Shocking Crime: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सामने आई एक घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। सोमवार दोपहर तक घर के बाहर साइकिल चलाने निकला 10 वर्षीय वैभव वर्मा कुछ ही घंटों बाद लापता हो गया। परिवार पहले उसे आसपास खोजता रहा, फिर अपहरण की आशंका में पुलिस तक पहुंचा। पूरी रात चली तलाश के बाद मंगलवार को पुलिस ने ऐसा खुलासा किया जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। पुलिस के अनुसार, जिस पड़ोसी को परिवार वर्षों से जानता था, उसी पर बच्चे के अपहरण और हत्या का आरोप है। आरोपी की निशानदेही पर बच्चे का शव उसके ही घर के बेसमेंट से बरामद किया गया।
स्कूल से लौटने के बाद खेलने निकला था वैभव
खजनी कस्बे के प्रतिष्ठित ज्वेलरी कारोबारी लक्ष्मी नारायण वर्मा के परिवार में सोमवार दोपहर तक सब कुछ सामान्य था।
उनका 10 वर्षीय पोता वैभव, जो नवल्स एकेडमी में कक्षा 4 का छात्र था, दोपहर करीब 1:30 बजे स्कूल से घर लौटा। उसने बैग रखा, यूनिफॉर्म बदली और साइकिल लेकर खेलने निकल गया।
दादी ने उसे पहले खाना खाने के लिए कहा, लेकिन उसने थोड़ी देर में लौटने की बात कहकर घर से बाहर निकल गया।
30 मिनट बाद मिली लावारिस साइकिल, यहीं से बढ़ गया शक
करीब आधे घंटे बाद पड़ोस के एक व्यक्ति ने परिवार को बताया कि वैभव की साइकिल घर के पीछे लावारिस हालत में पड़ी है।
परिजन मौके पर पहुंचे तो वैभव कहीं दिखाई नहीं दिया। कुछ दूरी पर उसकी एक चप्पल मिली। यहीं से परिवार को अपहरण की आशंका हुई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
रातभर चला ऑपरेशन, डॉग स्क्वॉड और CCTV ने जोड़ा घटनाक्रम
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कई पुलिस टीमों का गठन किया।
डॉग स्क्वॉड, फोरेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस ने पूरे इलाके की तलाशी शुरू की। खोजी कुत्ते को वैभव की स्कूल ड्रेस सूंघाई गई, जिसके बाद वह खेतों से होकर सड़क तक पहुंचा।
इसी बीच पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
CCTV में पड़ोसी के साथ दिखा वैभव, यहीं से जांच ने लिया नया मोड़
पुलिस को एक CCTV फुटेज में वैभव एक व्यक्ति के साथ जाता दिखाई दिया।
परिवार ने उस व्यक्ति की पहचान पड़ोस में रहने वाले कंप्यूटर शिक्षक सर्वेश भट्ट के रूप में की। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
शुरुआत में आरोपी कथित तौर पर पुलिस को अलग-अलग बातें बताकर गुमराह करता रहा। पुलिस के अनुसार, पूछताछ और मनोवैज्ञानिक तरीके अपनाने के बाद उसने अपराध स्वीकार करने की बात कही।
पुलिस का दावा—आरोपी के घर के बेसमेंट से मिला शव
पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर उसके घर के बेसमेंट से बोरे में रखा वैभव का शव बरामद किया गया।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी लगातार अलग-अलग बयान दे रहा है, इसलिए पूरे घटनाक्रम की पुष्टि के लिए क्राइम सीन रीक्रिएशन कराया जाएगा। इसके अलावा लखनऊ से फोरेंसिक विशेषज्ञ भी बुलाए गए हैं।
हत्या की वजह अभी पूरी तरह साफ नहीं
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कई बार अपना बयान बदला है।
अब तक की जांच में हत्या का आरोप स्वीकार करने की बात सामने आई है, लेकिन घटना के पीछे वास्तविक उद्देश्य और पूरा घटनाक्रम अभी जांच के दायरे में है। पुलिस डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों की मदद से हर पहलू की पुष्टि कर रही है।
डेढ़ महीने पहले मां को खो चुका था वैभव
इस घटना ने परिवार की पीड़ा और बढ़ा दी है।
वैभव के पिता हनुमान वर्मा के अनुसार, करीब डेढ़ महीने पहले बीमारी के कारण वैभव की मां श्वेता वर्मा का निधन हो गया था। इसके बाद से वैभव ज्यादातर समय अपने पिता के साथ ही रहता था।
परिवार को उम्मीद थी कि बच्चा कुछ ही देर में घर लौट आएगा, लेकिन यह इंतजार कभी खत्म नहीं हुआ।
इलाके में आक्रोश, परिवार ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के खुलासे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
परिवार ने आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की। बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
आरोपी के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच
पुलिस के अनुसार, आरोपी कंप्यूटर कोचिंग चलाता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि वह वर्ष 2024 में एक पेपर लीक मामले में जेल जा चुका था। हालांकि, वर्तमान मामले में उसकी भूमिका और कथित उद्देश्य का निर्धारण उपलब्ध साक्ष्यों और आगे की जांच के आधार पर किया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल—क्या भरोसे का फायदा उठाया गया?
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा केवल घर के बाहर ही नहीं, बल्कि परिचित लोगों के बीच भी कितनी महत्वपूर्ण है।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि बच्चा आरोपी को जानता था और इसी वजह से उसके साथ चला गया। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस फोरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर केस को मजबूत करने में जुटी है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).