Big News: तेलंगाना के आदिलाबाद स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) के Special Newborn Care Unit (SNCU) में सोमवार देर रात भीषण आग लग गई। नवजात बच्चों के वार्ड में अचानक आग और धुआं फैलने से अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती रिपोर्टों में दो बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद में इलाज के दौरान एक और नवजात की मौत हो गई। इस तरह हादसे में अब तक 3 नवजातों की मौत हो चुकी है। हादसे के दौरान वार्ड में मौजूद दो दर्जन से ज्यादा बच्चों को आनन-फानन में बाहर निकाला गया और कई बच्चों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया।
RIMS के नवजात वार्ड में कैसे लगी आग?
हादसा सोमवार, 21 सितंबर की देर रात करीब 11:40 से 11:50 बजे के बीच हुआ। RIMS के SNCU में उस समय बीमार और समय से पहले जन्मे नवजातों का इलाज चल रहा था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, वार्ड में लगे एयर कंडीशनर में खराबी के बाद आग लगी और देखते ही देखते पूरे वार्ड में धुआं भर गया।
AC में शॉर्ट सर्किट की आशंका
अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में AC यूनिट में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की आशंका सामने आई है। बताया गया कि AC में खराबी के बाद उसमें विस्फोट हुआ और फिर आग भड़क गई। हालांकि, आग लगने की सटीक वजह अभी जांच का विषय है और इसे अंतिम रूप से शॉर्ट सर्किट ही नहीं माना गया है।
धुएं से भर गया वार्ड, शीशे तोड़कर बच्चों को निकाला
आग लगने के बाद SNCU में घना धुआं भर गया। नवजातों के लिए स्थिति बेहद गंभीर हो गई क्योंकि कई बच्चे इनक्यूबेटर में थे और उन्हें तुरंत बाहर निकालना जरूरी था।
स्टाफ और परिजनों ने मिलकर किया रेस्क्यू
अस्पताल के कर्मचारियों और बच्चों के परिजनों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। रिपोर्टों के मुताबिक, धुएं से भरे वार्ड से बच्चों को निकालने के लिए शीशे के पैनल तक तोड़े गए। एहतियात के तौर पर वार्ड की बिजली भी बंद कर दी गई। फायर ब्रिगेड, पुलिस और मेडिकल टीमों ने भी मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन संभाला।
20 से ज्यादा नवजात दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट
बचाए गए बच्चों को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजा गया। अलग-अलग रिपोर्टों में वार्ड में मौजूद बच्चों की संख्या 24 से 28 तक बताई गई है। कुछ रिपोर्टों में 25 बच्चों को सुरक्षित निकालने की जानकारी है, जबकि अन्य रिपोर्टों में 27 या 28 नवजातों के रेस्क्यू का उल्लेख है।
धुएं की चपेट में आए कई बच्चों को आदिलाबाद के निजी अस्पतालों और कुछ को निजामाबाद के अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया। कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई गई थी और डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे थे।
तीन नवजातों की मौत से पसरा मातम
हादसे में सबसे पहले एक पांच दिन के प्रीमैच्योर बच्चे की मौत की खबर सामने आई। इसके बाद एक और गंभीर हालत वाले नवजात ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बाद में निजामाबाद के सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे एक 20 दिन के बच्चे की भी मौत हो गई। इसके साथ ही हादसे में मरने वाले नवजातों की संख्या बढ़कर तीन हो गई।
पांच दिन के बच्चे की मौके पर मौत
रिपोर्टों के मुताबिक, मृतकों में एक पांच दिन का बच्चा भी शामिल था। वह इचोडा इलाके से इलाज के लिए RIMS लाया गया था। शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया कि बच्चे की मौत रेस्क्यू और शिफ्टिंग के दौरान हुई।
तीसरे बच्चे ने निजामाबाद में तोड़ा दम
हादसे के बाद इलाज के लिए निजामाबाद भेजे गए बच्चों में शामिल एक 20 दिन के नवजात की मंगलवार को Government General Hospital में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद हादसे में मृत बच्चों की संख्या तीन हो गई।
फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम RIMS पहुंची। दमकलकर्मियों ने आग को नियंत्रित किया और इसे अस्पताल के दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोका। आग के कारण SNCU के हिस्से को नुकसान पहुंचा है।
धुएं के कारण कुछ नवजातों और अस्पताल में मौजूद लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। कुछ बच्चों को जरूरत के मुताबिक वेंटिलेटर और दूसरी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
कलेक्टर और SP ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
घटना की जानकारी मिलने के बाद आदिलाबाद के जिला कलेक्टर राजर्षि शाह और पुलिस अधीक्षक अखिल महाजन RIMS पहुंचे। अधिकारियों ने अस्पताल में राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया और अस्पताल के कर्मचारियों से घटना की जानकारी ली।
पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच शुरू
पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में इलेक्ट्रिकल सिस्टम और अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग किस वजह से लगी और कहीं कोई सुरक्षा संबंधी चूक तो नहीं हुई।
CM रेवंत रेड्डी ने दिए जांच के आदेश
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियों को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इलाज करा रहे बच्चों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा देने और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने घटना की वजह और संभावित सुरक्षा खामियों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के साथ राज्य के अस्पतालों में फायर और अन्य सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के निर्देश भी दिए हैं।
अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप भी लगे
हादसे के बाद BRS के आदिलाबाद जिला अध्यक्ष और पूर्व मंत्री जोगू रमन्ना ने अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और AC की मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने मृत बच्चों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग भी की। हालांकि, ये आरोप हैं और इनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किए गए नवजातों का इलाज और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आग की वास्तविक वजह और किसी संभावित लापरवाही की तस्वीर विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).