विगत दिनों इसी खदान के पकड़े गए थे अवैध परिवहन करते ट्रक
इसी खदान से निकले ट्रक के ड्राइवर ने चलती गाड़ी से होमगार्ड को फेंका था नीचे
प्रशासन की कार्रवाई के बाद बंद हो गई थी खदान
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में इन दिनों बालू खदानों की शुरुआत हो चुकी है और साथ ही किसानों की परेशानी की भी शुरुआत हो गई है। दरअसल जिलाधिकारी कार्यालय एक किसान शिकायत लेकर पहुंचा जिसने मरौली बालू खदान खंड संख्या 5 के संचालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं । आपको बताते चले की यह वही खदान है जिसमें बीते दिनो देर रात प्रशासन ने छापेमारी की थी जहां से बिना रवन्ने के कई ओवरलोड ट्रक पकड़े थे। इसी दौरान चलते ट्रक से होमगार्ड को नीचे फेंक कर ट्रक ड्राइवर ट्रक लेकर भाग गया था। जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई थी और इसी के बाद खदान कुछ दिनों के लिए बंद हो गई थी। सुनने को यहां तक मिला है की इस खदान में जावेद नाम का बालू माफिया भी बैकडोर से सामिल है जिस पर सीबीआई की तलवार लटक रही है और इसी जावेद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की भी नजर है लेकिन यह इतना सातिर बताया जाता है की इसके बाद भी यह खदानों में सामिल रहता है और कोई साबित भी नहीं कर पाता है। इसके कई रिश्तेदार अवैध खनन और अवैध परिवहन में पकड़े जा चुके हैं बीते वर्ष ही जालौन में इसके रिश्तेदार पकड़े गए थे। वहीं यह भी सूचना मिली है की इसी का गुर्गा जो प्रधान रहा है और इस पर कई क्रिमनल मुकदमे भी दर्ज हैं वही रास्ते का काम देख रहा है जो किसानों को धमकाता है और बिना सहमति के जबरन खेत में रास्ता बनाकर परिवहन करा रहा है और किसान के खेत बर्बाद कर रहा है।
आपको बता दें की मटौन्ध थाना अंतर्गत मरौली गांव का एक किसान राघवेंद्र तिवारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा जिसने शिकायत करते हुए बताया की मरौली बालू खदान खंड संख्या पांच के संचालक जबरन दो साल से उसके खेत से परिवहन कर रहे हैं जिस पर उसकी सहमति नहीं है दबंगई के दम पर परिवहन किया जा रहा है रोकने पर मारने की धमकी दी जा रही है इसकी शिकायत वह दो सालों से करता आ रहा है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। वहीं उसने यह भी बताया की जिलाधिकारी ने नाप कराकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।
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गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है