Kashmir के कुलगाम जिले में शुक्रवार रात आतंकियों ने एक बार फिर गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाया। ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे दो हिंदू मजदूरों से पहले उनका नाम पूछा गया और फिर उन्हें गोली मार दी गई। इस हमले में दोनों मजदूरों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में इस हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं और इलाके में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
कुलगाम में रात 8:30 बजे हुआ हमला
यह हमला शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले से लगभग 20 किलोमीटर दूर केलाम इलाके में स्थित एक ईंट-भट्ठे पर हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, आतंकियों ने वहां काम कर रहे दो हिंदू मजदूरों से पहले उनका नाम पूछा और फिर उन पर गोलियां चला दीं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने घटनास्थल के आसपास 10 से 12 राउंड फायरिंग की आवाज सुनी। घटना के समय वहां कई प्रवासी मजदूर मौजूद थे, लेकिन दोनों मृतक ही हिंदू थे।
एक मजदूर की मौके पर मौत, दूसरे ने अस्पताल में तोड़ा दम
हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल मजदूर को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (SKIMS) में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार सुबह इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
मृतकों की पहचान दीपक राठे और भूपेंद्र मेना के रूप में हुई है।
कौन थे दोनों मृतक मजदूर
दीपक राठे (21 वर्ष)
दीपक राठे छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के बुंदेली गांव के रहने वाले थे। वह करीब एक साल पहले अपनी पत्नी और भाई के साथ मजदूरी करने के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे।
भूपेंद्र मेना (28 वर्ष)
भूपेंद्र मेना छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहारी गांव के रहने वाले थे। वह लगभग तीन महीने पहले अपनी पत्नी के साथ मजदूरी करने के लिए कश्मीर पहुंचे थे।
बाइक से आए थे दो आतंकी, TRF पर शक
सूत्रों के मुताबिक, हमले को अंजाम देने के लिए एक बाइक पर दो आतंकी आए थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों आतंकवादी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़े हो सकते हैं।
TRF पहले भी घाटी में गैर-स्थानीय मजदूरों और आम नागरिकों को निशाना बनाता रहा है। इसलिए जांच का फोकस इसी आतंकी संगठन पर है।
एक स्थानीय और एक पाकिस्तानी आतंकी होने का शक
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को संदेह है कि हमले में एक स्थानीय और एक पाकिस्तानी आतंकी शामिल था। शुरुआती जांच में मोहम्मद लतीफ नाम के एक स्थानीय आतंकी पर विशेष नजर रखी जा रही है, जो पिछले साल TRF में शामिल हुआ था।
पूरे इलाके को किया गया सील, बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन
हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने घटनास्थल के आसपास करीब दो किलोमीटर का इलाका सील कर दिया। आतंकियों की तलाश के लिए व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके में मौजूद सभी संभावित सुरागों की जांच कर रही हैं।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पिछले दो-तीन वर्षों में कश्मीर के ईंट-भट्ठों पर इसी तरह के आतंकी हमलों के बाद पुलिस ने वहां CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए थे।
जिस ईंट-भट्ठे पर यह हमला हुआ, वहां भी CCTV कैमरे लगे हुए थे। अब जांच एजेंसियां कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं ताकि आतंकियों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके। इस इलाके में 20 से ज्यादा ईंट-भट्ठे मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का ऐलान
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि पहले से मिलने वाले 6 लाख रुपये के मुआवजे के अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे।
22 जुलाई को अनंतनाग में भी हुआ था आतंकी हमला
इससे पहले 22 जुलाई को आतंकियों ने अनंतनाग के लाल चौक में पुलिस पर हमला किया था। इस हमले में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन शहीद हो गए थे।
उस घटना के बाद पुलिस ने पूरी घाटी में करीब 3,000 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। हालांकि जांच के बाद अधिकांश लोगों को छोड़ दिया गया।
हर साल लाखों प्रवासी मजदूर पहुंचते हैं जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर में हर साल करीब 3 से 5 लाख प्रवासी मजदूर मौसमी और अस्थायी काम के लिए आते हैं।
इनमें सबसे ज्यादा मजदूर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से होते हैं। ये मजदूर मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन, ईंट-भट्ठों, सड़क निर्माण, बागवानी, कृषि, होटल-पर्यटन और छोटे उद्योगों में काम करते हैं।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).