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DUSU Election 2026: काउंटिंग जारी! ABVP का दबदबा, NSUI पीछे; छात्रसंघ की इसी कुर्सी पर बैठ चुके हैं कई दिग्गज नेता..

DUSU Election 2026: काउंटिंग जारी! ABVP का दबदबा, NSUI पीछे; छात्रसंघ की इसी कुर्सी पर बैठ चुके हैं कई दिग्गज नेता..

DUSU Election 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ यानी DUSU चुनाव की मतगणना जारी है। नॉर्थ कैंपस में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के चार पदों के लिए वोटों की गिनती हो रही है और फाइनल रिजल्ट का इंतजार है। लेकिन इस चुनाव को सिर्फ आज के नतीजे के तौर पर देखना अधूरा होगा। DUSU की अध्यक्ष की कुर्सी का एक लंबा राजनीतिक इतिहास है। इस पद पर बैठ चुके कई छात्र नेता आगे चलकर विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और यहां तक कि दिल्ली के मुख्यमंत्री तक बने हैं। मौजूदा दिल्ली CM रेखा गुप्ता भी कभी इसी कुर्सी पर बैठ चुकी हैं।

DUSU की अध्यक्ष की कुर्सी क्यों है खास?

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ की शुरुआत 1949 में हुई थी और इसके पहले चुनाव 1954 में हुए थे। पिछले कई दशकों में DUSU सिर्फ कैंपस की छात्र राजनीति का मंच नहीं रहा, बल्कि यहां से निकले कई नेताओं ने आगे चलकर दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी जगह बनाई।

DUSU के चुनावों में ABVP और NSUI का लंबे समय से प्रमुख मुकाबला रहा है। हालांकि वामपंथी छात्र संगठन और निर्दलीय उम्मीदवार भी अलग-अलग समय पर चुनावी मुकाबले में रहे हैं। इसी वजह से DUSU की अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों की दिलचस्पी हमेशा बनी रही है।

आज DUSU में कैसी है तस्वीर?

इस समय 2026 के चुनाव की मतगणना चल रही है, इसलिए अंतिम नतीजे अभी सामने नहीं आए हैं। आपके दिए राउंड-19 के आंकड़ों के मुताबिक अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास 22,434 वोट के साथ NSUI के विजय मीणा के 21,390 वोट से आगे थे। दोनों के बीच 1,044 वोट का अंतर था।

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन 28,873 वोट के साथ बड़ी बढ़त में थे। सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी 19,846 वोट और संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह 14,965 वोट के साथ आगे चल रहे थे। संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह और निर्दलीय विशेष यादव के बीच सिर्फ 129 वोट का अंतर था।

लेकिन ये सिर्फ राउंड-19 तक की स्थिति है। मतगणना जारी है और फाइनल परिणाम आने के बाद तस्वीर बदल सकती है।

मतगणना के दौरान सुरक्षा भी कड़ी रखी गई है। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली यूनिवर्सिटी में 2,000 से ज्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री जवान तैनात किए गए हैं। मतगणना केंद्र के आसपास सुरक्षा बढ़ाने के साथ प्रमुख सड़कों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।

DUSU अध्यक्ष बनने के बाद कहां पहुंचे बड़े नेता?

DUSU के इतिहास में सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसकी अध्यक्ष की कुर्सी संभालने वाले कई चेहरों ने बाद में सक्रिय राजनीति में बड़ा मुकाम हासिल किया। इनमें अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं और संगठनों से जुड़े नेता शामिल हैं।

अरुण जेटली: DUSU से केंद्रीय वित्त मंत्री तक

अरुण जेटली DUSU के सबसे चर्चित पूर्व अध्यक्षों में गिने जाते हैं। वह 1974-75 में ABVP के उम्मीदवार के तौर पर DUSU अध्यक्ष बने थे।

छात्र राजनीति के बाद उनका राजनीतिक सफर BJP में आगे बढ़ा। वह राज्यसभा सांसद रहे और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह देश के वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री भी रहे।

यानी जिस छात्रसंघ की अध्यक्षी उन्होंने विश्वविद्यालय के दिनों में की थी, उसी छात्र राजनीति से निकलकर वह केंद्र सरकार के बेहद महत्वपूर्ण मंत्रालयों तक पहुंचे।

विजय गोयल: छात्रसंघ से संसद और केंद्र सरकार तक

विजय गोयल भी DUSU अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने 1977 में अध्यक्ष पद संभाला था।

बाद में उनका राजनीतिक सफर दिल्ली से होते हुए संसद तक पहुंचा। वह लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्य रहे और केंद्र सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली।

विजय जॉली: DUSU से दिल्ली विधानसभा तक

BJP नेता विजय जॉली भी DUSU के पूर्व अध्यक्षों में शामिल हैं। उन्होंने 1980-81 में अध्यक्ष पद संभाला था।

