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पीलीभीत में सुरक्षा का अभेद्य घेरा, हर-हर महादेव के जयघोष के बीच, कांवड़ मार्गों पर एसपी की पैनी नजर

पीलीभीत में श्रावण सोमवार पर कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा चाक-चौबंद, एसपी ने मंदिरों और कांवड़ मार्गों का निरीक्षण, सख्त निर्देश दिए।

हर-हर महादेव के जयघोष के बीच पीलीभीत में सुरक्षा का अभेद्य घेरा, कांवड़ मार्गों पर एसपी की पैनी नजर

श्रावण के तृतीय सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, मंदिरों से कांवड़ मार्ग तक पुलिस का कड़ा पहरा,  एसपी ने खुद संभाली सुरक्षा व्यवस्था की कमान

पीलीभीत। श्रावण मास के तृतीय सोमवार पर पीलीभीत पूरी तरह शिवमय नजर आया। शिवालयों में गूंजते हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के बीच कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। आस्था के इस महासंगम के बीच पुलिस और प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी ताकत झोंक दी। श्रद्धालुओं की भक्ति में कोई खलल न पड़े और कांवड़ियों की यात्रा सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से पूरी हो, इसके लिए मंदिरों से लेकर कांवड़ मार्गों तक सुरक्षा का मजबूत घेरा तैयार किया गया। पुलिस अधीक्षक ने खुद मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधीनस्थ अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि ड्यूटी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

गौरीशंकर मंदिर से चुर्रा तक एसपी की सीधी निगरानी

पुलिस अधीक्षक पीलीभीत ने सोमवार को गौरीशंकर मंदिर, शाही चौकी, टाइगर तिराहा सहित प्रमुख कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके साथ ही थाना बीसलपुर क्षेत्र के चौकी चुर्रा पहुंचकर कांवड़ मार्ग और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को भी परखा गया। एसपी ने मौके पर बैरिकेडिंग, पार्किंग, यातायात व्यवस्था, ड्यूटी प्वाइंट, कंट्रोल प्वाइंट, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सहायता, आपातकालीन सेवाओं, खोया-पाया केंद्र और पुलिस बल की तैनाती की स्थिति देखी तथा संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेकर तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

आस्था की राह में सुरक्षा का मजबूत पहरा

कांवड़ यात्रा के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस किया है। एसपी ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के साथ पूरी संवेदनशीलता एवं विनम्रता से व्यवहार किया जाए, लेकिन सुरक्षा के मामले में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए। भीड़ की गतिविधियों, यातायात और कांवड़ मार्गों पर लगातार नजर रखने, नियमित पैदल गश्त करने तथा संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की तत्काल जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति की संभावना को समय रहते रोका जा सके।

सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी, जमीन पर पुलिस की सक्रियता

जनपद के प्रमुख मंदिरों, कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन समेत उपलब्ध तकनीकी संसाधनों के जरिए लगातार निगरानी रखी जा रही है, वहीं जमीन पर पुलिसकर्मियों को सक्रिय रहकर प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ ही सभी ड्यूटी प्वाइंटों पर लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कांवड़ियों से सीधे संवाद, सुविधाओं का लिया फीडबैक

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कांवड़ियों और श्रद्धालुओं से संवाद कर मौके पर उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं से सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से यात्रा करने और प्रशासन की व्यवस्थाओं में सहयोग करने की अपील की गई। अधिकारियों का उद्देश्य स्पष्ट है कि भगवान शिव की भक्ति में लीन कांवड़ियों को रास्ते में किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे पूरी श्रद्धा एवं विश्वास के साथ अपने गंतव्य तक पहुंचकर जलाभिषेक कर सकें।

यातायात व्यवस्था पर भी पुलिस की कड़ी नजर

कांवड़ियों की आवाजाही के बीच आम लोगों को भी आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रमुख चौराहों, तिराहों और कांवड़ मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर यातायात संचालन को नियंत्रित किया जा रहा है। बैरिकेडिंग और ड्यूटी प्वाइंटों की स्थिति का निरीक्षण करते हुए पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं और कांवड़ियों तथा आम राहगीरों की आवाजाही को व्यवस्थित रखा जाए।

पुलिस-प्रशासन का एक ही संकल्प, सुरक्षित रहे बाबा भोले की भक्ति

श्रावण सोमवार पर पीलीभीत में जहां चारों ओर भक्ति और आस्था का वातावरण बना रहा, वहीं पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी ने सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत किया। गौरीशंकर मंदिर से लेकर टाइगर तिराहा, शाही चौकी और चुर्रा कांवड़ मार्ग तक पुलिस की सक्रियता यह साफ संदेश देती रही कि आस्था के इस पर्व पर सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस एवं प्रशासन के आपसी समन्वय से मंदिरों, कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। क्षेत्राधिकारी बीसलपुर और प्रभारी निरीक्षक बीसलपुर समेत संबंधित अधिकारी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। प्रशासन की प्राथमिकता स्पष्ट है—कांवड़ियों की आस्था सुरक्षित रहे, श्रद्धालुओं को निर्भय वातावरण मिले और श्रावण मास का यह पावन पर्व शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हो।