Congress CM Resign: सिद्धारमैया ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि उन्होंने पार्टी हाईकमान के निर्देश पर यह फैसला लिया है। अब राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले सिद्धारमैया
सिद्धारमैया ने कहा, “मैंने पहले ही साफ कर दिया था कि हाईकमान जब कहेगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा। कल निर्देश मिला और आज मैंने पद छोड़ दिया।”
उन्होंने बताया कि अपना इस्तीफा थावरचंद गहलोत के सचिव को सौंपा गया है, क्योंकि राज्यपाल फिलहाल पारिवारिक कारणों से बेंगलुरु से बाहर हैं।
इस दौरान डीके शिवकुमार भी उनके साथ मौजूद रहे, लेकिन नए मुख्यमंत्री के नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया।
घर पर बैठक, भावुक पल भी आया सामने
इस्तीफे से पहले सिद्धारमैया ने अपने आवास पर मंत्रियों के साथ अहम बैठक की और फैसले की जानकारी दी। इस दौरान एक भावुक पल भी देखने को मिला, जब डीके शिवकुमार ने उनके पैर छुए और दोनों नेता गले मिले।
रोटेशनल पॉलिसी बनी इस्तीफे की वजह
मई 2023 में जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव जीता था, तब मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच खींचतान हुई थी।
इसके बाद राहुल गांधी ने ‘रोटेशनल सीएम फॉर्मूला’ लागू किया था।
- 20 मई 2023: सिद्धारमैया बने मुख्यमंत्री
- 28 मई 2026: दिया इस्तीफा
- कुल कार्यकाल: करीब 3 साल
रोटेशन पॉलिसी के तहत ही अब उन्हें पद छोड़ना पड़ा।
घोटालों और एंटी-इंकम्बेंसी का भी दबाव
सिद्धारमैया सरकार पर वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाले जैसे आरोप लगे थे। पार्टी हाईकमान का मानना है कि समय रहते नेतृत्व बदलने से सरकार के खिलाफ बढ़ रही एंटी-इंकम्बेंसी को कम किया जा सकता है।
डीके शिवकुमार होंगे नए मुख्यमंत्री
राज्य के मंत्री एचके पाटिल के अनुसार, डीके शिवकुमार के नाम पर सहमति बन गई है और वही कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे।
उन्हें शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जिसके बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।
नई कैबिनेट में बड़ा बदलाव संभव
डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद कैबिनेट में बड़े बदलाव की संभावना है:
- 35 में से करीब 25 मंत्रियों को हटाया जा सकता है
- 15–20 नए चेहरों को मौका मिल सकता है
- दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं
- ओबीसी या दलित नेता को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है
जातीय संतुलन साधने की रणनीति
डीके शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं, जिससे दक्षिण कर्नाटक में इस समुदाय का प्रभाव बढ़ सकता है।
कांग्रेस अब:
- कुरुबा, दलित और मुस्लिम नेताओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व दे सकती है
- लिंगायत नेताओं को अहम जिम्मेदारी देकर बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति बना सकती है
सिद्धारमैया कैबिनेट का सामाजिक समीकरण
सिद्धारमैया कैबिनेट में कुल 34 मंत्री थे, जिनमें:
- लिंगायत: 10
- कुरुबा: 3
- वोक्कालिगा: 4
- SC: 6
- ST: 3
- मुस्लिम: 2
- अन्य: 6
AHINDA फॉर्मूले से मिली थी जीत
2023 में कांग्रेस ने AHINDA फॉर्मूले के दम पर चुनाव जीता था:
- A: अल्पसंख्यक
- HI: पिछड़ा वर्ग
- DA: दलित
सिद्धारमैया खुद ओबीसी (कुरुबा) समुदाय से आते हैं, जिससे पिछड़े वर्ग का बड़ा समर्थन कांग्रेस को मिला।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).