सूर्या चौहान हत्याकांड का पीलीभीत कनेक्शन, मुख्य आरोपी असद के दो करीबी गिरफ्तार; बकरीद के दिन हुई हत्या
गाजियाबाद में युवक की हत्या मामले में अब पीलीभीत तक पहुंची जांच, फरहान और आतिफ को जेल भेजा गया
गाजियाबाद में बकरीद के दिन हुए सूर्या चौहान हत्याकांड की जांच अब उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले तक पहुंच गई है। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पीलीभीत के दो युवकों फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। दोनों का नाम मुख्य आरोपी असद से जुड़े लोगों के रूप में सामने आया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि हत्या की पूरी साजिश, तैयारी और वारदात से जुड़े पहलुओं को जोड़ने में इन दोनों की अहम भूमिका रही है।
बकरीद के दिन हुई थी सूर्या चौहान की हत्या
बकरीद के दिन गाजियाबाद में युवक सूर्या प्रताप सिंह उर्फ सूर्या चौहान पर चाकू से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल सूर्या को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। इस घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी और पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए कई टीमों को लगाया था।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल, तकनीकी साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और आरोपियों के संपर्कों की पड़ताल शुरू की। इसी क्रम में पीलीभीत के दो युवकों के नाम जांच के दायरे में आए।
मुख्य आरोपी असद से गाजियाबाद में हुई थी दोस्ती
पुलिस जांच में सामने आया है कि फरहान और आतिफ की पहचान मुख्य आरोपी असद से गाजियाबाद में रहने के दौरान हुई थी। बताया जा रहा है कि तीनों एक-दूसरे के संपर्क में थे।
पुलिस के अनुसार जांच में मिले कुछ साक्ष्यों और इनपुट के आधार पर दोनों से पूछताछ की गई, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
हत्या में इस्तेमाल चाकू की व्यवस्था कराने का आरोप
जांच में यह बात भी सामने आई है कि फरहान पर हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू की व्यवस्था कराने का आरोप है। इसी बिंदु को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात से पहले किस स्तर पर तैयारी की गई थी और किन-किन लोगों की क्या भूमिका थी।
हत्या के पीछे की पूरी घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
पीलीभीत पहुंची गाजियाबाद पुलिस, परिजनों से पूछताछ
तकनीकी लोकेशन और अन्य सुराग मिलने के बाद गाजियाबाद पुलिस की टीम पीलीभीत पहुंची थी। यहां टीम ने फरहान और आतिफ के घरों पर जाकर जानकारी जुटाई। परिजनों से पूछताछ की गई और आसपास रहने वाले लोगों से भी संपर्क किया गया। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए फरहान और आतिफ पीलीभीत शहर के मोहल्ला बुजकसावान के निवासी हैं, जो शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। बताया जा रहा है कि दोनों कुछ समय से रोजगार के सिलसिले में गाजियाबाद में रह रहे थे। इसी दौरान उनकी पहचान मुख्य आरोपी असद से हुई थी ।
पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा गया था। बाद में दोनों युवकों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
फरहान के परिवार को लेकर भी होती रही चर्चाएं
स्थानीय लोगों के अनुसार फरहान का परिवार पहले भी विभिन्न आपराधिक मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। उसके पिता और ताऊ पर पूर्व में गंभीर मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। शहर के एक चर्चित सराफा व्यापारी हत्याकांड में भी उसके परिजनों का नाम सामने आने की चर्चा स्थानीय स्तर पर होती रही है।
हालांकि वर्तमान मामले में जांच एजेंसियां केवल उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं।
आर्थिक संकट के बाद गाजियाबाद गया था आतिफ का परिवार
आतिफ के परिवार के बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पहले पीलीभीत में बैंड का काम करते थे। समय के साथ आर्थिक परेशानियां बढ़ने पर परिवार के सदस्य रोजगार की तलाश में गाजियाबाद चले गए। वहां मजदूरी और अन्य काम करके परिवार का गुजारा चलाया जा रहा था।
अब हत्याकांड की जांच में नाम सामने आने के बाद परिवार भी चर्चा में आ गया है।
दो जिलों तक पहुंची जांच, अभी कई सवाल बाकी
सूर्या हत्याकांड की जांच अभी जारी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि हत्या की योजना कैसे बनी, वारदात में कौन-कौन शामिल था और घटना से पहले आरोपियों के बीच क्या बातचीत हुई थी। डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच भी की जा रही है।
गाजियाबाद में हुई हत्या और पीलीभीत से हुई गिरफ्तारियों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। अब जांच एजेंसियों की नजर उन सभी कड़ियों पर है जो मुख्य आरोपी असद और उसके संपर्क में रहे लोगों तक पहुंचती हैं।