Shocking News: सोशल मीडिया पर लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाना कई लोगों के लिए स्टाइल और लोकप्रियता का जरिया बन गया है, लेकिन मध्य प्रदेश के पन्ना से सामने आई एक घटना हर किसी के लिए बड़ी सीख बन सकती है। यहां एक 19 साल का युवक महंगे मोबाइल और लग्जरी लाइफस्टाइल वाली रील्स बनाता था। उसकी इन्हीं रील्स को देखकर बदमाशों ने उसे करोड़पति समझ लिया और फिर उसके अपहरण की साजिश रच डाली।
सोशल मीडिया की रील्स देखकर बनाया किडनैपिंग का प्लान
मामला मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के पवई इलाके का है। अपहृत युवक की पहचान 19 वर्षीय अंशुल के रूप में हुई है, जो इलाके के एक कपड़ा व्यापारी का बेटा है।
पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने सोशल मीडिया पर अंशुल की कई रील्स देखी थीं। रील्स में महंगे मोबाइल फोन, स्टाइल और शानदार लाइफस्टाइल दिख रही थी। इसे देखकर आरोपियों को लगा कि युवक काफी अमीर परिवार से है।
27 जून को किया अपहरण
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूरी योजना बनाकर 27 जून को अंशुल का अपहरण कर लिया। युवक को अपने कब्जे में लेने के बाद परिवार के पास फोन किया गया।
इसके बाद बदमाशों ने बेटे को छोड़ने के बदले 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की।
बेटे की सुरक्षा के डर से परिवार ने भेजे पैसे
बेटे की जान को लेकर डरे हुए परिवार ने आरोपियों की बात मानते हुए उनके बताए बैंक खाते में 1 लाख 48 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
हालांकि मामले की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंच गई, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
बैंक अकाउंट फ्रीज कर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
फिरौती की सूचना मिलते ही पन्ना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। सबसे पहले उस बैंक खाते को फ्रीज कराया गया, जिसमें फिरौती की रकम भेजी गई थी।
इसके बाद तकनीकी निगरानी और लगातार सर्च ऑपरेशन के जरिए पुलिस ने युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, हथियार भी बरामद
पुलिस ने घेराबंदी करके तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजकमल रजक, राजकुमार पाल और शिवेंद्र सिंह के रूप में हुई है।
उनके पास से एक पिस्टल, दो देसी कट्टे और दो बाइक भी बरामद की गई हैं।
बाजार में निकाला गया आरोपियों का पैदल जुलूस
गिरफ्तारी के बाद पवई पुलिस ने तीनों आरोपियों का नगर के मुख्य बाजार से पैदल जुलूस भी निकाला।
पुलिस के अनुसार इसका उद्देश्य लोगों के मन से अपराध का डर खत्म करना और अपराधियों के बीच कानून का खौफ पैदा करना था। जुलूस के दौरान तीनों आरोपी सिर झुकाए चलते दिखाई दिए।
बाद में उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया क्यों बनाया गया युवक को निशाना
थाना प्रभारी सुशील कुमार अहिरवार के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपियों ने युवक की सोशल मीडिया रील्स देखकर उसे आर्थिक रूप से बेहद मजबूत समझ लिया था।
इसी वजह से उन्होंने उसे निशाना बनाया और फिरौती मांगने की साजिश रची।
सोशल मीडिया पर दिखावा कभी-कभी पड़ सकता है भारी
यह घटना सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वालों के लिए एक बड़ा संदेश भी देती है। हर रील सिर्फ लाइक्स और व्यूज नहीं लाती, कई बार गलत लोगों का ध्यान भी खींच सकती है।
अपनी आर्थिक स्थिति, महंगे गैजेट्स, गाड़ियों और लगातार लोकेशन शेयर करना कई बार अपराधियों के लिए जानकारी जुटाने का आसान जरिया बन सकता है।