Pilibhit News: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 29 जून को प्रस्तावित दौरा कई परिवारों के लिए खास होने वाला है। जिले में रहने वाले उन प्रवासी बंगाली परिवारों में खुशी का माहौल है, जो लंबे समय से अपनी पहचान और जमीन के मालिकाना हक का इंतजार कर रहे थे। मुख्यमंत्री के दौरे का उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ-साथ इन परिवारों को मालिकाना हक से जुड़ी बड़ी राहत देना भी बताया जा रहा है।
1971 के दौर में बड़ी संख्या में लोग भारत आए थे
साल 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध और बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान बड़ी संख्या में लोग पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से भारत आए थे। उस समय हालात बिगड़ने के कारण लाखों लोगों ने भारत में शरण ली थी।
इसी दौरान कुछ प्रवासी बंगाली परिवार उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में आकर बस गए थे। समय के साथ ये परिवार यहां रहने लगे, लेकिन कई लोग अपने अधिकारों और मालिकाना स्थिति को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।
दशकों से अधिकार और पहचान का इंतजार
पीलीभीत में रह रहे कई प्रवासी बंगाली परिवार आजादी के बाद से यहां जीवन बिता रहे हैं, लेकिन लंबे समय से कुछ परिवार अपने अधिकारों और जमीन के मालिकाना हक को लेकर परेशान रहे हैं।
अब मुख्यमंत्री के दौरे से इन परिवारों को उम्मीद जगी है कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी हो सकती है।
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले छावनी में तब्दील हुआ जनसभा स्थल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जनसभा स्थल को पूरी तरह छावनी में बदल दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई जिलों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके।
सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी लाभ वितरित किए जाने की तैयारी है।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक कार्यक्रम के जरिए विभिन्न योजनाओं से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाने के साथ-साथ प्रवासी बंगाली परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की जा सकती हैं।
लोगों में खुशी और उम्मीद का माहौल
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर पीलीभीत में रह रहे प्रवासी बंगाली परिवारों के बीच खुशी का माहौल है। कई परिवारों का कहना है कि उन्हें वर्षों से जिस अधिकार और पहचान का इंतजार था, अब वह सपना पूरा होने की उम्मीद नजर आ रही है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).