UP Crime: बुलंदशहर में 15 साल की एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसे नहर में धकेलने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि दिल्ली में काम दिलाने का झांसा देकर किशोरी को आरोपियों ने अपने साथ लिया, कई घंटे तक सुनसान रास्तों पर घुमाया और उसके साथ दरिंदगी की। विरोध करने पर उसका गला दबाने की कोशिश की गई और फिर चीती गांव के पास नहर में धकेल दिया गया। लेकिन किशोरी ने हार नहीं मानी। तैरना जानने के कारण वह पेड़ की टहनी और झाड़ियों को पकड़कर करीब दो घंटे तक पानी में जिंदगी के लिए संघर्ष करती रही। बुधवार तड़के ग्रामीणों और पुलिस की मदद से उसे बाहर निकाला गया। मामले में आरोपी भूरा को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी शफीक पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद पकड़ा गया।
कैसे शुरू हुई वारदात? काम दिलाने के बहाने किशोरी को ले गए आरोपी
परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, किशोरी की जिंदगी पहले से मुश्किलों से भरी थी
पीड़िता के पिता और दादा-दादी की पहले ही मौत हो चुकी है। उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली थी और राजस्थान चली गई थी। आरोप है कि मां उसे बेचने की साजिश रचने लगी थी, जिसके बाद किशोरी अपनी ताई के पास पहुंची। ताई मशीन से चारा काटने का काम करती है। वहीं शफीक और उसका साथी भूरा डेयरियों और पशुपालकों को चारा सप्लाई करते हैं।
जानकारी के मुताबिक, ताई ने ही किशोरी को काम सीखने और कुछ दिन रहने के लिए बुलंदशहर नगर निवासी तारा के पास भेजा था। किशोरी 26 सितंबर को तारा के घर पहुंची थी। मंगलवार को उसे दिल्ली में रह रही रिश्ते की ताई की बेटी के यहां भेजने की बात कही गई। आरोप है कि तारा ने दिल्ली में काम दिलाने का बहाना बनाकर किशोरी को अपने पति शफीक के साथ भेज दिया। इसी दौरान किशोरी के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई।
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तीन घंटे तक बाइक से सुनसान रास्तों पर घुमाते रहे आरोपी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें पता था कि मुख्य सड़कों और हाईवे पर पुलिस की गश्ती गाड़ियां रहती हैं। इसी वजह से वे किशोरी को बाइक पर नहर की पटरियों, रजवाहों और गांवों के सुनसान रास्तों से घुमाते रहे। पुलिस के मुताबिक, किशोरी को मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे अपने साथ ले जाने के बाद आरोपी तीन से चार घंटे तक इधर-उधर घूमते रहे।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि रात करीब 11 से 12 बजे के बीच नगला चीती नहर के पास किशोरी के साथ दुष्कर्म किया गया। किशोरी के विरोध करने पर आरोपियों ने उसका गला दबाया। इसके बाद कथित तौर पर सबूत मिटाने के इरादे से उसे चीती गांव के पास नहर में धकेल दिया गया।
नहर में फेंके जाने के बाद दो घंटे तक जिंदगी के लिए लड़ती रही किशोरी
पेड़ की टहनी और झाड़ियों को पकड़कर बचाई जान
आरोपियों को लगा कि किशोरी पानी में डूब गई होगी, लेकिन वह तैरना जानती थी। पानी का तेज बहाव उसे करीब छह-सात मीटर आगे तक ले गया। इसके बावजूद उसने हिम्मत नहीं छोड़ी और किनारे की ओर लटकी पेड़ की टहनी और झाड़ियों को मजबूती से पकड़ लिया।
किशोरी ने पुलिस को बताया कि वह आठवीं कक्षा तक पढ़ी है और उसे तैरना आता है। इसी वजह से वह गहरे पानी में भी खुद को बचाने की कोशिश करती रही। करीब दो घंटे तक पानी में आधी डूबी रहने के बावजूद वह मदद के लिए आवाज लगाती रही। ठंड, डर और कमजोरी के बीच वह लगातार बाहर निकलने का रास्ता तलाशती रही।
तड़के तीन बजे ग्रामीणों ने सुनी चीखें
बुधवार तड़के करीब तीन बजे पास में रहने वाले छोटे लाल पशुओं को चारा डालने के लिए उठे। इसी दौरान उन्हें अंधेरे में किशोरी की कराहने और चीखने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर उन्हें नहर में किसी के फंसे होने का पता चला। उन्होंने तुरंत गांव के दूसरे लोगों को जगाया।
नहर के दूसरी तरफ किशोरी फंसी हुई थी। वहां तक पहुंचने के लिए छह-सात ग्रामीणों को बाइक से करीब ढाई किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ा। सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
रस्सी के सहारे नहर में उतरे ग्रामीण, सुरक्षित बाहर निकाला
