
कार में फंसे रहे डॉक्टर अरविंद कुमार, बेटी ने मौके पर तोड़ा दम
हादसे में चंदौसी निवासी डॉक्टर अरविंद कुमार (55) और उनकी बेटी यामिनी (30) की मौत हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि डॉक्टर अरविंद कुमार कार के अंदर बुरी तरह फंस गए।
राहत टीम और पुलिस ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी बेटी यामिनी ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था।
एक पल में इस हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। जो लोग कुछ समय पहले तक सफर कर रहे थे, वही अचानक मौत के गाल में समा गए।
मां, बेटी और मासूम बच्ची मरणासन
हादसे में डॉक्टर अरविंद कुमार की पत्नी मोना (50), प्रिया (32) पत्नी राजेश निवासी हरिनगर बेस्ट दिल्ली और डेढ़ वर्षीय मासूम बच्ची सुक्छरिता गंभीर रूप से घायल हो गईं।
तीनों घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक नानी और नातिन की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर करने की तैयारी भी की जा रही है।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने बचाई कई जिंदगियां
हादसे की सूचना मिलते ही यूपीआईडीए की टीम और थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कई लोग गाड़ियों के अंदर फंसे हुए थे।
पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर कारों के दरवाजे और शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला। कुछ लोग खून से लथपथ सड़क पर पड़े तड़प रहे थे। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
कुछ देर तक एक्सप्रेस-वे पर लंबा जाम लगा रहा। बाद में क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सामान्य कराया गया।
रॉन्ग साइड ड्राइविंग बनी हादसे की सबसे बड़ी वजह
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने हादसे की मुख्य वजह रॉन्ग साइड ड्राइविंग को माना है। थाना प्रभारी राधेश्याम शर्मा के अनुसार पोलो कार गलत दिशा से एक्सप्रेस-वे पर चढ़ी थी।
उसी समय सामने से आ रही तेज रफ्तार मर्सिडीज कार से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से पूरी तरह चकनाचूर हो गए।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर कार चालक एक्सप्रेस-वे पर रॉन्ग साइड तक कैसे पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।
अस्पताल में भी अफरा-तफरी का माहौल
जैसे ही घायलों को जिला संयुक्त चिकित्सालय लाया गया, अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने तत्काल इलाज शुरू किया।
डॉक्टर चमन प्रकाश ने बताया कि हादसे में पिता और बेटी की मौत हुई है, जबकि तीन घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। परिवार के अन्य सदस्यों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जा सके।
एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रॉन्ग साइड ड्राइविंग लगातार जानलेवा साबित हो रही है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा मानकों को लेकर लापरवाही कम नहीं हो रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेस-वे के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर निगरानी और सख्त करने की जरूरत है ताकि कोई भी वाहन गलत दिशा में प्रवेश न कर सके।
संभल में मंगलवार सुबह हुआ यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक ऐसी त्रासदी है जिसने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। एक पिता और बेटी की मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है, जबकि अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझ रही मासूम बच्ची को देखकर हर किसी का दिल दहल उठा है।