INDIA Alliance Meeting: INDIA ब्लॉक के भीतर ममता बनर्जी, राहुल गांधी और कांग्रेस के बीच रिश्तों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जहां दिल्ली में विपक्षी एकता और गले मिलने की तस्वीरें सामने आती हैं, वहीं पश्चिम बंगाल की राजनीति में तीखी बयानबाजी और चुनावी टकराव साफ नजर आता है। हालिया बैठकों और पुराने चुनावी घटनाक्रमों ने एक बार फिर इस “दिल्ली बनाम कोलकाता” राजनीति को चर्चा में ला दिया है।
INDIA ब्लॉक मीटिंग में गले मिलन, लेकिन सियासी सवाल बरकरार
हाल ही में INDIA ब्लॉक की बैठक में ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात और गले मिलने की तस्वीर सामने आई। तस्वीर में ममता का चेहरा साफ दिख रहा था, जबकि सोनिया गांधी के भाव कैमरे से दूर थे। बैठक में ममता को सोनिया गांधी के पास सीट दी गई थी, वहीं राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव भी मौजूद थे।
लेकिन इस मुलाकात के बावजूद राजनीतिक दूरी और असहजता के सवाल उठते रहे।
दिल्ली में साथ, बंगाल में टकराव की राजनीति
कांग्रेस और TMC के रिश्ते हमेशा से दोहरे रवैये वाले रहे हैं। दिल्ली में जहां INDIA ब्लॉक के तहत एकता दिखाई जाती है, वहीं पश्चिम बंगाल में दोनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में रहती हैं।
ममता बनर्जी ने पहले ही TMC के अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था, जिससे कांग्रेस के साथ औपचारिक गठबंधन कमजोर हो गया था।
अधीर रंजन चौधरी और बंगाल की सियासी जंग
ममता बनर्जी और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के बीच टकराव भी इस रिश्ते को और जटिल बनाता है। आरोप है कि चुनावों में रणनीतिक रूप से TMC ने ऐसे कदम उठाए जिससे कांग्रेस को नुकसान हुआ, जबकि बीजेपी को अप्रत्यक्ष फायदा मिला।
अधीर रंजन चौधरी कई मौकों पर ममता के खिलाफ आक्रामक रहे हैं और यह टकराव लंबे समय से जारी है।
लोकसभा चुनाव और INDIA ब्लॉक की चुनौतियां
लोकसभा चुनावों में भले ही कांग्रेस ने कुछ राज्यों में बेहतर प्रदर्शन किया हो, लेकिन बंगाल में उसे बड़ा झटका लगा। राहुल गांधी की भूमिका और नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठे, खासकर विपक्षी नेताओं द्वारा।
चुनाव बाद ममता बनर्जी ने INDIA ब्लॉक की रणनीति और नेतृत्व को लेकर टिप्पणी की, जिससे अंदरूनी तनाव और बढ़ गया।
राहुल गांधी और ममता के बीच बदलते रिश्ते
कुछ मौकों पर राहुल गांधी और ममता बनर्जी के बीच संवाद और फोन कॉल की भी चर्चा रही, जिससे INDIA ब्लॉक में अस्थायी सुलह के संकेत मिले। लेकिन राजनीतिक परिस्थितियां बार-बार इन रिश्तों को नई दिशा देती रही हैं।
स्पीकर चुनाव और अन्य मुद्दों पर भी दोनों नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आए।
दिल्ली बनाम बंगाल: रणनीति की अलग-अलग राहें
कांग्रेस का व्यवहार दिल्ली और बंगाल में अलग-अलग दिखता है, जबकि ममता बनर्जी भी अपनी जरूरत के हिसाब से INDIA ब्लॉक के अंदर और बाहर की स्थिति बदलती रहती हैं।
वहीं बीजेपी पर आरोप है कि वह एक समान रणनीति के साथ विपक्षी दलों को चुनौती देती है, जिससे विपक्षी एकता कमजोर पड़ती है।
एकता की तस्वीर और अंदरूनी दरार
INDIA ब्लॉक की बैठकों में एकता की तस्वीरें जरूर दिखती हैं, लेकिन जमीनी राजनीति में कांग्रेस और TMC के बीच विश्वास की कमी साफ नजर आती है। ममता बनर्जी, राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के बीच यह “दोहरी राजनीति” आने वाले चुनावों में विपक्ष की रणनीति को प्रभावित कर सकती है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).