किशोरी को बाहर निकालने के लिए ग्रामीण नरेंद्र और अरुण रस्सी के सहारे नहर में उतरे। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने कांपती और बदहवास किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों की तत्परता और किशोरी के तैरने के हुनर ने उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
पुलिस ने किशोरी को इलाज और मेडिकल जांच के लिए भेजा। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। किशोरी को फिलहाल सुरक्षा के बीच वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है।
मुख्य आरोपी शफीक पुलिस मुठभेड़ में घायल, साथी भूरा गिरफ्तार
धरपा मोड़ के पास चेकिंग के दौरान मिली आरोपी की जानकारी
पुलिस के मुताबिक, किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में बुलंदशहर नगर निवासी तारा, उसके पति शफीक और साथी भूरा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। भूरा को बुधवार शाम ही हिरासत में ले लिया गया था। दूसरे आरोपी शफीक की तलाश में पुलिस टीमें जुटी थीं।
एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि बुधवार रात खुर्जा देहात पुलिस धरपा मोड़ के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि आरोपी शफीक नहर की पटरी के पास मौजूद है। पुलिस टीम ने उसकी घेराबंदी की तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में शफीक के पैर में गोली लगी और पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।
अपना गिरा हुआ मोबाइल तलाशने पहुंचा था शफीक
पुलिस के मुताबिक, वारदात के दौरान आरोपी का मोबाइल फोन मौके पर गिर गया था। शफीक उसी फोन को ढूंढ़ने के लिए दोबारा वहां पहुंचा था। इसी दौरान पुलिस को उसकी मौजूदगी की सूचना मिली और घेराबंदी के बाद मुठभेड़ हुई। घायल आरोपी को पुलिस ने इलाज के लिए भेजा।
पूछताछ में वारदात का खुलासा, दोनों आरोपियों को जेल भेजा
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने वारदात में शामिल होने की बात कबूल की। उनके मुताबिक, मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे किशोरी को साथ ले जाया गया था। तीन से चार घंटे तक अलग-अलग जगहों पर घुमाने के बाद रात करीब 11 से 12 बजे के बीच नगला चीती नहर के पास उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
पुलिस के अनुसार, रात करीब डेढ़ बजे किशोरी आरोपियों के चंगुल से निकलकर भागी तो उसे नहर में धकेल दिया गया। आरोपी उसे डूबा हुआ समझकर वहां से चले गए। लेकिन किशोरी तैरना जानती थी और उसने टहनी तथा झाड़ियों का सहारा लेकर खुद को बचाए रखा। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि, बचाव करने वालों को इनाम
बुधवार देर रात किशोरी की मेडिकल जांच कराई गई। दी गई जानकारी के मुताबिक, मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान देने में सावधानी बरती जा रही थी।
एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि शुक्रवार को किशोरी को न्यायालय के सामने पेश कर उसके बयान दर्ज कराए जाएंगे। वहीं, किशोरी को नहर से सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करने वाले डायल 112 के कमांडर और सहचालक को एसएसपी ने 2,500-2,500 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
ग्रामीण नरेंद्र और अरुण समेत गांव के लोगों ने भी किशोरी को बचाने के लिए जान जोखिम में डालकर मदद की। उनकी तत्परता से समय रहते किशोरी को बाहर निकाला जा सका।
मां के पहुंचने का इंतजार, वन स्टॉप सेंटर में रहेगी किशोरी
पुलिस ने बताया कि किशोरी के बताए पते और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर उसकी मां को घटना की सूचना दे दी गई थी। बुधवार देर रात तक मां के बुलंदशहर पहुंचने की उम्मीद जताई गई थी। इसके बाद मां-बेटी की मुलाकात कराने की बात कही गई।
किशोरी ने अपनी मां पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मां से भी बातचीत की जाएगी। फिलहाल किशोरी को वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षा के बीच रखा गया है।
यह मामला एक नाबालिग की सुरक्षा, भरोसे के नाम पर कथित धोखे और गंभीर यौन अपराध से जुड़ा है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है और किशोरी के बयान न्यायालय में दर्ज कराए जाने हैं।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).