Pilibhit में रक्षाबंधन का पर्व इस बार बेटियों, प्रशासन और देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के बीच भावनाओं की खूबसूरत कड़ी बन गया। जिले के नौ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की 18 छात्राएं जिला मुख्यालय पहुंचीं। छात्राओं ने अपने हाथों से बनाई राखियां जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को बांधीं। इसके साथ ही उन्होंने भारत-नेपाल सीमा पर तैनात जवानों के लिए भी राखियां भेजकर उन्हें अपना भाई मानते हुए प्यार और सम्मान का संदेश दिया।
बेटियों ने अपने हाथों से बनाई राखियां DM को बांधीं
रक्षाबंधन के मौके पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राएं अपने हाथों से तैयार की गई राखियां लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं। छात्राओं ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की कलाई पर राखी बांधी और रक्षाबंधन की खुशियों को साझा किया।
इन राखियों में सिर्फ रंग-बिरंगे धागे नहीं थे, बल्कि छात्राओं का स्नेह, सम्मान और अपनापन भी नजर आया। यह मुलाकात एक औपचारिक कार्यक्रम से आगे बढ़कर भावनात्मक जुड़ाव का पल बन गई।
9 कस्तूरबा विद्यालयों की 18 छात्राएं हुईं शामिल
इस आयोजन में जिले के नौ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की कुल 18 छात्राएं शामिल हुईं। छात्राओं ने उत्साह के साथ रक्षाबंधन मनाया और जिलाधिकारी के साथ अपनी भावनाएं साझा कीं।
प्रशासन और बेटियों के बीच इस मुलाकात में विश्वास और अपनेपन का माहौल देखने को मिला। छात्राओं के लिए यह अवसर खास रहा, क्योंकि उन्होंने अपनी बनाई राखी खुद जिलाधिकारी की कलाई पर बांधी।
सीमा पर तैनात जवानों के लिए भी भेजी राखियां
कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं ने रक्षाबंधन की खुशियां सिर्फ अपने तक सीमित नहीं रखीं। उन्होंने भारत-नेपाल सीमा पर देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के लिए भी अपने हाथों से राखियां तैयार कीं।
छात्राओं ने इन राखियों के जरिए सीमा पर तैनात जवानों को अपना भाई मानते हुए उनके लिए सुरक्षा, स्वस्थ जीवन और खुशियों की कामना की। परिवार से दूर रहकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे जवानों तक बहनों का यह प्यार पहुंचाने की पहल आयोजन का भावुक हिस्सा रही।
DM ज्ञानेंद्र सिंह ने बेटियों को दीं शुभकामनाएं
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने सभी छात्राओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राएं पढ़ाई-लिखाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि यही बेटियां भविष्य में उच्च पदों पर पहुंचेंगी और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। जिलाधिकारी का यह संदेश छात्राओं के लिए उनके सपनों और क्षमताओं पर प्रशासन के भरोसे जैसा रहा।
कस्तूरबा विद्यालयों को बेहतर बनाने पर जोर
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि जिले के कस्तूरबा विद्यालयों की मूलभूत जरूरतों और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने संकल्प जताया कि जिले के सभी नौ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को प्रदेश के सबसे सुंदर और सर्वसुविधायुक्त विद्यालयों के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
इन विद्यालयों में रहने वाली छात्राओं के लिए बेहतर सुविधाएं और अच्छा शैक्षिक वातावरण उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने और भविष्य के सपनों को पूरा करने में मददगार साबित हो सकता है।
रक्षाबंधन ने प्रशासन और बेटियों के बीच जोड़ा भावनाओं का रिश्ता
इस आयोजन की खास बात यह रही कि रक्षाबंधन केवल एक त्योहार के तौर पर नहीं मनाया गया। इसे विश्वास, जिम्मेदारी और अपनेपन से भी जोड़ा गया। बेटियों ने प्रशासन के प्रति अपना स्नेह जताया, तो जिलाधिकारी ने उनके बेहतर भविष्य और विद्यालयों में सुविधाएं बढ़ाने का भरोसा दिया।
एक तरफ जिलाधिकारी की कलाई पर छात्राओं की बनाई राखी सजी, तो दूसरी तरफ उन्हीं बेटियों के हाथों से तैयार राखियां सीमा पर तैनात जवानों तक भेजी गईं। इस पूरे आयोजन में बेटियों का स्नेह, प्रशासन का भरोसा और जवानों के प्रति सम्मान एक साथ दिखाई दिया।
एक राखी ने जोड़े कई रिश्ते
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी, शिक्षकों और सभी छात्राओं का धन्यवाद किया। हालांकि, इस मुलाकात की सबसे खास चीज छात्राओं के हाथों से बनाई गई वे राखियां रहीं, जिनमें उनकी भावनाएं जुड़ी थीं।
एक राखी ने प्रशासन और बेटियों के बीच अपनापन बढ़ाया, तो दूसरी राखी ने सीमा पर देश की रक्षा कर रहे जवानों तक बहनों का प्यार पहुंचाने का संदेश दिया। पीलीभीत में रक्षाबंधन का यह आयोजन इसलिए खास रहा, क्योंकि यहां राखी सिर्फ कलाई पर नहीं बंधी, बल्कि कई दिलों के बीच स्नेह और विश्वास का रिश्ता भी जोड़ गई।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).