Crime in India: कर्नाटक के कलबुर्गी में मंगलवार सुबह सुसाइड बॉम्बर जैसी घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। अलंद तालुक के मटकी टांडा में 49 वर्षीय शिवलाल बालिराम राठौड़ ने कथित तौर पर अपनी कमर पर विस्फोटक बांधा और घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद विस्फोटक को डेटोनेट कर दिया। धमाका इतना जोरदार था कि शिवलाल और उनकी 15 साल की बेटी 15 वर्षीय वीरा की मौत हो गई, जबकि परिवार के पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा।
कमर पर विस्फोटक बांधा और घर के अंदर खुद को किया बंद
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, शिवलाल कथित तौर पर विस्फोटक लेकर घर पहुंचा था। उसने विस्फोटक अपनी कमर पर बांधा, इसके बाद घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
कुछ ही देर बाद जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि शिवलाल का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। उनकी 15 वर्षीय बेटी वीरा की भी इस धमाके में मौत हो गई।
परिवार के पांच लोग धमाके की चपेट में आए
धमाके के वक्त घर में मौजूद शिवलाल की पत्नी सविता, 19 वर्षीय बेटा प्रकाश और परिवार के रिश्तेदार सुरेखा चव्हाण, उनके 12 वर्षीय बेटे विवेक चव्हाण और नितेश गंभीर रूप से घायल हो गए।
सभी घायलों को इलाज के लिए कलबुर्गी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धमाके की चपेट में आसपास के मकान भी आए और दो पड़ोसियों को मामूली चोटें आईं।
क्या शिवलाल ने जानबूझकर खुद को उड़ाया? पुलिस जांच में जुटी
पूरी घटना का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शिवलाल ने जानबूझकर खुद को विस्फोटक से उड़ाया था? फिलहाल पुलिस इसे लेकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
शिवलाल और उनकी पत्नी के बीच लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा था। पत्नी अलग रह रही थी और इसी पारिवारिक तनाव के बीच शिवलाल मंगलवार सुबह घर पहुंचा था।
हालांकि, पुलिस अभी यह स्पष्ट नहीं कर रही है कि विस्फोट करने के पीछे उसका अंतिम मकसद क्या था।
स्टोन क्वारी में काम करता था शिवलाल, विस्फोटक तक थी पहुंच
जांच में यह भी सामने आया है कि शिवलाल पुणे के पास एक स्टोन क्वारी में काम करता था और चट्टानों की ब्लास्टिंग से जुड़े काम में शामिल था।
इसी वजह से पुलिस यह आशंका भी जता रही है कि उसे क्वारी में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटकों तक पहुंच हासिल थी। अब जांच की जा रही है कि वह विस्फोटक कहां से लाया था और उसे अपने पास कैसे लेकर आया।