Firecracker Factory Blast: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में शुक्रवार शाम एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। गंगोह थाना क्षेत्र के नया गांव के पास स्थित फैक्ट्री में धमाका इतना जबरदस्त था कि दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य के लापता होने की सूचना है। हादसे के समय फैक्ट्री में कुल 23 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से 19 सुरक्षित बताए गए हैं। पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
5 साल पुरानी पटाखा फैक्ट्री में हुआ भीषण धमाका
हादसा गंगोह थाना क्षेत्र के नया गांव के बाहर स्थित करीब 10 बीघा क्षेत्रफल में फैली पटाखा फैक्ट्री में हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस फैक्ट्री में पिछले करीब 5 वर्षों से सुतली बम बनाए जा रहे थे।
शुक्रवार शाम करीब 5 बजे अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके बाद फैक्ट्री का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया और आग लग गई।
धमाका इतना तेज कि शवों के उड़ गए चीथड़े
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाका इतना भयावह था कि दो मजदूरों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए।
एक मजदूर का शव फैक्ट्री के अंदर मलबे में दबा मिला, जबकि दूसरे की लाश फैक्ट्री से करीब 100 मीटर दूर खेत के किनारे मिली। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया। घटनास्थल पर शरीर के अंग अलग-अलग स्थानों पर बिखरे मिले।
हादसे के समय 23 मजदूर कर रहे थे काम
प्रशासन के अनुसार विस्फोट के समय फैक्ट्री में 23 मजदूर मौजूद थे। इनमें से 19 मजदूर सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि 2 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है और 2 अन्य लापता बताए जा रहे हैं।
राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं।
SSP ने दो मौतों की पुष्टि की
सहारनपुर के एसएसपी अभिनंदन ने बताया कि विस्फोट के बाद फैक्ट्री का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और आग लग गई थी।
उन्होंने कहा कि फिलहाल दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। लापता मजदूरों की तलाश जारी है। विस्फोट किस कारण हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
डीएम और एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही डीएम अरविंद चौहान और एसएसपी अभिनंदन मौके पर पहुंचे।
दोनों अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य का निरीक्षण किया और पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए। प्रशासन ने कहा कि हादसे के कारणों का पता लगाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मजदूर ने सुनाई हादसे की दर्दनाक कहानी
घटनास्थल पर मौजूद एक मजदूर ने बताया कि वह और उसके साथी मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से ठेकेदार के माध्यम से यहां मजदूरी करने आए थे। उन्हें फैक्ट्री में काम करते हुए अभी करीब एक सप्ताह ही हुआ था।
मजदूर के अनुसार, सभी लोग फैक्ट्री के अलग-अलग हिस्सों में सुतली बम बनाने का काम कर रहे थे। जिस कमरे में धमाका हुआ, वहां संभवतः भारी मात्रा में बारूद रखा हुआ था।
उसने बताया कि विस्फोट इतना अचानक और तेज था कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। एक साथी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दीपराज नाम का मजदूर अभी तक लापता है।
गांव के प्रधान बोले- 500 मीटर दूर तक हिल गए घर
नजदीकी बसी गांव के प्रधान सनव्वर ने बताया कि उनका गांव फैक्ट्री से करीब 500 मीटर दूर स्थित है।
उन्होंने कहा कि धमाका इतना जोरदार था कि गांव के कई घरों की दीवारें तक हिल गईं। पहले किसी को समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। सूचना मिलने के बाद उन्होंने तुरंत पुलिस और प्रशासन को घटना की जानकारी दी।
फैक्ट्री के अंदर का मंजर था बेहद भयावह
प्रधान सनव्वर ने बताया कि पुलिस के साथ जब वे फैक्ट्री के अंदर पहुंचे तो चारों तरफ मलबा और तबाही का मंजर था।
उन्होंने बताया कि दो शव अधूरी अवस्था में मिले। कई जगह मानव शरीर के अंग बिखरे पड़े थे। यह दृश्य बेहद दर्दनाक और भयावह था।
विस्फोट के कारणों की जांच जारी
फिलहाल पुलिस और प्रशासन विस्फोट के कारणों की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं और विस्फोट किस वजह से हुआ।
राहत एवं बचाव कार्य जारी है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।