Ayush Malik: उत्तर प्रदेश के शामली में चर्चित धर्मांतरण मामले ने नया मोड़ ले लिया है। दवा कारोबारी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक उर्फ रहमान के धर्म परिवर्तन को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जांच लगातार तेज हो रही है। इस मामले में पहले ही दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कई मौलाना और अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की तलाश में हैं। जांच एजेंसियां अब आयुष के सोशल मीडिया, संपर्कों और कथित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं।
शामली, गाजियाबाद और दिल्ली के कई मौलाना जांच के दायरे में
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आयुष मलिक के धर्मांतरण प्रकरण में शामली के अलावा गाजियाबाद और दिल्ली के कुछ मौलाना भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
इस मामले में पुलिस का मानना है कि धर्मांतरण के पीछे एक बड़े नेटवर्क या रैकेट की संभावना हो सकती है। इसी कारण एसपी एनपी सिंह ने एसआईटी समेत कई विशेष टीमें गठित की हैं, जो अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं।
पाकिस्तान और फिलिस्तीन से जुड़े पहलुओं की भी जांच
पुलिस जांच में सामने आया है कि आयुष मलिक कथित तौर पर पाकिस्तानी इस्लामी विद्वान डॉ. इसरार के यूट्यूब चैनल पर भाषण सुनता था और उन्हें फॉलो करता था।
पूछताछ के दौरान आयुष ने फिलिस्तीन का भी जिक्र किया है। इसके बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसका किसी प्रकार का विदेशी संपर्क, फंडिंग या अन्य नेटवर्क से जुड़ाव तो नहीं है।
पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट, कॉल डिटेल और संपर्कों की भी जांच कर रही है।
युवती और उसके पिता की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस पहले ही चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर चुकी है।
वहीं तीन मौलाना समेत कुल नौ आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिश दे रही है और दावा कर रही है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मीडिया के सामने आया आयुष मलिक
पूरे विवाद के बीच आयुष मलिक उर्फ रहमान मीडिया के सामने आया और उसने कई महत्वपूर्ण दावे किए।
आयुष ने कहा कि उसका धर्म परिवर्तन किसी दबाव, लालच या जबरदस्ती के कारण नहीं हुआ है। उसने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म स्वीकार किया है और वह अपने फैसले से पीछे हटने वाला नहीं है।
“2008 से इस्लाम को फॉलो कर रहा हूं”
आयुष ने दावा किया कि वह वर्ष 2008 से इस्लाम धर्म की शिक्षाओं का अनुसरण कर रहा है।
उसका कहना है कि उसने अपनी तीनों बहनों की शादी होने के बाद ही परिवार को अपने धर्म परिवर्तन की जानकारी दी थी। आयुष ने यह भी बताया कि उसने चार साल पहले शामली की रहने वाली चांदनी कुरैशी से दिल्ली में निकाह किया था।
परिवार पर समाज के दबाव का लगाया आरोप
पिता द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के सवाल पर आयुष ने कहा कि उसके पिता ने समाज के दबाव में आकर यह कदम उठाया है।
उसने कहा कि कुछ लोग इस पूरे मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ा रहे हैं और उस पर दोबारा धर्म बदलने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन वह किसी दबाव में नहीं आएगा।
ब्रेनवॉश के आरोपों को किया खारिज
आयुष ने अपने ऊपर हुए कथित ब्रेनवॉश के आरोपों को भी खारिज किया।
उसने कहा कि अगर उसका ब्रेनवॉश हुआ होता तो वह अपने माता-पिता को भूल चुका होता, जबकि ऐसा नहीं है। उसने कहा कि उसके माता-पिता आज भी उसके लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने पहले थे।
पाकिस्तान और फिलिस्तीन से संबंध होने से किया इनकार
मीडिया से बातचीत में आयुष ने साफ कहा कि उसका पाकिस्तान या फिलिस्तीन से कोई संबंध नहीं है।
उसने कहा कि वह केवल डॉ. इसरार के भाषण सुनता है क्योंकि उसे उनमें आपसी प्रेम, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिखाई देता है। आयुष ने कहा कि वह उनकी बातों से प्रभावित है, लेकिन इसका मतलब किसी विदेशी संबंध से नहीं है।
दाढ़ी रखने को बताया धार्मिक परंपरा
दाढ़ी बढ़ाने को लेकर पूछे गए सवाल पर आयुष ने कहा कि इस्लाम में दाढ़ी रखना सुन्नत माना जाता है।
उसने कहा कि सभी नबियों ने दाढ़ी रखी थी और वह भी उसी परंपरा का पालन कर रहा है। आयुष ने यह भी कहा कि उसके माता-पिता पूजा-पाठ करते हैं और वह पांच वक्त की नमाज पढ़ता है, लेकिन दोनों परिवार उसके अपने हैं और वह किसी को छोड़ना नहीं चाहता।
पिता देवराज मलिक ने लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर आयुष के पिता और शामली के दवा कारोबारी देवराज मलिक ने पूरे मामले को साजिश बताया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चांदनी कुरैशी और उसके परिवार ने योजनाबद्ध तरीके से उनके बेटे को प्रेमजाल में फंसाया और संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से उसका धर्मांतरण कराया।
जनवरी में दिखा था व्यवहार में बदलाव
देवराज मलिक का कहना है कि उन्हें जनवरी 2026 में अपने बेटे के व्यवहार में बदलाव महसूस हुआ था।
फरवरी में आयुष ने उन्हें धर्म परिवर्तन की जानकारी दी, जिसके बाद से परिवार लगातार उसे समझाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे का बड़े स्तर पर ब्रेनवॉश किया गया है और उसे सामान्य होने में समय लगेगा।
एसआईटी कर रही है गहन जांच
एसपी एनपी सिंह के अनुसार, पुलिस लगातार आयुष मलिक से संपर्क में है और विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटा रही है।
उन्होंने कहा कि आयुष का ब्रेनवॉश हुआ है या नहीं, यदि हुआ है तो कहां, कैसे और किसके द्वारा किया गया, इसकी जांच एसआईटी कर रही है। पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, चार दिन पहले मुजफ्फरनगर जिले के बघरा स्थित योग साधना आश्रम के स्वामी यशवीर महाराज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर आयुष मलिक के धर्मांतरण का मुद्दा उठाया था।
इसके बाद देवराज मलिक की शिकायत पर पुलिस ने चांदनी कुरैशी, उसकी बहन सुमाइला, राहिल, राबिया, पिता इस्लाम कुरैशी, भाई आस मोहम्मद उर्फ आशू, हुमा कुरैशी, सलीम उर्फ भोला, मौलवी मुन्नवर, दो अज्ञात मौलवी समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
जांच पर टिकी हैं सभी की निगाहें
फिलहाल यह मामला पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
एक तरफ आयुष इसे अपनी व्यक्तिगत पसंद और धार्मिक स्वतंत्रता का मामला बता रहा है, जबकि दूसरी तरफ उसका परिवार इसे सुनियोजित धर्मांतरण और संपत्ति से जुड़े षड्यंत्र के रूप में देख रहा है। अब सभी की निगाहें पुलिस और एसआईटी जांच के नतीजों पर टिकी हुई हैं।