NEET Paper Leak को लेकर देश की राजनीति लगातार गर्म बनी हुई है। विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद से लेकर सड़क तक विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इस बीच सरकार की ओर से बड़ा जवाब सामने आया है। सरकारी सूत्रों ने साफ कहा है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पूरी तरह राजनीतिक है। सरकार का कहना है कि NEET पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं और केंद्र सरकार इस पूरे मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
सरकार ने इस्तीफे की मांग को बताया राजनीतिक
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुरुआत में ही NEET पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी स्वीकार की थी। इसके बाद सरकार ने मामले की जांच कराई और पेपर लीक के कारणों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए जरूरी सुधारात्मक कदम भी उठाए।
सूत्रों का कहना है कि जब सरकार ने कार्रवाई की है और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं, तब शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग केवल राजनीतिक उद्देश्य से की जा रही है।
NEET पेपर लीक मामले में अब तक 13 गिरफ्तार
सरकारी सूत्रों के अनुसार, NEET पेपर लीक मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां लगातार मामले की जांच कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
सरकार का कहना है कि इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और पेपर लीक में शामिल सभी लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
परीक्षा प्रणाली को और पारदर्शी व सुरक्षित बनाने पर जोर
सरकारी सूत्रों ने बताया कि सरकार सिर्फ आरोपियों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से कई सुधारात्मक कदम लागू किए जा रहे हैं।
संसद में चर्चा के लिए तैयार है केंद्र सरकार
सरकारी सूत्रों ने कहा कि केंद्र सरकार NEET परीक्षा और देश की परीक्षा प्रणाली से जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार का कहना है कि यदि विपक्ष इस विषय पर चर्चा चाहता है तो संसद सबसे उपयुक्त मंच है, जहां तथ्यों के आधार पर पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार किसी भी सवाल से बच नहीं रही है। सरकार का मानना है कि संसद में तथ्यों और जांच के आधार पर चर्चा होनी चाहिए ताकि छात्रों और देश के सामने पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।
सरकारी सूत्रों ने यह भी दोहराया कि विपक्ष की मांग के अनुरूप सरकार संसद में NEET विवाद पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है और इस मुद्दे पर हर सवाल का जवाब देने को तैयार है।
पीएम मोदी बोले- पेपर लीक ‘घोर पाप’
सरकारी सूत्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी का भी जिक्र किया। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने पेपर लीक जैसी घटनाओं को “घोर पाप” बताया है।
दिल्ली में NEET परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है, ताकि कोई भी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होना चाहिए और सरकार युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
‘यह राजनीति नहीं, राष्ट्रीय हित का मामला’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश और करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने सभी राज्य सरकारों और केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर मिलकर काम करने की अपील करते हुए कहा कि यह पार्टी की राजनीति का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित का मामला है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए सभी राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
युवाओं का भरोसा जीतने की भी दी सलाह
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए सांसदों से कहा कि उन्हें लोगों, खासकर युवाओं के साथ आत्मीयता और विश्वास का रिश्ता बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं का भरोसा जीतना बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि “युवाओं को गुमराह करना आसान है, लेकिन उन्हें सही रास्ता दिखाना मुश्किल होता है।” इसलिए सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं के विश्वास को मजबूत करें और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए काम करें।
विपक्ष का प्रदर्शन जारी
दूसरी ओर, विपक्ष NEET परीक्षा विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है। विपक्षी दल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और इस मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन जारी है।
हालांकि सरकार का स्पष्ट कहना है कि मामले में कार्रवाई पहले ही शुरू की जा चुकी है, 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, परीक्षा प्रणाली में सुधार किए जा रहे हैं और सरकार संसद में इस पूरे मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।