UP News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक पशु चिकित्सक ने अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। डॉ. परमात्मा सिंह (45) गोरखनाथ क्षेत्र स्थित बसंत एन्क्लेव में परिवार के साथ रहते थे। गुरुवार सुबह खाना खाने के बाद वह करीब 9:12 बजे छत पर गए और वहां से छलांग लगा दी। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। पुलिस को उनकी जेब से एक पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर 1.40 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में आरोपी महिला गरिमा सिंह को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया।
8वीं मंजिल से छलांग, CCTV में कैद हुई घटना
जानकारी के मुताबिक, डॉ. परमात्मा सिंह गुरुवार सुबह खाना खाने के बाद अपार्टमेंट की छत पर गए थे। कुछ ही देर बाद उन्होंने आठवीं मंजिल से छलांग लगा दी। घटना के बाद चीख-पुकार मच गई। डॉक्टर की पत्नी भी दौड़कर नीचे पहुंचीं, जहां परमात्मा सिंह गंभीर हालत में पड़े थे।
परिजन उन्हें आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जांच में पुलिस CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों को खंगाल रही है।
जेब से मिला सुसाइड नोट, महिला को बताया जिम्मेदार
पुलिस को डॉ. परमात्मा सिंह की जेब से एक पेज का सुसाइड नोट मिला। इसमें उन्होंने कथित तौर पर गरिमा सिंह को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। गरिमा सिंह पर डॉक्टर से 1.40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
यह मामला सामने आने के बाद पुलिस सुसाइड नोट और डॉक्टर की पहले दर्ज कराई गई शिकायत को भी जांच का अहम हिस्सा मान रही है।
1.40 करोड़ की ठगी के बाद तनाव में थे डॉक्टर
पुलिस के मुताबिक, डॉ. परमात्मा सिंह कथित तौर पर 1.40 करोड़ रुपये की ठगी के बाद मानसिक दबाव में थे। उनकी पत्नी डॉ. सुमित्रा सिंह ने बताया कि उनके पति ने बैंक से लोन लेकर गरिमा सिंह को पैसे दिए थे। इसके बाद बैंक की ओर से लगातार फोन आ रहे थे।
पत्नी के मुताबिक, परमात्मा सिंह इस बात को लेकर परेशान रहते थे कि उनकी करीब सवा लाख रुपये की सैलरी में लाखों रुपये की EMI कैसे चुकाई जाएगी।
5 अगस्त को दर्ज कराई थी FIR
डॉ. परमात्मा सिंह ने 5 अगस्त को एम्स थाने में 1.40 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि गरिमा सिंह ने उन्हें होम लोन बंद कराने के नाम पर नया पर्सनल लोन लेने के लिए तैयार किया।
डॉक्टर के मुताबिक, गरिमा ने उनसे कई बैंकों में लोन के लिए आवेदन करवाए। बाद में जब अलग-अलग बैंकों से लोन स्वीकृत हो गए तो उन्हें पता चला कि उनके ऊपर बड़ी रकम का कर्ज हो गया है।
6 बैंकों से लोन कराने का आरोप
डॉ. परमात्मा सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि गरिमा सिंह ने उन्हें 6 अलग-अलग बैंकों से लोन लेने के लिए आवेदन कराया। उनका कहना था कि गरिमा ने भरोसा दिलाया था कि लोन की EMI वही चुकाएगी और होम लोन भी बंद करा दिया जाएगा।
शिकायत के मुताबिक, गरिमा ने शुरुआत में करीब दो महीने तक EMI भरी, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया। इसके बाद डॉक्टर पर कर्ज का भारी बोझ आ गया।
पैसे मांगने पर धमकी देने का आरोप
डॉक्टर ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि जब उन्होंने गरिमा सिंह से अपने पैसे और EMI को लेकर बात की तो उन्हें धमकी दी गई। शिकायत में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं।
परमात्मा सिंह ने अपनी शिकायत में गरिमा सिंह के साथ उसके कथित सहयोगी विशाल यादव और कुछ बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
डॉक्टर ने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत का भी जताया था शक
डॉ. परमात्मा सिंह ने अपनी शिकायत में सवाल उठाया था कि एक साथ छह बैंकों से इतना बड़ा लोन बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना कैसे स्वीकृत हो सकता है। उन्होंने मामले में संबंधित बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की थी।
गरिमा सिंह और उसके पिता पहले ही गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने 3 अगस्त को गरिमा सिंह और उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। ध्रुव नारायण सिंह सहजनवा रेलवे स्टेशन के अधीक्षक बताए जा रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें निलंबित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
डॉक्टर की शिकायत और सुसाइड नोट सामने आने के बाद अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच और आगे बढ़ा रही है।
पुलिस के मुताबिक कई लोगों से करोड़ों की ठगी
पुलिस के अनुसार, गरिमा सिंह पर लोन दिलाने और उसे माफ कराने के नाम पर डॉक्टरों और अधिकारियों समेत कई लोगों से ठगी करने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि कथित ठगी की रकम करीब 10 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
हालांकि, इस रकम और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
गरिमा की डायरी में लिखा था- ‘अरबपति बनूंगी’
पुलिस को गरिमा सिंह के पास से एक डायरी मिलने की भी बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, डायरी में उसने अपना लक्ष्य बताते हुए लिखा था कि वह अप्रैल 2026 तक अरबपति बनेगी। डायरी में 100 करोड़ रुपये कमाने और अपने सभी लोन खत्म करने का लक्ष्य लिखे होने की बात कही गई है।
पुलिस अब डायरी में लिखी बातों, बैंक लेनदेन और कथित ठगी से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
डॉक्टर का परिवार सदमे में
डॉ. परमात्मा सिंह महराजगंज के नौतनवा में पशु चिकित्सक के पद पर तैनात थे। उनकी पत्नी डॉ. सुमित्रा सिंह भी पशु चिकित्सक हैं। दोनों के दो बच्चे हैं—12 साल का बेटा अरिहंत और 7 साल की बेटी बिन्नी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद डॉक्टर के माता-पिता मऊ से गोरखपुर पहुंचे। बेटे का शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया।
पुलिस जांच में अब सुसाइड नोट अहम सबूत
गोरखपुर पुलिस अब सुसाइड नोट, डॉक्टर की 5 अगस्त की शिकायत, CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और आरोपियों से जुड़े दस्तावेजों को जोड़कर पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल यह मामला कथित करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और उसके बाद डॉक्टर द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदम से जुड़ा है। मामले में आगे की जांच से कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।