बाद में वह दिल्ली विधानसभा पहुंचे और BJP संगठन में भी सक्रिय रहे। इस तरह DUSU की अध्यक्ष की कुर्सी से मुख्यधारा की राजनीति तक पहुंचने वाले चेहरों की सूची में उनका नाम भी शामिल है।

अजय माकन: 21 साल की उम्र में DUSU अध्यक्ष

कांग्रेस नेता अजय माकन ने युवा उम्र में DUSU अध्यक्ष का चुनाव जीता था। वह 1985 में NSUI के उम्मीदवार के तौर पर अध्यक्ष बने।

इसके बाद उन्होंने दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और आगे चलकर केंद्र सरकार में मंत्री बने। वह केंद्रीय स्तर पर आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन तथा युवा मामले एवं खेल जैसे मंत्रालयों से भी जुड़े रहे।

अलका लांबा: DUSU से दिल्ली विधानसभा तक

1995 में NSUI की अलका लांबा DUSU अध्यक्ष बनीं। छात्र राजनीति के बाद उन्होंने मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश किया।

वह दिल्ली विधानसभा की सदस्य रहीं और आगे राजनीतिक संगठन में भी जिम्मेदारियां संभालती रहीं। DUSU से विधानसभा तक पहुंचने वाले नेताओं की सूची में उनका नाम भी शामिल है।

रेखा गुप्ता: DUSU अध्यक्ष से दिल्ली की मुख्यमंत्री तक

इस पूरी कहानी में सबसे मौजूदा और खास उदाहरण दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हैं।

रेखा गुप्ता 1995-96 में DUSU महासचिव और 1996-97 में अध्यक्ष रही थीं। छात्र राजनीति के बाद उन्होंने BJP संगठन में काम किया और फिर दिल्ली नगर निगम की राजनीति में सक्रिय हुईं। वह पार्षद रहीं और दक्षिण दिल्ली नगर निगम की मेयर भी बनीं।

2025 में शालीमार बाग से विधानसभा चुनाव जीतने के बाद वह दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं। यानी DUSU के इतिहास में उनकी यात्रा छात्रसंघ की अध्यक्ष की कुर्सी से दिल्ली के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने का उदाहरण है।

यही वजह है कि आज जब DUSU के नए अध्यक्ष के लिए वोटों की गिनती हो रही है, तो रेखा गुप्ता का नाम इस चुनाव की राजनीतिक विरासत को समझने के लिए खास बन जाता है।

आशीष सूद: DUSU अध्यक्ष से दिल्ली सरकार में मंत्री

DUSU की इस राजनीतिक विरासत में आशीष सूद का नाम भी महत्वपूर्ण है। वह 1988-89 में DUSU अध्यक्ष रहे और बाद में BJP की सक्रिय राजनीति में आगे बढ़े।

2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद वह दिल्ली सरकार में मंत्री बने। यानी छात्र राजनीति से शुरू हुआ उनका सफर भी आगे चलकर राज्य सरकार तक पहुंचा।

DUSU से निकले नेताओं की कहानी क्या बताती है?

DUSU के इतिहास में अरुण जेटली से लेकर रेखा गुप्ता तक अलग-अलग दौर के ऐसे चेहरे मिलते हैं, जिन्होंने छात्र राजनीति के बाद अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रखी। किसी ने दिल्ली विधानसभा का रास्ता चुना, किसी ने संसद का और कुछ केंद्र सरकार में मंत्री पद तक पहुंचे।

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि हर DUSU अध्यक्ष आगे चलकर बड़ा राष्ट्रीय नेता नहीं बना। कई पूर्व पदाधिकारियों ने राजनीति में अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं या दूसरे क्षेत्रों में करियर बनाया। इसलिए DUSU अध्यक्ष पद को किसी नेता के भविष्य की गारंटी के तौर पर देखना सही नहीं होगा।

फिर भी इतिहास यह दिखाता है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति ने कई ऐसे नेताओं को शुरुआती राजनीतिक मंच दिया, जिन्होंने बाद में बड़ी जिम्मेदारियां संभालीं।

अब नजर 2026 के नए चेहरे पर

इस साल की मतगणना अभी जारी है। अध्यक्ष पद पर मुकाबला राउंड-दर-राउंड बदल रहा है और फाइनल नतीजे का इंतजार है।

आज जिस कुर्सी के लिए DUSU में इतनी जोरदार लड़ाई चल रही है, उस पर बैठ चुके नेताओं की सूची में केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और दिल्ली की मौजूदा मुख्यमंत्री तक शामिल हैं।

अब सवाल सिर्फ इतना है कि 2026 में इस कुर्सी पर कौन बैठेगा। इसका जवाब फाइनल रिजल्ट आने के बाद मिलेगा। उसके बाद इस चुनाव के विजेताओं और चारों पदों के अंतिम नतीजों की पूरी तस्वीर अलग से सामने आएगी।